नई दिल्ली: भारतीय टीम का आगामी न्यूजीलैंड दौरा अलग-अलग प्रारूपों में उसकी तैयारियों और भविष्य की योजनाओं को परखने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा। पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री का मानना है कि इस दौरे से भारतीय क्रिकेट की दिशा का स्पष्ट संकेत मिलेगा। उन्होंने बल्लेबाजी की चुनौतियों, तेज गेंदबाजों के इस्तेमाल और फील्डिंग के स्तर को लेकर अपनी राय रखी है। भारत को न्यूजीलैंड में पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय, पांच वनडे और दो टेस्ट मैच खेलने हैं। दौरे की शुरुआत 22 अक्टूबर से होगी। 
फील्डिंग में सुधार सबसे बड़ी जरूरत
शास्त्री ने भारतीय टीम की फील्डिंग को अपनी सबसे बड़ी चिंता बताया। उनके अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए इस विभाग का स्तर बेहतर होना जरूरी है। उन्होंने बल्लेबाजी और गेंदबाजी में निरंतरता के साथ मैदान पर चुस्ती तथा अवसरों को भुनाने की अहमियत रेखांकित की। पूर्व कोच ने न्यूजीलैंड में बल्लेबाजों को सीम और स्विंग के लिए तैयार रहने की बात भी कही। उनके मुताबिक, सर्दियों के बाद वहां की परिस्थितियां गेंदबाजों की मदद कर सकती हैं। हवा और पिच से मिलने वाली मूवमेंट के बीच बल्लेबाजों को तेजी से तालमेल बैठाना होगा। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में साझेदारियों को महत्वपूर्ण माना, क्योंकि लगातार विकेट गिरने से दबाव बढ़ सकता है।  
बुमराह को संभालकर इस्तेमाल करने की सलाह
जसप्रीत बुमराह को लेकर शास्त्री ने कार्यभार प्रबंधन पर जोर दिया। उनका विचार है कि आगामी वनडे विश्व कप तक उन्हें लगातार तीनों प्रारूपों में खिलाने के बजाय प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। उन्होंने न्यूजीलैंड के दो टेस्ट में बुमराह की भूमिका महत्वपूर्ण बताई। शास्त्री ने भुवनेश्वर कुमार की टी20 टीम में वापसी का स्वागत किया। उनके अनुसार, भुवनेश्वर का अनुभव न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उपयोगी होगा। उन्होंने मोहम्मद शमी को भी टेस्ट और वनडे में वापसी का दावेदार बताया। ये चयन को लेकर शास्त्री के विचार हैं, किसी नई टीम घोषणा की जानकारी नहीं। 
तीनों प्रारूपों में कुल 12 मुकाबले
न्यूजीलैंड क्रिकेट के घोषित कार्यक्रम के अनुसार, भारतीय टीम का दौरा 22 अक्टूबर से एक दिसंबर तक चलेगा। इसमें कुल 12 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले निर्धारित हैं। मेजबान बोर्ड के मुताबिक, उसके इतिहास में किसी एक घरेलू दौरे के लिए यह सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों वाला कार्यक्रम है।
क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में शुरुआती दो टी20 मुकाबले 22 और 24 अक्टूबर को होंगे। इसके बाद टी20 सीरीज वेलिंगटन, ऑकलैंड और हैमिल्टन पहुंचेगी। वनडे चरण के बाद दोनों टीमें टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने होंगी। पहला टेस्ट 19 नवंबर से वेलिंगटन और दूसरा 27 नवंबर से क्राइस्टचर्च में शुरू होगा। इतना लंबा कार्यक्रम खिलाड़ियों की फिटनेस के साथ विभिन्न प्रारूपों में जल्दी ढलने की क्षमता भी परखेगा। 
टी20 में श्रेयस की अगुआई, युवाओं को अवसर
बीसीसीआई की घोषणा के अनुसार, टी20 टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। तिलक वर्मा उपकप्तान हैं। टीम में अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, इशान किशन और वैभव सूर्यवंशी जैसे बल्लेबाज शामिल हैं। गेंदबाजी विकल्पों में अर्शदीप सिंह, भुवनेश्वर कुमार, मयंक यादव, कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती के नाम हैं। इस चयन में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उभरते चेहरों को अवसर दिया गया है। हालांकि, अंतिम एकादश और बल्लेबाजी क्रम का निर्णय मैच की परिस्थितियों के अनुसार होगा। टीम में चयन होने और लगातार खेलने का अवसर मिलने के बीच अंतर रहेगा। इसलिए युवा खिलाड़ियों के इस्तेमाल पर भी निगाहें रहेंगी। 
भारत ए का कार्यक्रम भी तैयारी का हिस्सा
सीनियर टीम के दौरे के साथ भारत ए को न्यूजीलैंड ए के खिलाफ तीन बहुदिवसीय मुकाबले खेलने हैं। बीसीसीआई ने इस टीम की कप्तानी ध्रुव जुरेल को दी है। घोषित दल में यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, देवदत्त पडिक्कल, वाशिंगटन सुंदर, आकाश दीप, अंशुल कंबोज और मानव सुथार सहित कई खिलाड़ी शामिल हैं।
ये मुकाबले 24 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं। विदेशी परिस्थितियों में लंबे प्रारूप का अभ्यास खिलाड़ियों की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगा। भारत ए और सीनियर टीम के कार्यक्रम का साथ चलना प्रबंधन को खिलाड़ियों की उपलब्धता तथा तैयारियों पर नजर रखने का अवसर भी देगा। 
टेस्ट टीम में फिटनेस और संतुलन पर नजर
टेस्ट दल में ऋषभ पंत का चयन फिटनेस मंजूरी की शर्त के साथ किया गया है। जसप्रीत बुमराह की वापसी हुई है। शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम के सामने विदेश में बल्लेबाजी और गेंदबाजी का सही संतुलन बनाने की चुनौती होगी। वनडे सीरीज में पहले तीन मैचों की कप्तानी गिल और अंतिम दो की कप्तानी श्रेयस अय्यर करेंगे। यह कार्यक्रम अगले वर्ष होने वाले वनडे विश्व कप की तैयारियों से भी जुड़ा है। दौरे के घोषित कार्यक्रम और चयन को देखते हुए भारत के सामने तत्काल परिणामों के साथ भविष्य के विकल्प परखने का अवसर है। बल्लेबाजी में साझेदारियां, गेंदबाजों की फिटनेस और फील्डिंग का प्रदर्शन इस आकलन के प्रमुख आधार होंगे। शास्त्री की टिप्पणियों का केंद्र भी यही है कि मजबूत तैयारी को मैदान पर लगातार प्रदर्शन में बदलना होगा।
Tags: