नई दिल्ली: भारतीय सेना के पूर्व बास्केटबॉल खिलाड़ी और जैवलिन थ्रोअर की बेटी सीमा कालीरामना ने गुरुवार को ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं के डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज़ मेडल जीता। इसके साथ ही एथलेटिक्स में भारत के पदकों की संख्या चार हो गई।
27 साल की इस एथलीट के छह राउंड में से केवल दो थ्रो ही सही रहे, क्योंकि बार-बार डिस्कस साइड नेटिंग में फंस जा रहा था। यह मेडल सीमा के लिए पहला बड़ा इंटरनेशनल मेडल था। वह PhD कर रही हैं और चार साल के बेटे रुद्र की मां भी हैं।
असल में, मां बनने के साथ-साथ सीमा एक टॉप एथलीट के तौर पर भी आगे बढ़ीं। 2022 में बेटे रुद्र के जन्म से पहले उनका पर्सनल बेस्ट 48.08 मीटर था। 2024 में 11 महीने के ब्रेक के बाद उन्होंने कॉम्पिटिटिव डिस्कस थ्रो में वापसी की और इसे बेहतर करते हुए 57.19 मीटर तक पहुंचाया। इसके बाद इस साल की शुरुआत में भुवनेश्वर में इंडियन चैंपियनशिप में उन्होंने 59.73 मीटर का थ्रो किया।
सीमा को उनके पति रविंदर कालीरामना कोच करते हैं। रविंदर खुद भारत के जाने-माने डिस्कस थ्रो एथलीट हैं और इंडियन U-18 और U-20 चैंपियनशिप में डिस्कस थ्रो में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। सीमा अपने स्पोर्ट्स करियर के साथ-साथ भिवानी की चौधरी बंसी लाल यूनिवर्सिटी (CBLU) से फिजिकल एजुकेशन में PhD भी कर रही हैं।
उनके एथलेटिक करियर को तब बड़ा झटका लगा जब घुटने की गंभीर चोट के कारण उन्हें तीन साल से ज़्यादा समय तक खेल से दूर रहना पड़ा। कड़ी मेहनत और लगन से सीमा ने कॉम्पिटिशन में सफल वापसी की और देश के टॉप डिस्कस थ्रोअर्स में अपनी जगह फिर से बनाई।
उन्होंने 2025 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल जीता और बाद में नेशनल टाइटल भी अपने नाम किया। उनकी वापसी की खास बात 2026 साउथ एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतना और नेशनल सर्किट पर लगातार शानदार प्रदर्शन करना रही।
2026 में सीमा ने 59.73 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो हासिल किया। वह इस इवेंट में भारत की टॉप परफॉर्मर्स में से एक बनकर उभरीं और 2026 एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने के साथ-साथ भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स टीम में भी जगह बनाई।