नई दिल्ली। जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम में गुजरात के 10 खिलाड़ियों को जगह मिली है। यह गुजरात के खेल क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। साल 2014 के एशियन गेम्स की तुलना में इस बार गुजरात के खिलाड़ियों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। 2014 में जहां राज्य से केवल तीन खिलाड़ी एशियन गेम्स में शामिल हुए थे, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 10 तक पहुंच गई है।
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए शुरू किए गए खेल महाकुंभ को दिया है। उन्होंने कहा कि खेल महाकुंभ के आयोजन के बाद राज्य में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर मंच मिला है और राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुजरात के खिलाड़ियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
गौरतलब है कि गुजरात को लंबे समय तक मुख्य रूप से व्यापार और उद्योग के राज्य के रूप में जाना जाता रहा है। खेलों के क्षेत्र में राज्य की पहचान उतनी मजबूत नहीं थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खेलों के प्रति बढ़ते फोकस और खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं के कारण स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है।
गुजरात में खेल महाकुंभ की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए की थी। इस आयोजन ने राज्य के लाखों खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका दिया। हर साल खेल महाकुंभ में बड़ी संख्या में खिलाड़ी अलग-अलग खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं। इससे ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाली प्रतिभाओं को भी पहचान मिली है।
एशियन गेम्स 2026 के लिए गुजरात से चुने गए खिलाड़ियों में कई बड़े नाम शामिल हैं। इनमें निशानेबाजी की स्टार खिलाड़ी इलावेनिल वलारिवन, टेबल टेनिस खिलाड़ी हरमीत देसाई, मानव ठक्कर और मानुष शाह शामिल हैं। इसके अलावा सॉफ्ट टेनिस खिलाड़ी अनिकेत पटेल, अंतरराष्ट्रीय तैराक आर्यन नेहरा, टेनिस खिलाड़ी अंकिता रैना और वैदेही चौधरी भी भारतीय टीम का हिस्सा होंगे।
वहीं, धावक देवयानी झाला भी एशियन गेम्स में गुजरात का प्रतिनिधित्व करेंगी। टेनिस खिलाड़ी जील देसाई को रिजर्व खिलाड़ी के रूप में टीम में शामिल किया गया है। इन खिलाड़ियों से भारत को पदक की उम्मीदें भी हैं।
एशियन गेम्स 2026 का आयोजन जापान में किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में एशिया के कई देशों के शीर्ष खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं और यह ओलंपिक के बाद दुनिया की सबसे बड़ी बहु-खेल प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है।
गुजरात के खिलाड़ियों की बढ़ती संख्या राज्य में खेल संस्कृति के विस्तार को दर्शाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं, खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलने से गुजरात में नई पीढ़ी के खिलाड़ी तेजी से उभर रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि खेल महाकुंभ जैसे आयोजनों ने खिलाड़ियों को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर दिया है। इससे न केवल खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुजरात की पहचान भी मजबूत हुई है।
2014 से 2026 तक गुजरात के खिलाड़ियों की संख्या में हुई बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि राज्य अब खेल के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। एशियन गेम्स 2026 में गुजरात के ये खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेंगे और राज्य के साथ पूरे भारत का नाम रोशन करने की कोशिश करेंगे।