क्रिकेट: श्रीलंका के खिलाफ खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान कर दिया गया है। चयनकर्ताओं ने टीम में कुछ नए चेहरों को मौका दिया है और कई युवा खिलाड़ियों पर भरोसा भी बनाए रखा है। हालांकि, टीम चयन के बाद कुछ ऐसे खिलाड़ियों के नाम चर्चा में आ गए हैं, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें टीम में जगह नहीं मिल सकी।
चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति के फैसले पर अब सवाल उठ रहे हैं। कई क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने वाले कुछ खिलाड़ियों को टेस्ट टीम में मौका मिलना चाहिए था। इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन से दावेदारी मजबूत की थी, लेकिन एक बार फिर उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
आकिब नबी को फिर नहीं मिला मौका
जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज आकिब नबी इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। उन्होंने रणजी ट्रॉफी में अपनी घातक गेंदबाजी से सभी को प्रभावित किया था। साल 2025-26 रणजी ट्रॉफी सीजन में आकिब नबी ने 60 विकेट हासिल किए थे और वह टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज रहे थे।
उनकी शानदार गेंदबाजी की बदौलत जम्मू-कश्मीर की टीम ने रणजी ट्रॉफी में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में शामिल नहीं किया गया। इससे पहले अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उन्हें मौका नहीं मिला था। लगातार घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद भी टीम में जगह नहीं मिलने से उनके समर्थकों में निराशा है।
सरफराज अहमद को भी झटका
टेस्ट क्रिकेट में भारत को पिछले कुछ समय में मध्यक्रम की बल्लेबाजी को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा है। ऐसे में सरफराज अहमद जैसे खिलाड़ी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते थे। सरफराज भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू कर चुके हैं और उन्होंने कुछ मुकाबलों में अच्छी पारियां भी खेली हैं।
वह घरेलू क्रिकेट में लंबे समय से रन बनाते आ रहे हैं और दबाव की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने श्रीलंका दौरे के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया। क्रिकेट जानकारों का मानना है कि टेस्ट टीम में अनुभवी बल्लेबाजों की जरूरत को देखते हुए सरफराज को एक और मौका दिया जा सकता था।
ऋतुराज गायकवाड़ की दावेदारी भी नजरअंदाज
चेतेश्वर पुजारा के टीम से बाहर होने के बाद भारत को नंबर-3 पर एक भरोसेमंद बल्लेबाज की तलाश है। शुभमन गिल के नंबर-4 पर खेलने के बाद टीम में तीसरे नंबर के बल्लेबाज की जगह अभी पूरी तरह तय नहीं हो पाई है।
ऋतुराज गायकवाड़ इस भूमिका के लिए एक अच्छे विकल्प माने जा रहे हैं। वह घरेलू क्रिकेट और सीमित ओवरों के क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर चुके हैं। उनकी तकनीक और बल्लेबाजी शैली टेस्ट क्रिकेट के लिए उपयोगी मानी जाती है। इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन्हें एक बार फिर टीम से बाहर रखा है।
मोहम्मद शमी की वापसी का इंतजार जारी
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने अपनी फिटनेस और फॉर्म को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत की है। चोट के बाद उन्होंने मैदान पर वापसी की और अपनी गेंदबाजी से प्रभावित किया। इसके बावजूद श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए उन्हें टीम में शामिल नहीं किया गया।
जसप्रीत बुमराह की फिटनेस भी समय-समय पर चिंता का विषय रही है। ऐसे में मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज टीम के लिए अहम साबित हो सकते थे। उनकी स्विंग और अनुभव टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए बड़ा हथियार बन सकता है।
रजत पाटीदार को भी नहीं मिली जगह
रजत पाटीदार ने साल 2024 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में अपना डेब्यू किया था। वह स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अच्छी बल्लेबाजी करने के लिए जाने जाते हैं और मध्यक्रम में टीम को मजबूती दे सकते हैं।
हालांकि, डेब्यू के बाद उन्हें लगातार मौके नहीं मिल पाए और श्रीलंका सीरीज के लिए भी चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया। भारतीय टीम को मध्यक्रम में स्थिरता की जरूरत है, ऐसे में रजत पाटीदार को मौका देने की मांग भी उठ रही है।
कुल मिलाकर श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए चुनी गई टीम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जगह नहीं मिली है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चयनकर्ताओं के फैसले मैदान पर कितने सफल साबित होते हैं। वहीं, बाहर रह गए खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के जरिए एक बार फिर टीम इंडिया में वापसी की कोशिश करेंगे।