नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मारुति सुजुकी की एक SUV ने बिक्री के मामले में शानदार प्रदर्शन किया है। यह कार न तो बलेनो है, न वैगनआर, स्विफ्ट, अर्टिगा या फ्रोंक्स। दरअसल, कंपनी की मारुति सुजुकी विक्टोरिस (Maruti Suzuki Victoris) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में बिक्री के आंकड़ों से सबको चौंका दिया है। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच इस SUV की बिक्री में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले करीब 1581 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।बिक्री में इस शानदार उछाल के साथ विक्टोरिस मारुति सुजुकी के सबसे तेजी से बढ़ते मॉडलों में शामिल हो गई है। इसकी बिक्री में आई तेजी ने कंपनी की लोकप्रिय कारों को भी वृद्धि दर के मामले में पीछे छोड़ दिया है।
छह महीने में बिकीं 72 हजार से ज्यादा कारें
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान मारुति सुजुकी विक्टोरिस की कुल 72,012 यूनिट बिकीं।इसकी तुलना में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी ने 4,282 यूनिट की बिक्री दर्ज की थी। इस तरह बिक्री में 67,730 यूनिट का इजाफा हुआ और सालाना वृद्धि दर 1581.74 प्रतिशत रही।यह आंकड़ा इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि विक्टोरिस ने बहुत कम समय में SUV बाजार में अपनी पहचान बनाई है। हालांकि, प्रतिशत में इतनी बड़ी वृद्धि का एक प्रमुख कारण पिछले वर्ष का अपेक्षाकृत छोटा बिक्री आधार भी है।
बलेनो, फ्रोंक्स और स्विफ्ट से भी आगे निकली ग्रोथ
बिक्री वृद्धि के मामले में मारुति विक्टोरिस ने कंपनी के कई स्थापित मॉडलों को पीछे छोड़ दिया।अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच बलेनो की बिक्री में 50.81 प्रतिशत, फ्रोंक्स में 43.40 प्रतिशत, वैगनआर में 36.60 प्रतिशत और स्विफ्ट में 29.97 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।इसी अवधि में अर्टिगा की बिक्री में 20.75 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, कुल यूनिट बिक्री के मामले में इनमें से कई कारें विक्टोरिस से आगे रहीं।इससे स्पष्ट है कि विक्टोरिस की सबसे बड़ी उपलब्धि उसकी बिक्री की तेज वृद्धि दर रही है, न कि कंपनी की सबसे अधिक बिकने वाली कार बनना।
दमदार इंजन और हाइब्रिड तकनीक
मारुति सुजुकी विक्टोरिस में अलग-अलग ग्राहकों की जरूरतों के अनुसार कई पावरट्रेन विकल्प दिए गए हैं।इस SUV में 1.5 लीटर का पेट्रोल माइल्ड-हाइब्रिड इंजन मिलता है, जो लगभग 103 बीएचपी की पावर और 139 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है। इसमें मैनुअल और ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के विकल्प उपलब्ध हैं।इसके अलावा स्ट्रॉन्ग-हाइब्रिड संस्करण भी मिलता है, जिसमें पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का इस्तेमाल किया गया है। यह तकनीक ईंधन की खपत कम करने में मदद करती है।
CNG मॉडल में 27 किलोमीटर तक का माइलेज
विक्टोरिस की एक विशेषता इसका अंडरबॉडी CNG टैंक है। इस तकनीक की मदद से CNG सिलेंडर को गाड़ी के निचले हिस्से में लगाया गया है, जिससे बूट स्पेस का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।कंपनी के दावे के अनुसार, इसका CNG संस्करण लगभग 27 किलोमीटर प्रति किलोग्राम का माइलेज देता है।ईंधन की बचत को प्राथमिकता देने वाले ग्राहकों के लिए यह फीचर आकर्षक हो सकता है। हालांकि, वास्तविक माइलेज सड़क की स्थिति, यातायात और ड्राइविंग के तरीके पर निर्भर करेगा।
सेफ्टी और आधुनिक फीचर्स से लैस
मारुति विक्टोरिस में 10.25 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, डिजिटल ड्राइवर डिस्प्ले और आधुनिक कनेक्टिविटी सुविधाएं मिलती हैंसुरक्षा के लिए छह एयरबैग, एबीएस, इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रैक्शन कंट्रोल, हिल होल्ड कंट्रोल और ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट जैसे फीचर्स दिए गए हैं।ऊंचे वेरिएंट में 360 डिग्री कैमरा, टायर प्रेशर मॉनिटरिंग सिस्टम और लेवल-2 ADAS तकनीक भी उपलब्ध है। इसमें ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग, एडेप्टिव क्रूज कंट्रोल और लेन कीप असिस्ट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
SUV बाजार में मजबूत हो रही विक्टोरिस की पकड़
भारत में SUV सेगमेंट की लोकप्रियता के बीच मारुति विक्टोरिस ने बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की है।ग्राहकों के लिए पेट्रोल, हाइब्रिड और CNG जैसे विकल्प उपलब्ध होना इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल है। इसके अलावा आधुनिक तकनीक और सुरक्षा सुविधाएं भी इस कार को प्रतिस्पर्धी बनाती हैं।छह महीने में 72 हजार से अधिक यूनिट की बिक्री इस बात का संकेत है कि विक्टोरिस को बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले महीनों में कंपनी इस बिक्री वृद्धि को किस स्तर तक बनाए रख पाती है।
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