114 पदकों के साथ भारत ने रचा इतिहास, पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को दी बधाई
नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने वाले भारतीय पैरा-एथलीटों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 5 नवंबर को मुलाकात की। राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने भारतीय दल के सदस्यों से बातचीत की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भारत ने रिकॉर्ड 114 पदक जीतकर अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि ने भारतीय पैरा खेलों के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक अपने नाम किए। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, भारतीय दल के 97 पैरा-एथलीटों ने पदक जीतने में सफलता हासिल की। यह प्रदर्शन इसलिए भी खास रहा क्योंकि भारत ने एशियन पैरा गेम्स के पिछले संस्करण में बनाए गए अपने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धि ने देश में पैरा खेलों की बढ़ती ताकत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को एक बार फिर साबित किया है।प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले 25 अक्टूबर को भी सोशल मीडिया के माध्यम से खिलाड़ियों को बधाई दी थी। उन्होंने 114 पदकों की ऐतिहासिक उपलब्धि को पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का अवसर बताया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारतीय पैरा-एथलीटों का असाधारण संकल्प और मेहनत लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने इस सफलता में योगदान देने वाले प्रत्येक खिलाड़ी की सराहना की थी।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षक, भारतीय पैरालंपिक समिति और भारतीय ओ एशियन पैरा गेम्स में 114 पदक जीतकर भारत ने रचा इतिहास, पीएम मोदी ने पैरा-एथलीटों से मुलाकात कर बढ़ाया हौसलानई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करने वाले भारतीय पैरा-एथलीटों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 5 नवंबर को मुलाकात की। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों से बातचीत की और उनकी उपलब्धियों की सराहना की। जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड 114 पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता के इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।भारतीय दल ने इस बार कुल 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक हासिल किए। विशेष बात यह रही कि 97 भारतीय पैरा-एथलीटों ने पदक जीतने में सफलता प्राप्त की। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ भारत ने एशियाई पैरा खेलों में अपनी बढ़ती ताकत का प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की सफलता को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने इससे पहले भी भारतीय दल को बधाई देते हुए कहा था कि खिलाड़ियों के असाधारण संकल्प और मेहनत ने लाखों भारतीयों को प्रेरित किया है। प्रधानमंत्री ने इस सफलता में योगदान देने वाले प्रत्येक खिलाड़ी के प्रयास की सराहना की थी।
गुरुवार को आयोजित कार्यक्रम में पदक विजेता खिलाड़ियों के साथ उनके प्रशिक्षक, भारतीय पैरालंपिक समिति और भारतीय ओलंपिक संघ के अधिकारी भी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधिकारियों की उपस्थिति रही। प्रधानमंत्री की खिलाड़ियों से यह मुलाकात एशियन पैरा गेम्स में देश की ऐतिहासिक सफलता का सम्मान करने के उद्देश्य से आयोजित की गईभारत ने इस बार पिछले एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वर्ष 2023 में चीन के हांगझू में आयोजित प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने 108 पदक हासिल किए थे। वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 114 हो गई। इस तरह भारत ने अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से छह पदक अधिक जीतकर नया इतिहास रच दिया।जापान में आयोजित प्रतियोगिता के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया। पैरा-एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए सबसे सफल खेल साबित हुआ। इस खेल में भारत को कुल 65 पदक मिले, जिनमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य पदक शामिल रहेपैरा-बैडमिंटन में भी भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल दिखाया और कुल 16 पदक अपने नाम किए। इनमें तीन स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य पदक शामिल रहे। वहीं पैरा-तैराकी में भारतीय खिलाड़ियों ने 11 पदक हासिल किए। इस स्पर्धा में तीन रजत और आठ कांस्य पदक मिले।
पैरा-तीरंदाजी में भारत को छह पदक हासिल हुए, जिनमें तीन स्वर्ण पदक शामिल रहे। निशानेबाजी में भी खिलाड़ियों ने पांच पदक जीतकर देश की पदक तालिका को मजबूत किया। निशानेबाजी में भारत को दो स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक मिला।एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैरा खेलों में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। विभिन्न देशों के खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों और तकनीकी सहायता के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं।ऐसे माहौल में भारतीय खिलाड़ियों का 114 पदक हासिल करना देश की पैरा खेल प्रतिभाओं की क्षमता को प्रदर्शित करता है। यह परिणाम बताता है कि भारतीय खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि पैरा-एथलीटों की सफलता के पीछे खिलाड़ियों की व्यक्तिगत मेहनत के साथ प्रशिक्षकों, सहयोगी कर्मचारियों और खेल संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए खिलाड़ियों को वर्षों तक अनुशासित प्रशिक्षण और कठिन अभ्यास करना पड़ता है।पैरा खेलों में खिलाड़ियों को अपनी संबंधित स्पर्धाओं के अनुसार विशेष प्रशिक्षण और खेल उपकरणों की आवश्यकता भी हो सकती है। इसलिए इन खेलों में दीर्घकालिक निवेश, सुविधाओं का विस्तार और वैज्ञानिक प्रशिक्षण का महत्व बढ़ जाता है।प्रधानमंत्री मोदी की पैरा-एथलीटों से मुलाकात को खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से उनके खेल करियर को प्रोत्साहन मिलता है। साथ ही युवा खिलाड़ियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान पैरा खेलों को लेकर जागरूकता बढ़ी है। पैरालंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों के कारण पैरा खेलों को व्यापक पहचान मिली है। अब छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी क्षमता दिखाने की संभावनाएं बढ़ रही हैं।विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य में पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों की प्रतिभा की पहचान शुरुआती स्तर पर करना आवश्यक होगा। इसके साथ ही प्रशिक्षकों की उपलब्धता, नियमित प्रतियोगिताएं और बेहतर अभ्यास सुविधाएं भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल का लगातार बेहतर प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि देश में पैरा खेलों का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है। हालांकि, इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने के लिए खिलाड़ियों को नियमित सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियों के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक रहेगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर को खिलाड़ियों की सफलता पर खुशी जताते हुए पूरे भारतीय दल को बधाई दी थी। उन्होंने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व और प्रसन्नता का अवसर बताया था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि भारतीय खिलाड़ियों ने अपने दृढ़ संकल्प से इतिहास रचा है और उनका प्रदर्शन अनगिनत लोगों के लिए प्रेरणा बना है।एशियन पैरा गेम्स 2026 की सफलता भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गई है। 114 पदकों की ऐतिहासिक जीत ने देश की पैरा खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दी है। अब भारतीय खिलाड़ियों की नजर आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसी प्रदर्शन को बरकरार रखने और नए रिकॉर्ड स्थापित करने पर होगी।