स्पोर्ट: इंडियन सुपर लीग (ISL) 2026-27 सीजन की तैयारियों के बीच जमशेदपुर फुटबॉल क्लब (JFC) के लिए एक बड़ी वित्तीय चुनौती सामने आई है। क्लब निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य सहभागिता शुल्क (Participation Fee) की पहली किश्त जमा नहीं कर पाया, जिसके बाद अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने सख्त रुख अपनाया है। हालांकि, क्लब को राहत देते हुए AIFF ने जुर्माने के साथ भुगतान करने के लिए 31 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया है।
AIFF के नए वित्तीय मॉडल के तहत ISL में हिस्सा लेने वाले सभी क्लबों के लिए सहभागिता शुल्क जमा करना अनिवार्य किया गया है। इस नियम के अनुसार, 2026-27 सीजन के लिए प्रत्येक क्लब को सालाना 1.10 करोड़ रुपये का शुल्क देना होगा। यह राशि दो बराबर किश्तों में जमा की जानी है। पहली किश्त 55 लाख रुपये की है, जिसे जमा करने की अंतिम तारीख 20 जुलाई तय की गई थी।
जमशेदपुर FC समय पर यह भुगतान नहीं कर सका। क्लब ने परिचालन संबंधी परेशानियों का हवाला देते हुए AIFF से अतिरिक्त समय की मांग की थी। महासंघ ने लीग के हितों और क्लब की स्थिति को देखते हुए JFC को 31 जुलाई तक भुगतान करने की अनुमति दे दी। हालांकि, यह साफ किया गया है कि अब पहली किश्त बिना जुर्माने के स्वीकार नहीं की जाएगी।
JFC के अलावा इंटर काशी क्लब भी तय समय सीमा में भुगतान नहीं कर पाया था। दोनों क्लबों को AIFF ने समान रूप से अतिरिक्त समय दिया है। महासंघ का कहना है कि ISL में वित्तीय अनुशासन बनाए रखना जरूरी है, इसलिए देरी से भुगतान करने वाले क्लबों पर नियमों के अनुसार पेनाल्टी लगाई जाएगी।
AIFF के नए वित्तीय मॉडल के तहत दूसरी किश्त जमा करने की अंतिम तारीख 14 अगस्त निर्धारित की गई है। ऐसे में जमशेदपुर FC के सामने अब दोहरी जिम्मेदारी है। क्लब को पहले 31 जुलाई तक जुर्माने के साथ 55 लाख रुपये की पहली किश्त जमा करनी होगी और इसके बाद 14 अगस्त तक दूसरी किश्त भी चुकानी होगी।
ISL में शामिल 14 क्लबों में से 12 टीमों ने समय पर अपनी वित्तीय प्रक्रिया पूरी कर ली है। कई क्लबों ने सीधे नकद भुगतान किया है, जबकि कुछ टीमों की राशि को AIFF ने पिछले सीजन की पुरस्कार राशि से समायोजित कर दिया है। केरल ब्लास्टर्स समेत कई क्लबों ने निर्धारित समय में भुगतान पूरा किया है।
जमशेदपुर FC के लिए यह वित्तीय देरी ऐसे समय में आई है जब क्लब आगामी सीजन की रणनीति तैयार कर रहा है। टीम प्रबंधन को अब जल्द से जल्द आर्थिक औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी, ताकि मैदान पर टीम निर्माण और अन्य तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
ISL 2026-27 सीजन कई नए बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। नए नियमों के तहत विदेशी खिलाड़ियों को लेकर भी बदलाव किए गए हैं। अब टीमें अधिकतम छह विदेशी खिलाड़ियों को पंजीकृत कर सकेंगी, लेकिन एक मुकाबले में एक समय पर अधिकतम चार विदेशी खिलाड़ी ही मैदान पर उतर पाएंगे। वहीं भारतीय नंबर-9 स्ट्राइकर को अनिवार्य रूप से खिलाने का प्रस्ताव फिलहाल मंजूर नहीं किया गया है।
AIFF का नया मॉडल क्लबों की वित्तीय पारदर्शिता और लीग संचालन को मजबूत करने के उद्देश्य से लागू किया गया है। ऐसे में सभी टीमों के लिए समय पर भुगतान और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी हो गया है। जमशेदपुर FC को अब मिली मोहलत का फायदा उठाकर वित्तीय बाधा दूर करनी होगी, ताकि वह ISL 2026-27 में अपनी तैयारियों को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ा सके।