नई दिल्ली: एशियन पैरा गेम्स में तीन बार जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) चैंपियन रहे नीरज यादव ने मंगलवार को अपने फ्लैट पर आत्महत्या कर ली। राष्ट्रीय पैरा-एथलेटिक्स मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने मीडिया को इस घटना की पुष्टि की है।
सत्यनारायण ने बुधवार को मीडिया को बताया, "हां, नीरज ने अपने फ्लैट पर आत्महत्या कर ली है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है। उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है।"
उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज भारत के बेहतरीन पैरा-एथलीटों में से एक थे। उन्होंने लगभग सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेलने के बाद 2015 में एथलेटिक्स में अपना करियर शुरू किया। 2016 में 'फज्जा ग्रां प्री' (Fazza Grand Prix) में उन्होंने पुरुषों के शॉट पुट और डिस्कस थ्रो (F55 क्लास) इवेंट में सिल्वर मेडल जीता था।
2018 के एशियन पैरा गेम्स में, उन्होंने 29.84 मीटर के एशियन रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए 2022 एशियन पैरा गेम्स में नीरज ने दो गोल्ड मेडल जीते - उन्होंने डिस्कस थ्रो (F54/55/56 क्लास) और जैवलिन थ्रो (पुरुष F55 कैटेगरी) में गोल्ड हासिल किया। 2022 में, उन्होंने मोरक्को में आयोजित 'माराकेश पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री' में एक नया भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए गोल्ड मेडल जीता था।
नीरज का जीवन जन्म से ही एक संघर्ष रहा है। 7 साल की उम्र में उन्हें पोलियो हो गया था, जिसके बाद व्हीलचेयर ही उनकी स्थायी साथी बन गई। उन्होंने लगभग सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेलने के बाद 2015 में एथलेटिक्स में अपना करियर शुरू किया। नीरज ने जल्द ही सबका ध्यान अपनी ओर खींचा और जल्द ही वे भारतीय टीम का हिस्सा बन गए। लेकिन, इंडोनेशिया में हुए 2018 एशियन पैरा गेम्स में जैवलिन थ्रो (F55 क्लास) में जीते गए गोल्ड मेडल ने उन्हें असली पहचान दिलाई।
उनके करियर में बड़ा मोड़ 2015 की 'दिल्ली स्टेट एथलेटिक्स मीट' के दौरान आया, जहां उन्होंने शॉट पुट, जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीते थे।
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