हार्दिक पांड्या की फिटनेस पर BCCI की खास नजर

Update: 2026-07-26 08:49 GMT

नई दिल्ली : भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या की फिटनेस एक बार फिर चर्चा का विषय बनी हुई है। इंडियन प्रीमीयर लीग (IPL) 2026 के अंतिम चरण से चोटों से जूझ रहे हार्दिक को लेकर अब राहत भरी खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उनकी रिकवरी सही दिशा में आगे बढ़ रही है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) उनके पूर्ण फिट होने की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दे रहा है। बोर्ड का मुख्य लक्ष्य हार्दिक को 2027 वनडे विश्व कप तक पूरी तरह फिट और मैच के लिए तैयार रखना है।

सूत्रों के मुताबिक, हार्दिक पांड्या फिलहाल जांघ की मांसपेशियों में खिंचाव (क्वाड्रिसेप्स स्प्रेन) से उबर रहे हैं। इसी चोट के कारण उन्हें अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ प्रस्तावित वनडे श्रृंखलाओं से बाहर होना पड़ा। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों और बीसीसीआई की मेडिकल टीम का मानना है कि उनकी रिकवरी संतोषजनक है और वे धीरे-धीरे पूरी फिटनेस की ओर बढ़ रहे हैं।

बताया जा रहा है कि बीसीसीआई इस बार हार्दिक की वापसी को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहता। बोर्ड की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि वह पूरी तरह स्वस्थ होकर लंबे समय तक भारतीय टीम के लिए उपलब्ध रहें। यही वजह है कि फिलहाल उन्हें द्विपक्षीय सीरीज में जल्द वापसी कराने की बजाय उनके कार्यभार (वर्कलोड) को सावधानीपूर्वक प्रबंधित करने की योजना बनाई जा रही है।

रिपोर्टों के अनुसार, अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे श्रृंखला से ठीक पहले लगी एक मामूली चोट ने हार्दिक की रिकवरी प्रक्रिया को प्रभावित कर दिया था। आईपीएल के बाद वह लगातार अपनी फिटनेस पर काम कर रहे थे और बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में नियमित अभ्यास कर रहे थे। उस दौरान वह लगभग पूरी तरह फिट होने के करीब पहुंच चुके थे, लेकिन नई चोट के कारण उनकी वापसी में कुछ समय और लग गया।

बीसीसीआई की मेडिकल टीम और फिटनेस विशेषज्ञ हार्दिक के पुनर्वास कार्यक्रम की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके अभ्यास, वर्कलोड, गेंदबाजी और बल्लेबाजी से जुड़े सभी पहलुओं का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि वापसी के बाद चोट दोबारा न उभरे।

भारतीय टीम के लिए हार्दिक पांड्या का महत्व किसी से छिपा नहीं है। वह ऐसे खिलाड़ियों में शामिल हैं जो बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में टीम को संतुलन प्रदान करते हैं। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और मैच का रुख बदलने की क्षमता उन्हें टीम इंडिया का अहम खिलाड़ी बनाती है।

पिछले कुछ वर्षों में हार्दिक कई बार चोटों से परेशान रहे हैं। पीठ और मांसपेशियों से जुड़ी समस्याओं के कारण उन्हें कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट और सीरीज से बाहर रहना पड़ा। यही कारण है कि इस बार बीसीसीआई उनकी फिटनेस को लेकर बेहद सतर्क नजर आ रहा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हार्दिक पांड्या पूरी तरह फिट रहते हैं तो 2027 विश्व कप में भारतीय टीम की संभावनाएं काफी मजबूत होंगी। उनकी मौजूदगी टीम को अतिरिक्त बल्लेबाज और छठे गेंदबाज का विकल्प देती है, जिससे टीम संयोजन अधिक संतुलित बनता है।

सूत्रों के अनुसार, फिलहाल हार्दिक का पूरा ध्यान पुनर्वास और फिटनेस हासिल करने पर है। वह चरणबद्ध तरीके से ट्रेनिंग कर रहे हैं और मेडिकल टीम की सलाह के अनुसार अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं। उनकी वापसी को लेकर कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं की गई है, क्योंकि बीसीसीआई किसी भी तरह का जोखिम लेने के पक्ष में नहीं है।

भारतीय टीम के आगामी कार्यक्रम को देखते हुए चयनकर्ता भी हार्दिक की उपलब्धता पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, बोर्ड का स्पष्ट रुख यह बताया जा रहा है कि उनकी लंबी अवधि की फिटनेस किसी भी द्विपक्षीय सीरीज से अधिक महत्वपूर्ण है। ऐसे में जब तक मेडिकल टीम उन्हें पूरी तरह फिट घोषित नहीं करती, तब तक उन्हें प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उतारने की संभावना कम है।

क्रिकेट प्रशंसक भी हार्दिक पांड्या की जल्द वापसी का इंतजार कर रहे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, प्रभावी गेंदबाजी और ऊर्जा से भरपूर फील्डिंग भारतीय टीम के लिए हमेशा महत्वपूर्ण रही है। यदि उनकी रिकवरी निर्धारित योजना के अनुसार जारी रहती है, तो आने वाले महीनों में वह फिर से टीम इंडिया की जर्सी में मैदान पर नजर आ सकते हैं।

फिलहाल बीसीसीआई की रणनीति स्पष्ट है—हार्दिक पांड्या को जल्दबाजी में मैदान पर उतारने के बजाय उन्हें पूरी तरह फिट बनाकर 2027 विश्व कप जैसे बड़े लक्ष्य के लिए तैयार करना। यही कारण है कि बोर्ड उनकी फिटनेस और कार्यभार प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

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