वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए जीत की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। 198 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम की सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल ने बेहतरीन अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि स्मृति मंधाना के आउट होने के बाद मैदान पर उतरीं शैफाली वर्मा ने चौके-छक्कों की बरसात कर दी। दोनों बल्लेबाजों ने जिम्बाब्वे की गेंदबाजों पर दबाव बनाते हुए भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को खेले जा रहे इस मुकाबले में भारत ने 24 ओवर की समाप्ति पर एक विकेट के नुकसान पर 157 रन बना लिए थे। प्रतिका रावल 83 गेंदों पर 80 रन बनाकर खेल रही थीं, जबकि शैफाली वर्मा 28 गेंदों पर 41 रन बनाकर उनका साथ निभा रही थीं। भारत को उस समय जीत के लिए केवल 41 रन की आवश्यकता थी।
प्रतिका रावल ने खेली शानदार अर्धशतकीय पारी
भारतीय सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की। उन्होंने जिम्बाब्वे की गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक शॉट लगाते हुए भारतीय टीम को शानदार शुरुआत दिलाई।प्रतिका ने पहले ओवर में लगातार दो चौके लगाए और फिर मैदान के चारों ओर रन बटोरे। उन्होंने ऑफ साइड में कट और ड्राइव के जरिए कई आकर्षक बाउंड्री लगाईं।
उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत खराब गेंदों को पहचानकर उनका फायदा उठाना रहा।प्रतिका ने 15वें ओवर की पहली गेंद पर लॉरिन फिरी के खिलाफ शानदार स्क्वायर कट लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया।अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने अपनी पारी को और आगे बढ़ाया। 23 ओवर की समाप्ति पर प्रतिका 82 गेंदों में 79 रन बनाकर खेल रही थीं।24वें ओवर में उन्होंने एक रन लेकर अपना व्यक्तिगत स्कोर 80 तक पहुंचाया।
शैफाली वर्मा ने दिखाई विस्फोटक बल्लेबाजी
स्मृति मंधाना के आउट होने के बाद तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं शैफाली वर्मा ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया।उन्होंने अपनी पारी की शुरुआत में शानदार कट शॉट के जरिए चौका लगाया। इसके बाद लगातार स्ट्राइक रोटेट करते हुए रन गति बनाए रखी।शैफाली ने लॉरिन फिरी, ओलिंडर चारे और बिलव्ड बीजा के खिलाफ बेहतरीन शॉट खेले।उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ शानदार टाइमिंग भी दिखाई दी।उन्होंने जरूरत के अनुसार आगे बढ़कर गेंदबाजों पर दबाव बनाया और कमजोर गेंदों को बाउंड्री तक पहुंचाया।
24वें ओवर में लगाया शानदार छक्का
भारतीय पारी का 24वां ओवर शैफाली वर्मा की आक्रामक बल्लेबाजी के नाम रहा।जिम्बाब्वे की गेंदबाज ओलिंडर चारे इस ओवर में गेंदबाजी करने आईं।पहली गेंद पर शैफाली ने क्रीज से आगे बढ़कर सीधा शानदार चौका लगाया।इसके बाद तीसरी गेंद पर उन्होंने घुटना मोड़कर जबरदस्त स्लॉग स्वीप खेला।गेंद बल्ले के बीचोंबीच लगी और हवा में ऊंची उड़ते हुए सीमा रेखा के पार छह रन के लिए पहुंच गई।यह शॉट इतना शानदार था कि बाउंड्री पर मौजूद क्षेत्ररक्षक के पास गेंद रोकने का कोई मौका नहीं था।इसी ओवर में शैफाली ने दो और एक रन भी लिए, जबकि प्रतिका ने एक रन बनाया।इस ओवर से भारतीय टीम ने 13 रन जुटाए और स्कोर 157 रन तक पहुंचा दिया।
स्मृति मंधाना ने बनाए 32 रन
इससे पहले भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने प्रतिका रावल के साथ मिलकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी हुई।मंधाना ने 34 गेंदों पर 32 रन बनाए। उनकी पारी में चार शानदार चौके शामिल रहे।हालांकि, 16वें ओवर की तीसरी गेंद पर वह बड़ा शॉट लगाने के प्रयास में आउट हो गईं।ओलिंडर चारे की गेंद पर मंधाना क्रीज से आगे निकलीं और गेंद को लॉन्ग ऑन के ऊपर से भेजने की कोशिश की।लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगी और हवा में उठ गई। बिलव्ड बीजा ने बाउंड्री के पास शानदार कैच पकड़कर जिम्बाब्वे को पहली सफलता दिलाई।
पहले विकेट के लिए 95 रन की साझेदारी
भारतीय टीम को प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने बेहतरीन शुरुआत दिलाई।दोनों ने पहले 10 ओवर में बिना विकेट खोए 72 रन बनाए। इसके बाद भी भारतीय बल्लेबाजों ने संयम बनाए रखा और स्कोर को 93 रन तक पहुंचाया।16वें ओवर में मंधाना का विकेट गिरने के बावजूद भारतीय टीम की रन गति प्रभावित नहीं हुई।शैफाली वर्मा ने आते ही आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी और प्रतिका रावल के साथ दूसरे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी बनाई।24 ओवर की समाप्ति पर दोनों के बीच 62 रन की अटूट साझेदारी हो चुकी थी।
जिम्बाब्वे ने बनाए थे 197 रन
इससे पहले जिम्बाब्वे की महिला टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 49.5 ओवर में 197 रन बनाए।भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को 200 रन के भीतर रोक दिया।श्री चरणी ने चार विकेट हासिल किए, जबकि क्रांति गौड़ ने तीन विकेट लेकर विपक्षी टीम पर दबाव बनाया।दीप्ति शर्मा को दो और शैफाली वर्मा को एक विकेट मिला।जिम्बाब्वे की ओर से बिलव्ड बीजा ने संघर्षपूर्ण अर्धशतकीय पारी खेली, लेकिन अन्य बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सकीं।
भारतीय टीम जीत के करीब
24 ओवर में 157 रन बनाने के बाद भारत को जीत के लिए केवल 41 रन और चाहिए थे।टीम के पास नौ विकेट शेष थे और 26 ओवर का खेल बाकी था।ऐसे में भारतीय टीम मुकाबले में बेहद मजबूत स्थिति में पहुंच चुकी थी।जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के सामने भारतीय बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने की चुनौती थी।