नई दिल्ली। भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान सलीमा टेटे को भरोसा है कि न्यूजीलैंड में FIH महिला नेशंस कप में मिली शानदार जीत का आत्मविश्वास टीम को अब 2026 महिला हॉकी वर्ल्ड कप में भी बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए प्रेरित करेगा। टीम इंडिया ने नेशंस कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए मेजबान न्यूजीलैंड को फाइनल में 2-0 से हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के बाद भारतीय टीम का मनोबल काफी ऊंचा है और कप्तान टेटे ने वर्ल्ड कप में पदक जीतने का लक्ष्य स्पष्ट कर दिया है।
टेटे ने भरोसे के साथ कहा कि भारतीय टीम इस बार विश्व कप में आक्रामक और स्मार्ट हॉकी खेलते हुए पदक जीतने की कोशिश करेगी। उनका मानना है कि टीम के पास बड़े मंच पर मजबूत प्रदर्शन करने की क्षमता है और नेशंस कप की सफलता ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।
‘इस बार वर्ल्ड कप हमारा होगा’
JioStar के अनुसार, सलीमा टेटे ने कहा, “इस बार FIH हॉकी वर्ल्ड कप हमारा होगा। हम स्मार्ट और अटैकिंग हॉकी खेलेंगे और मेडल जीतकर लाएंगे। मुझे अपनी टीम पर पूरा भरोसा है। हमारे पास ऐसा करने की काबिलियत है।”
कप्तान के इस बयान से साफ है कि भारतीय टीम केवल टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के इरादे से नहीं उतर रही है, बल्कि उसका लक्ष्य पोडियम पर जगह बनाना है। टेटे के मुताबिक, न्यूजीलैंड में मिला खिताब टीम के लिए सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं था, बल्कि उससे खिलाड़ियों को यह विश्वास मिला कि वे दबाव वाले मुकाबलों में भी शीर्ष टीमों को चुनौती दे सकती हैं।
न्यूजीलैंड में रहा शानदार अभियान
भारत ने 2026 FIH महिला नेशंस कप में पूरे टूर्नामेंट के दौरान शानदार प्रदर्शन किया और एक भी मैच नहीं गंवाया। पूल चरण में भारत ने अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में चिली को 6-0 से करारी शिकस्त दी और फाइनल में न्यूजीलैंड को 2-0 से मात दी।
फाइनल में भारत की ओर से नवनीत कौर और सुनेलिता टोप्पो ने गोल किए। शुरुआती क्वार्टर में किए गए इन गोलों ने भारत को मजबूत बढ़त दिलाई, जिसे टीम ने मुकाबले के अंत तक बरकरार रखा। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान पूरा किया।
इस सफलता का एक और बड़ा फायदा भारतीय टीम को मिला। नेशंस कप जीतने के बाद भारत ने अगले सत्र के FIH प्रो लीग में वापसी भी सुनिश्चित की। यानी टीम ने एक ही टूर्नामेंट में खिताब के साथ-साथ शीर्ष स्तर की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी जगह भी मजबूत की।
कप्तान ने खुद भी दिखाया दम
नेशंस कप के दौरान सलीमा टेटे ने कप्तान के साथ-साथ खिलाड़ी के तौर पर भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। जापान के खिलाफ पूल मैच में उन्होंने गोल किया और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ 6-0 की जीत में भी टेटे को प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
उनका प्रदर्शन बताता है कि कप्तान के रूप में वह केवल रणनीति बनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मैदान पर टीम को नेतृत्व देने की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम को उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
वर्ल्ड कप में कड़ी चुनौती
भारतीय महिला टीम के सामने वर्ल्ड कप में चुनौती आसान नहीं होगी। टीम की कप्तानी सलीमा टेटे ही करेंगी और हॉकी इंडिया ने टूर्नामेंट के लिए 20 सदस्यीय टीम की घोषणा की है। टीम में अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया और बिचु देवी खरिबाम जैसे खिलाड़ी शामिल हैं।
ग्रुप चरण में भारत का सामना मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से होना है। इंग्लैंड और चीन जैसी टीमें भारतीय टीम की राह मुश्किल बना सकती हैं। ऐसे में नेशंस कप में मिली सफलता का आत्मविश्वास टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
वर्ल्ड कप से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों के अंतिम चरण में है। गोलकीपिंग विभाग को मजबूत करने के लिए भी विशेष तैयारी की जा रही है। हालिया तैयारियों में अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया और बिचु देवी खरिबाम को डच हॉकी के दिग्गज और पूर्व गोलकीपर पिरमिन ब्लाक से प्रशिक्षण मिला है।
आक्रामक हॉकी पर रहेगा जोर
सलीमा टेटे के बयान से यह भी संकेत मिलता है कि भारतीय टीम विश्व कप में रक्षात्मक रणनीति पर ही निर्भर नहीं रहना चाहती। कप्तान ने साफ तौर पर ‘स्मार्ट और अटैकिंग हॉकी’ खेलने की बात कही है।
नेशंस कप में भारत की सफलता के पीछे टीम की आक्रामक क्षमता भी महत्वपूर्ण रही। सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ छह गोल करना और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ दो गोल की बढ़त को कायम रखना टीम की संतुलित रणनीति को दिखाता है।
टूर्नामेंट में दीपिका भी शानदार फॉर्म में रहीं और छह गोल के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष स्कोरर रहीं। इससे भारतीय टीम के आक्रमण की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पदक के सपने को हकीकत में बदलने की चुनौती
भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती नेशंस कप की सफलता को वर्ल्ड कप में दोहराना होगी। एक टूर्नामेंट जीतने के बाद अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं और दुनिया की शीर्ष टीमें भारत के खिलाफ ज्यादा सतर्क रणनीति के साथ उतरेंगी।
हालांकि, सलीमा टेटे का मानना है कि टीम के पास इस दबाव से निपटने की क्षमता है। उनका आत्मविश्वास पूरी टीम के लिए प्रेरणा बन सकता है। खिलाड़ियों के पास हालिया जीत का अनुभव है और कोचिंग स्टाफ भी वर्ल्ड कप से पहले टीम की कमजोरियों को दूर करने पर काम कर रहा है।
भारत के लिए नेशंस कप की जीत एक महत्वपूर्ण पड़ाव रही है, लेकिन वर्ल्ड कप में असली परीक्षा अब होगी। टीम को मजबूत विपक्ष, बड़े दबाव और महत्वपूर्ण मुकाबलों में निरंतर प्रदर्शन करना होगा।
कप्तान सलीमा टेटे का ‘इस बार वर्ल्ड कप हमारा होगा’ वाला बयान भारतीय महिला हॉकी टीम के बढ़े हुए आत्मविश्वास को दर्शाता है। अब नजर इस बात पर होगी कि न्यूजीलैंड में मिली ऐतिहासिक सफलता का यह आत्मविश्वास विश्व कप के मैदान पर भारतीय टीम को कितनी दूर तक ले जाता है।