वर्ल्ड: दुनिया के मशहूर पर्वतारोही निर्मल 'निम्स' पुरजा की पाकिस्तान और चीन की सीमा पर स्थित ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में मौत हो गई है। उनके एडवेंचर ग्रुप 'एलीट एक्सपेड' ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी आधिकारिक पुष्टि की। इस दर्दनाक हादसे में निम्स पुरजा के साथ उनके दो साथी पर्वतारोही भी अपनी जान गंवा बैठे। पर्वतारोहण जगत में इस खबर के बाद शोक की लहर फैल गई है।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शुक्रवार को ब्रॉड पीक के वेस्ट रिज रूट पर हुआ। करीब 21,600 से 21,850 फीट की ऊंचाई पर अचानक आए भीषण हिमस्खलन ने कई पर्वतारोहियों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद निर्मल पुरजा और उनके साथ मौजूद पांच अन्य पर्वतारोहियों के लापता होने की खबर सामने आई थी। बचाव अभियान चलाया गया, लेकिन खराब मौसम और बेहद कठिन परिस्थितियों के कारण राहत कार्यों में काफी चुनौतियां आईं।
एलीट एक्सपेड ने अपने बयान में बताया कि इस त्रासदी में निर्मल पुरजा के अलावा उनके अनुभवी साथी और गाइड पुर बहादुर गुरुंग तथा निमा शेर्पा का भी निधन हो गया है। संस्था ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है।
निर्मल पुरजा पर्वतारोहण की दुनिया में एक ऐसा नाम थे, जिन्होंने असंभव लगने वाले कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्हें दुनिया भर में 'निम्स दाई' के नाम से जाना जाता था। साल 2019 में उन्होंने दुनिया की सभी 14 सबसे ऊंची चोटियों, जिनकी ऊंचाई 8,000 मीटर से अधिक है, को रिकॉर्ड समय में फतह कर इतिहास रचा था। उन्होंने यह उपलब्धि केवल छह महीने और छह दिन में हासिल की थी।
निम्स पुरजा इससे पहले ब्रिटेन की स्पेशल बोट सर्विस (SBS) और गोरखा रेजिमेंट में भी सेवाएं दे चुके थे। सेना से जुड़े रहने के दौरान उन्होंने अनुशासन और कठिन परिस्थितियों में काम करने का अनुभव हासिल किया, जिसका इस्तेमाल उन्होंने पर्वतारोहण के क्षेत्र में किया।
उनकी उपलब्धियों में दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची चोटी K2 को सर्दियों के मौसम में फतह करना भी शामिल है। वह उस नेपाली टीम का हिस्सा थे, जिसने पहली बार सर्दियों में K2 पर चढ़ाई कर इतिहास बनाया था। उनकी नेतृत्व क्षमता और साहस ने उन्हें दुनिया के बेहतरीन पर्वतारोहियों में शामिल कर दिया था।
निम्स पुरजा की जिंदगी और उनके ऐतिहासिक अभियान 'प्रोजेक्ट पॉसिबल' पर नेटफ्लिक्स की डॉक्यूमेंट्री '14 पीक्स: नथिंग इज इंपॉसिबल' भी बनाई गई थी। इस डॉक्यूमेंट्री के जरिए दुनियाभर के लोगों ने उनके संघर्ष, जुनून और हिम्मत को करीब से जाना। उन्होंने लाखों युवाओं को यह संदेश दिया कि कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।
ब्रॉड पीक दुनिया की 12वीं सबसे ऊंची चोटी है और इसे पर्वतारोहियों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। यहां मौसम अचानक बदल जाता है और हिमस्खलन का खतरा हमेशा बना रहता है। इस हादसे ने एक बार फिर दुनिया को याद दिलाया है कि ऊंचे पहाड़ों की चढ़ाई कितनी जोखिम भरी होती है।
निर्मल पुरजा का निधन पर्वतारोहण जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनके रिकॉर्ड, साहस और संघर्ष की कहानियां आने वाली पीढ़ियों के पर्वतारोहियों को हमेशा प्रेरित करती रहेंगी।