नागोया: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर को शानदार सफलता हासिल की। नीतेश कुमार और नवीन शिवकुमार ने अपने-अपने पुरुष एकल वर्ग में स्वर्ण पदक जीते। महिला वर्ग में नित्या श्री सुमति सिवान ने रजत पदक हासिल किया। तुलसीमति मुरुगेसन भी अपने एकल फाइनल में उपविजेता रहीं और भारत के खाते में एक और सिल्वर जुड़ा। इन परिणामों से भारतीय पैरा बैडमिंटन दल के लिए दिन की शुरुआत उत्साहजनक रही। भारत की सफलता अलग-अलग वर्गों में आई है। इसलिए नवीन और नीतेश के स्वर्ण पदकों को अलग स्पर्धाओं की उपलब्धि के रूप में देखना चाहिए। दोनों खिलाड़ियों ने पुरुष एकल में शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि नित्या और तुलसीमति ने अपने वर्गों के फाइनल तक पहुंचकर रजत पदक जीते।
नीतेश कुमार ने जीता पुरुष एकल का स्वर्ण
नीतेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस स्पर्धा का फाइनल पूरी तरह भारतीय था, जिसमें उनके सामने हमवतन प्रमोद भगत थे। नीतेश की जीत के साथ प्रमोद को रजत पदक मिला। इस तरह इस वर्ग में शीर्ष दो स्थान भारतीय खिलाड़ियों के नाम रहे। दो भारतीयों के फाइनल में पहुंचने से मुकाबले से पहले ही देश के लिए गोल्ड और सिल्वर सुनिश्चित हो गए थे। हालांकि, स्वर्ण पदक के लिए दोनों को एक-दूसरे का सामना करना था। नीतेश ने खिताबी जीत दर्ज कर इस अवसर को अपने पक्ष में किया। यह परिणाम भारतीय पैरा बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक ही स्पर्धा में दो खिलाड़ियों का फाइनल खेलना प्रतिस्पर्धा की गहराई दिखाता है। प्रमोद का रजत भी इस सफलता का अहम हिस्सा है।
नवीन शिवकुमार ने एसएल4 में हासिल किया गोल्ड
नवीन शिवकुमार ने पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में स्वर्ण पदक जीता। फाइनल के कार्यक्रम में उनका मुकाबला इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान से निर्धारित था। नवीन ने खिताब हासिल कर भारतीय दल के स्वर्ण पदकों में बढ़ोतरी की। नवीन का फाइनल तक पहुंचने का सफर भी प्रभावशाली रहा था। गुरुवार को सेमीफाइनल में उन्होंने भारत के अभिजीत सखूजा को 21-13, 21-15 से हराया था। इस परिणाम के बाद अभिजीत को कांस्य पदक मिला। सेमीफाइनल के बाद नवीन ने अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में फाइनल तक पहुंचने पर खुशी जताई थी। उन्होंने अच्छी शुरुआत को उस जीत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। अगले दिन स्वर्ण पदक हासिल होने से उनका अभियान और खास बन गया।
नित्या श्री सुमति सिवान को मिला रजत
नित्या श्री सुमति सिवान ने महिला एकल एसएच6 वर्ग में सिल्वर मेडल जीता। उनके फाइनल के कार्यक्रम में चीन की ली फेंगमेई प्रतिद्वंद्वी थीं। नित्या अंतिम मुकाबले में खिताब नहीं जीत सकीं, लेकिन रजत पदक के साथ उन्होंने भारत की सफलता में योगदान दिया। फाइनल तक पहुंचना प्रतियोगिता के कई चरणों में निरंतर प्रदर्शन की मांग करता है। इसलिए रजत को केवल स्वर्ण से चूकने के नजरिए से देखना खिलाड़ी की पूरी उपलब्धि को नहीं दर्शाता। नित्या इससे पहले मिश्रित युगल एसएच6 में कृष्णा नागर के साथ कांस्य पदक भी हासिल कर चुकी थीं। उस स्पर्धा के सेमीफाइनल में भारतीय जोड़ी को इंडोनेशिया की रीना मार्लिना और सुभान के खिलाफ हार मिली थी।
पिछले दिन की सफलता से बनी मजबूत पृष्ठभूमि
भारतीय पैरा शटलरों ने गुरुवार को भी कई पदक हासिल किए थे। नवीन के साथ अभिजीत सखूजा की सफलता के अलावा सुहास यथिराज ने पुरुष एकल एसएल4 में कांस्य जीता था। सुहास को सेमीफाइनल में फ्रेडी सेतियावान से तीन गेम के मुकाबले में हार मिली थी। महिला एकल एसएल3 में संजना कुमारी ने कांस्य हासिल किया। मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी भी कांस्य पदक लेकर लौटी। इन परिणामों ने शुक्रवार के फाइनल मुकाबलों से पहले भारत के अभियान को मजबूती दी।
अलग वर्गों में दर्ज होते हैं परिणाम
पैरा बैडमिंटन में खिलाड़ियों की कार्यात्मक क्षमताओं के आधार पर अलग-अलग वर्ग होते हैं। एसएल3 और एसएल4 पुरुष एकल के अलग मुकाबले हैं, जबकि एसएच6 का परिणाम अलग दर्ज होता है। इसी कारण एक ही दिन कई एकल फाइनल और पदक देखने को मिलते हैं। इन परिणामों के बाद भारतीय प्रशंसकों की नजर बाकी मुकाबलों पर है। हालांकि, खेल जारी होने के कारण कुल पदक संख्या और रैंकिंग बदल सकती है। यहां नवीन और नीतेश के स्वर्ण तथा नित्या सिवान के रजत सहित उपलब्ध परिणामों का उल्लेख किया गया है; इसे पूरे दिन की अंतिम पदक सूची नहीं माना जाना चाहिए।