स्पोर्ट्स :  भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच शनिवार, 7 नवंबर को वेलिंग्टन में होने वाले दूसरे वनडे मुकाबले में कोहली के पास महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ने का सुनहरा मौका होगा। क्रिकेट प्रशंसक लंबे समय से इस सवाल पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या विराट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन के 100 शतकों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड तक पहुंच पाएंगे। हालांकि उस उपलब्धि तक पहुंचना अभी दूर की चुनौती है, लेकिन वेलिंग्टन में कोहली लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन सकते हैं।
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर फिलहाल लिस्ट-ए क्रिकेट में 60-60 शतकों के साथ संयुक्त रूप से शीर्ष पर हैं। यदि विराट न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे वनडे में शतक लगाने में सफल होते हैं, तो उनके लिस्ट-ए शतकों की संख्या 61 हो जाएगी। इसके साथ ही वह सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़कर इस प्रारूप में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे। कोहली ने सितंबर 2026 में वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम वनडे में शतक लगाकर सचिन के 60 लिस्ट-ए शतकों के रिकॉर्ड की बराबरी की थी।
क्रिकेट में लिस्ट-ए मुकाबलों का विशेष महत्व है। इसमें अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों के अलावा मान्यता प्राप्त घरेलू और अन्य एकदिवसीय प्रतियोगिताओं के मुकाबले भी शामिल होते हैं। इस वजह से लिस्ट-ए क्रिकेट के आंकड़े केवल अंतरराष्ट्रीय वनडे रिकॉर्ड से अलग होते हैं। सचिन तेंदुलकर ने अपने शानदार करियर के दौरान 60 लिस्ट-ए शतक लगाए थे। दूसरी ओर विराट कोहली इस उपलब्धि की बराबरी कर चुके हैं और अब एक और शतक उन्हें सूची में अकेले शीर्ष पर पहुंचा सकता है।
दोनों बल्लेबाजों के बीच सबसे दिलचस्प अंतर शतकों तक पहुंचने के लिए खेली गई पारियों का है। सचिन ने अपने 60 लिस्ट-ए शतक 538 पारियों में बनाए थे, जबकि विराट ने सितंबर 2026 में महज 338 पारियों में यह आंकड़ा छू लिया था। यह अंतर कोहली की सीमित ओवरों के क्रिकेट में निरंतरता और बड़े स्कोर बनाने की क्षमता को दर्शाता है।
विराट कोहली ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए हैं, जिन्हें लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वह वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज भी हैं। सितंबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने अपने वनडे करियर का 55वां शतक लगाया था। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ एक और शतक उनके वनडे शतकों की संख्या 56 तक पहुंचा सकता है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा वनडे सीरीज में भी कोहली शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। ऑकलैंड में खेले गए पहले मुकाबले में उन्होंने 51 गेंदों पर 74 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को लक्ष्य का पीछा करते हुए मजबूती दी और भारत ने पांच विकेट से जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन के साथ कोहली ने वनडे क्रिकेट में सफल लक्ष्य का पीछा करते हुए सर्वाधिक रन बनाने के मामले में भी सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ दिया।
अब दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया की नजर सीरीज में बढ़त मजबूत करने पर होगी। भारतीय टीम पहले मैच में मिली जीत के बाद आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम अपने घरेलू मैदान पर वापसी करने का प्रयास करेगी। ऐसे में वेलिंग्टन का मुकाबला रोमांचक होने की उम्मीद है।
दूसरा वनडे वेलिंग्टन के हेनरी स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला 7 नवंबर को निर्धारित है। इस मैदान पर तेज गेंदबाजों को परिस्थितियों का फायदा मिल सकता है। हवा और मौसम की स्थिति बल्लेबाजों के सामने अतिरिक्त चुनौती पैदा कर सकती है। हालांकि विराट कोहली न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खेलने का लंबा अनुभव रखते हैं। उनके लिए नई गेंद के शुरुआती खतरे को संभालना और उसके बाद लंबी पारी खेलना महत्वपूर्ण होगा।
इस मुकाबले में कोहली के सामने केवल सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग का एक बड़ा रिकॉर्ड भी होगा। न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने की सूची में कोहली पॉन्टिंग के करीब पहुंच चुके हैं। पहले वनडे की 74 रनों की पारी के बाद वह पॉन्टिंग के रिकॉर्ड की बराबरी पर आ गए हैं। ऐसे में दूसरे वनडे में एक रन बनाते ही वह इस मामले में भी आगे निकल सकते हैं।
विराट कोहली की सबसे बड़ी ताकत लक्ष्य का पीछा करते समय उनकी बल्लेबाजी रही है। वह परिस्थितियों के अनुरूप अपनी पारी की गति बदलने और जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिटनेस, विकेटों के बीच तेज दौड़ और लंबे समय तक बल्लेबाजी करने की क्षमता ने उन्हें आधुनिक क्रिकेट का सफल बल्लेबाज बनाया है।
सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तुलना भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से होती रही है। सचिन ने लगभग ढाई दशक तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना दबदबा बनाए रखा और 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों का ऐसा रिकॉर्ड स्थापित किया, जिसे हासिल करना बेहद कठिन माना जाता है। वहीं विराट ने आधुनिक क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी से अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं।
हालांकि दोनों खिलाड़ियों ने अलग-अलग दौर में क्रिकेट खेला है। गेंदबाजी आक्रमण, बल्लेबाजी की परिस्थितियां, मैचों की संख्या और खेल की रणनीतियां समय के साथ बदली हैं। इसलिए उनके करियर की तुलना करते समय इन पहलुओं को ध्यान में रखना भी जरूरी है।
विराट कोहली के लिए वेलिंग्टन वनडे व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ टीम की जीत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहेगा। यदि वह शतक लगाते हैं, तो न केवल लिस्ट-ए क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ेंगे, बल्कि भारतीय टीम की जीत की संभावनाओं को भी मजबूती दे सकते हैं।
अब क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें 7 नवंबर के मुकाबले पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या वेलिंग्टन का मैदान विराट कोहली के करियर में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि का गवाह बनेगा या फिर लिस्ट-ए क्रिकेट के इस बड़े रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए उन्हें अगले मुकाबले का इंतजार करना पड़ेगा।
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