विश्व कप 2027 से पहले ऑस्ट्रेलिया की चिंता बढ़ी, कोच एंड्रयू मैक्डोनल्ड ने ICC से की बड़े स्क्वाड की मांग

Update: 2026-07-29 11:11 GMT

नई दिल्ली। वनडे विश्व कप 2027 से पहले डिफेंडिंग चैंपियन ऑस्ट्रेलिया टीम की तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। टीम के मुख्य कोच एंड्रयू मैक्डोनल्ड ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) से आगामी विश्व कप के लिए खिलाड़ियों के स्क्वाड की संख्या बढ़ाने की मांग की है। ऑस्ट्रेलियाई कोच का मानना है कि लंबे टूर्नामेंट, व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल और खिलाड़ियों की बढ़ती चोटों को देखते हुए 15 खिलाड़ियों का स्क्वाड पर्याप्त नहीं है।

विश्व कप 2027 का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में किया जाएगा। इस बार टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी और इसका प्रारूप भी पहले के मुकाबले काफी अलग होगा। ऐसे में टीमों को ज्यादा मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं, जिससे खिलाड़ियों पर शारीरिक दबाव बढ़ने की संभावना है। ऑस्ट्रेलिया के कोच एंड्रयू मैक्डोनल्ड इसी वजह से ICC से स्क्वाड में अतिरिक्त खिलाड़ियों को शामिल करने की अनुमति चाहते हैं।

वर्तमान ICC नियमों के अनुसार, किसी भी बड़े टूर्नामेंट के लिए टीमों को 15 खिलाड़ियों का मुख्य स्क्वाड घोषित करना होता है। हालांकि, मैक्डोनल्ड का कहना है कि इतने बड़े टूर्नामेंट में चोटों के कारण टीमों के सामने कई मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। उन्होंने कहा कि अगर शुरुआती मुकाबलों में दो या तीन खिलाड़ी चोटिल हो जाते हैं तो टीम के पास विकल्प काफी सीमित रह जाते हैं।

मैक्डोनल्ड ने एसईएन रेडियो से बातचीत में कहा कि विश्व कप क्रिकेट का सबसे बड़ा आयोजन होता है और इसमें टीम संयोजन बेहद महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने 2023 वनडे विश्व कप का उदाहरण देते हुए कहा कि कई टीमों को चोटों के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया को भी उस टूर्नामेंट में ऐसी स्थिति से गुजरना पड़ा था, जब कुछ खिलाड़ी चोटिल हो गए थे और टीम के पास सीमित विकल्प रह गए थे।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग देशों में होने वाले मैचों में परिस्थितियां भी बदलती रहती हैं। कहीं तेज गेंदबाजों को मदद मिलती है तो कहीं स्पिनरों की भूमिका अहम हो जाती है। ऐसे में टीमों को हर परिस्थिति के हिसाब से संतुलित स्क्वाड की जरूरत होती है। बड़े स्क्वाड की अनुमति मिलने से टीमों को चोटों और खिलाड़ियों के वर्कलोड को संभालने में मदद मिलेगी।

विश्व कप 2027 का नया फॉर्मेट भी टीमों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। इसमें पहले ग्रुप स्टेज, फिर सुपर सीरीज और उसके बाद सुपर 7 राउंड खेला जाएगा। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले होंगे। 2023 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया ने कुल 11 मुकाबले खेलकर खिताब जीता था, लेकिन 2027 में चैंपियन टीम को कम से कम 13 मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं। वहीं, अगर कोई टीम लगातार अच्छा प्रदर्शन करती है तो फाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को 15 मुकाबले तक खेलने पड़ सकते हैं।

ऑस्ट्रेलिया पहले भी चोटों की समस्या से जूझ चुका है। 2019 और 2023 वनडे विश्व कप के अलावा टी20 विश्व कप में भी टीम को खिलाड़ियों की फिटनेस से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा है। 2023 वनडे विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के स्टार बल्लेबाज ट्रेविस हेड टूर्नामेंट की शुरुआत में चोट के कारण कुछ मुकाबले नहीं खेल पाए थे। उस समय टीम ने उनका रिप्लेसमेंट नहीं लिया था और उपलब्ध खिलाड़ियों में से ही अंतिम एकादश तैयार करनी पड़ी थी।

इसके अलावा तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड भी लगातार चोटों से परेशान रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया को डर है कि 2027 विश्व कप जैसे लंबे टूर्नामेंट में चोटों के कारण टीम का संतुलन बिगड़ सकता है।

ऑस्ट्रेलियाई कोच का यह सुझाव केवल उनकी टीम के लिए नहीं बल्कि सभी बड़ी क्रिकेट टीमों के लिए फायदेमंद हो सकता है। आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों पर लगातार बढ़ते दबाव और व्यस्त कार्यक्रम को देखते हुए ICC आने वाले समय में स्क्वाड नियमों में बदलाव पर विचार कर सकता है। हालांकि, इस पर अंतिम फैसला क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था को ही लेना होगा।

Tags:    

Similar News