नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने भारतीय क्रिकेट के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बोर्ड ने भारत के पूर्व तेज गेंदबाज परविंदर अवाना को जूनियर क्रिकेट चयन समिति का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बीसीसीआई ने इस नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की। अवाना के साथ कृष्णा दास, राकेश पटेल और एन. अर्जुन यादव को समिति का सदस्य बनाया गया है। वहीं, पांचवें सदस्य की नियुक्ति जल्द किए जाने की जानकारी दी गई है।बीसीसीआई के अनुसार, क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) ने आवेदकों की स्क्रीनिंग और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन नामों की सिफारिश की थी। इस फैसले के साथ अवाना को भारतीय क्रिकेट की उभरती प्रतिभाओं के चयन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है।
क्रिकेट सलाहकार समिति ने किया चयन
बीसीसीआई की विज्ञप्ति के अनुसार, जूनियर क्रिकेट समिति के गठन के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया अपनाई गई।क्रिकेट सलाहकार समिति ने विभिन्न आवेदकों के अनुभव, योग्यता और क्रिकेट से जुड़े योगदान का आकलन किया। इसके बाद योग्य उम्मीदवारों के साक्षात्कार लिए गए।प्रक्रिया पूरी होने पर परविंदर अवाना को समिति का अध्यक्ष बनाने की सिफारिश की गई। उनके साथ तीन अन्य पूर्व क्रिकेटरों को भी समिति में शामिल किया गया।फिलहाल समिति में चार सदस्यों की नियुक्ति की गई है। बीसीसीआई ने स्पष्ट किया है कि पांचवें सदस्य के नाम की घोषणा जल्द की जाएगी।
भारत के लिए खेले दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच
परविंदर अवाना भारतीय क्रिकेट के अनुभवी पूर्व तेज गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में पदार्पण किया था।अवाना ने भारत के लिए दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। हालांकि, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक अवसर नहीं मिल सके।इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी तेज गेंदबाजी से खास पहचान बनाई। उन्होंने 62 प्रथम श्रेणी मैचों में कुल 191 विकेट हासिल किए।अवाना ने दिल्ली की ओर से रणजी ट्रॉफी में कई वर्षों तक खेला। इसके अलावा वह इंडिया ए और रेस्ट ऑफ इंडिया जैसी प्रतिष्ठित टीमों का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
आईपीएल में पंजाब की टीम से खेल चुके हैं अवाना
परविंदर अवाना ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी अपनी गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था।उन्होंने किंग्स इलेवन पंजाब, जिसे अब पंजाब किंग्स के नाम से जाना जाता है, का प्रतिनिधित्व किया।आईपीएल में उन्होंने 33 मुकाबलों में 39 विकेट लिए। वह 2012 से 2014 के बीच पंजाब फ्रेंचाइजी का हिस्सा रहे।प्रथम श्रेणी, लिस्ट ए और टी20 क्रिकेट को मिलाकर उनके नाम कुल 331 विकेट दर्ज हैं। इनमें प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 191, लिस्ट ए में 63 और टी20 क्रिकेट में 77 विकेट शामिल हैं।
संन्यास के बाद कोचिंग में बनाई पहचान
परविंदर अवाना ने जुलाई 2018 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कोचिंग की दुनिया में कदम रखा।उन्होंने दिल्ली की अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीमों के साथ काम किया। इसके अलावा वह भारतीय अंडर-19 टीम के कोचिंग कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे हैं।अवाना ने बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (COE) के विभिन्न हाई-परफॉर्मेंस कार्यक्रमों में भी योगदान दिया है।इन भूमिकाओं के जरिए उन्हें युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, उनकी प्रतिभा का आकलन करने और प्रतिस्पर्धात्मक क्रिकेट की आवश्यकताओं को समझने का अनुभव प्राप्त हुआ है।
जूनियर चयन समिति की क्या होगी जिम्मेदारी?
बीसीसीआई की जूनियर चयन समिति भारतीय क्रिकेट की युवा प्रतिभाओं की पहचान और आयु वर्ग की टीमों के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।समिति का काम घरेलू प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का आकलन करना और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व के लिए उपयुक्त प्रतिभाओं का चयन करना होता है।इसके अलावा विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की निरंतरता, तकनीकी क्षमता और प्रदर्शन को भी महत्व दिया जाता है।जूनियर चयन व्यवस्था भविष्य की भारतीय क्रिकेट टीम के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने की प्रक्रिया का अहम हिस्सा है।
युवा क्रिकेटरों के लिए महत्वपूर्ण फैसला
परविंदर अवाना की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब भारतीय क्रिकेट में युवा खिलाड़ियों के विकास और घरेलू प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन को लगातार महत्व दिया जा रहा है।एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और कोच के रूप में उनका अनुभव जूनियर चयन प्रक्रिया में उपयोगी साबित हो सकता है।अब उनकी अध्यक्षता वाली समिति के सामने विभिन्न राज्यों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने और निष्पक्ष चयन सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।बीसीसीआई के इस फैसले के बाद जूनियर चयन समिति के पांचवें सदस्य की घोषणा का इंतजार है। नए अध्यक्ष परविंदर अवाना से उम्मीद होगी कि वह अपने क्रिकेट अनुभव और कोचिंग कौशल का इस्तेमाल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को मजबूत बनाने में करेंगे।
Tags: