एशियन पैरा गेम्स 2026: जूडो में कोकिला का बड़ा उलटफेर, आर्चरी में शीतल का रिकॉर्ड प्रदर्शन
कोकिला के नाम कम से कम रजत तय
आइची-नागोया: एशियन पैरा गेम्स 2026 में सोमवार, 19 अक्टूबर को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पैरा जूडो में कोकिला ने विश्व चैंपियन को हराकर फाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर दिया। वहीं, पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने महिला कंपाउंड रैंकिंग राउंड में 704 अंक हासिल करके विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। शीतल ने नया विश्व रिकॉर्ड नहीं बनाया, बल्कि मौजूदा रिकॉर्ड के बराबर स्कोर किया है।
कोकिला ने विश्व चैंपियन को हराया
कोकिला ने महिला जे2, 52 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में चीन की लियू यी को हराया। रिपोर्ट के अनुसार, मुकाबले का फैसला गोल्डन स्कोर में हुआ। इस जीत के साथ भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण पदक मुकाबले में पहुंच गईं। फाइनल में प्रवेश का अर्थ है कि उनके लिए कम से कम रजत पदक तय हो गया है। उपलब्ध अपडेट में स्वर्ण पदक मुकाबले का परिणाम शामिल नहीं है। awazthevoice.in
विश्व चैंपियन के खिलाफ यह जीत कोकिला के अभियान का महत्वपूर्ण पड़ाव है। सेमीफाइनल में सफलता ने उन्हें खिताब तक पहुंचने का अवसर दिया है। हालांकि, पदक पक्का होने और स्वर्ण जीतने में अंतर है। इसलिए अंतिम मुकाबले का परिणाम आने से पहले उन्हें स्वर्ण पदक विजेता बताना सही नहीं होगा। जूडो में भारत के कपिल परमार का सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी से मुकाबला हुआ। कपिल को इप्पोन से हार मिली और वह कांस्य पदक मुकाबले में पहुंचे। इससे पहले उन्होंने मंगोलिया के प्रतिद्वंद्वी को हराकर अंतिम चार में स्थान बनाया था।
शीतल ने 720 में से बनाए 704 अंक
महिला कंपाउंड तीरंदाजी के रैंकिंग राउंड में शीतल देवी ने संभावित 720 में से 704 अंक हासिल किए। वह क्वालिफिकेशन में पहले स्थान पर रहीं। इस स्कोर के साथ उन्होंने तुर्किये की ओजनूर क्योर के नाम दर्ज विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। शीतल ने अपना पिछला एशियाई रिकॉर्ड भी छह अंक से बेहतर किया।
उनके प्रदर्शन की खासियत दोनों हिस्सों में समान स्कोर रही। शीतल ने पहले और दूसरे हिस्से में 352-352 अंक बनाए। उनके स्कोरकार्ड में 32 एक्स दर्ज रहे। उन्होंने पिछले एशियन पैरा गेम्स में बनाए अपने 680 अंकों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा। क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान आगे के मुकाबलों के लिए मजबूत शुरुआत है, लेकिन इससे व्यक्तिगत स्पर्धा का पदक तय नहीं होता। रैंकिंग राउंड और नॉकआउट चरण अलग हैं। शीतल की उपलब्धि फिलहाल रिकॉर्ड स्कोर और शीर्ष वरीयता हासिल करने की है। अब उनके अगले मुकाबलों के परिणाम महत्वपूर्ण होंगे।
पायल नाग का भी अच्छा प्रदर्शन
भारतीय तीरंदाज पायल नाग ने 675 अंक बनाए और संयुक्त पांचवें स्थान पर रहीं। शीतल और पायल के संयुक्त 1,379 अंकों के साथ भारत महिला कंपाउंड युगल रैंकिंग राउंड में भी शीर्ष पर रहा। इस तरह व्यक्तिगत और युगल, दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों को अच्छी शुरुआत मिली। युगल क्वालिफिकेशन में मजबूत स्कोर भारतीय जोड़ी की संभावनाओं के लिए उत्साहजनक है। फिर भी किसी संभावित पदक को अंतिम परिणाम के रूप में नहीं जोड़ा जाना चाहिए। आगे के चरणों में हर मुकाबले का परिणाम अलग महत्व रखेगा। दर्शकों के लिए रैंकिंग, फाइनल में प्रवेश और पदक जीतने की खबरों के बीच यह अंतर समझना जरूरी है।
166 खिलाड़ियों का भारतीय दल
जापान के आइची-नागोया में आयोजित खेलों में भारत का 166 सदस्यीय खिलाड़ी दल 10 खेलों में भाग ले रहा है। इसमें 111 पुरुष और 55 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। पैरा एथलेटिक्स में सबसे अधिक 62 भारतीय खिलाड़ी हैं। पैरा बैडमिंटन में 28, तैराकी में 16 और निशानेबाजी में 13 खिलाड़ी भारतीय चुनौती पेश कर रहे हैं।
तीरंदाजी में 11 और टेबल टेनिस में 10 भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं। दल में अनुभवी पदक विजेताओं के साथ उभरते खिलाड़ी भी हैं। अलग-अलग खेलों के कार्यक्रम और पदक मुकाबले अलग समय पर होने से दिनभर भारतीय अभियान की स्थिति बदलती रहेगी।
पिछली सफलता के बाद बढ़ी उम्मीदें
भारत ने हांगझोऊ में 2023 में आयोजित पिछले एशियन पैरा गेम्स में रिकॉर्ड 108 पदक जीते थे। इनमें 27 स्वर्ण, 32 रजत और 49 कांस्य शामिल थे। भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था। इससे पहले 2018 में भारतीय दल ने 72 पदक हासिल किए थे। इस बार सोमवार सुबह के प्रमुख अपडेट में कोकिला का फाइनल में पहुंचना और शीतल का विश्व रिकॉर्ड के बराबर स्कोर सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। कोकिला का पदक सुनिश्चित है, जबकि शीतल और पायल को अपने मजबूत क्वालिफिकेशन प्रदर्शन को आगे के मुकाबलों में जारी रखना होगा। अंतिम पदक संख्या संबंधित फाइनल पूरे होने के बाद ही स्पष्ट होगी।