ऑटो। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बेहतर माइलेज वाली गाड़ियों की मांग लगातार बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के बीच ग्राहक अब ऐसी SUV खरीदना चाहते हैं, जो शानदार परफॉर्मेंस के साथ ईंधन की बचत भी कर सके। इसी मांग को देखते हुए दक्षिण कोरिया की प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां हुंडई और किआ भारतीय बाजार में नई हाइब्रिड SUV लाने की तैयारी कर रही हैं। इनमें हुंडई क्रेटा हाइब्रिड और किआ सेल्टोस हाइब्रिड जैसे लोकप्रिय मॉडल शामिल हैं। इन गाड़ियों के आने से ग्राहकों को ज्यादा माइलेज के साथ आधुनिक तकनीक और नए फीचर्स का विकल्प मिलेगा।रिपोर्ट्स के अनुसार, हुंडई और किआ की नई हाइब्रिड SUV वर्ष 2027 में भारतीय बाजार में दस्तक दे सकती हैं। हालांकि, कुछ मॉडलों की लॉन्च तारीख, कीमत और माइलेज के आधिकारिक आंकड़ों की घोषणा अभी बाकी है।
हुंडई क्रेटा हाइब्रिड की 2027 में एंट्री संभव
भारतीय बाजार में हुंडई क्रेटा काफी लोकप्रिय SUV है। कंपनी अब इसकी अगली पीढ़ी के मॉडल में हाइब्रिड तकनीक शामिल करने की तैयारी कर रही है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई क्रेटा हाइब्रिड में 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन मिल सकता है। यह तकनीक पेट्रोल की खपत कम करने और बेहतर माइलेज उपलब्ध कराने में मदद करेगी।नई क्रेटा में डिजाइन और इंटीरियर से जुड़े बदलाव भी देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा आधुनिक डिजिटल डिस्प्ले, कनेक्टेड कार तकनीक और सुरक्षा से जुड़े नए फीचर्स मिलने की संभावना है।क्रेटा हाइब्रिड का भारतीय बाजार में आगमन 2027 के दौरान होने की उम्मीद है।
किआ सेल्टोस हाइब्रिड भी मचाएगी हलचल
किआ ने अक्टूबर 2026 में पेरिस मोटर शो के दौरान अपनी नई सेल्टोस हाइब्रिड को प्रदर्शित किया है। इस मॉडल को भारत में 2027 के दौरान पेश किए जाने की उम्मीद है।अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रदर्शित सेल्टोस हाइब्रिड में 1.6 लीटर पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन दिया गया है। इसका संयुक्त पावर आउटपुट लगभग 178 हॉर्सपावर बताया गया है।वैश्विक मॉडल में इलेक्ट्रिक ऑल-व्हील ड्राइव तकनीक भी शामिल है। हालांकि, भारतीय संस्करण में फ्रंट-व्हील ड्राइव विकल्प मिलने की संभावना जताई जा रही है।भारत में लॉन्च होने वाली सेल्टोस हाइब्रिड के अंतिम इंजन स्पेसिफिकेशन और माइलेज की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
आखिर कैसे काम करती है हाइब्रिड तकनीक?
हाइब्रिड कारों में पारंपरिक पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर और बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है। दोनों प्रणालियां मिलकर वाहन को चलाने में मदद करती हैं।स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड कारें कुछ परिस्थितियों में केवल इलेक्ट्रिक मोटर की सहायता से भी चल सकती हैं। धीमी रफ्तार और ट्रैफिक के दौरान यह तकनीक ईंधन की खपत कम करने में उपयोगी होती है।इसके अलावा ब्रेक लगाने और गति कम करने के दौरान ऊर्जा को पुनः प्राप्त करके बैटरी चार्ज की जा सकती है। इस प्रक्रिया को रीजनरेटिव ब्रेकिंग कहा जाता है।ऐसी गाड़ियों का एक बड़ा फायदा यह है कि सामान्य स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड मॉडल को बाहरी चार्जिंग स्टेशन पर चार्ज करने की आवश्यकता नहीं होती।
माइलेज में कितना मिलेगा फायदा?
हाइब्रिड SUV का सबसे बड़ा आकर्षण बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी है। पेट्रोल इंजन और इलेक्ट्रिक मोटर का संयुक्त इस्तेमाल ईंधन की बचत करने में मदद कर सकता है।खासकर शहर के ट्रैफिक में बार-बार ब्रेक लगाने और गाड़ी चलाने की स्थिति में स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड तकनीक उपयोगी साबित हो सकती है।हालांकि, हुंडई क्रेटा हाइब्रिड और किआ सेल्टोस हाइब्रिड के भारतीय मॉडलों का प्रमाणित माइलेज अभी सामने नहीं आया है। वास्तविक माइलेज गाड़ी के वजन, सड़क की स्थिति, ड्राइविंग शैली और हाइब्रिड सिस्टम पर निर्भर करेगा।
किन गाड़ियों से होगा मुकाबला?
भारतीय बाजार में हुंडई और किआ की आने वाली हाइब्रिड SUV को कई स्थापित मॉडलों से प्रतिस्पर्धा करनी होगीइनमें मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा, टोयोटा अर्बन क्रूजर हाइराइडर और रेनो डस्टर हाइब्रिड जैसी गाड़ियां शामिल हैं।इन कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा से ग्राहकों को बेहतर तकनीक, फीचर्स और माइलेज वाले अधिक विकल्प मिलने की उम्मीद है।
कीमत और लॉन्च को लेकर क्या है अपडेट?
हुंडई क्रेटा हाइब्रिड और किआ सेल्टोस हाइब्रिड दोनों के 2027 में आने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, कंपनियों ने सभी मॉडलों की सटीक लॉन्च तारीख और भारतीय कीमतों की पुष्टि नहीं की है।हाइब्रिड तकनीक के कारण इन गाड़ियों की कीमत सामान्य पेट्रोल वेरिएंट से अधिक हो सकती है।फिलहाल ग्राहकों को कंपनियों की आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा। आने वाले समय में इन SUV के लॉन्च होने से भारतीय बाजार में हाइब्रिड वाहनों की प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है।