बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का आरोप शेख हसीना ने उठाए गंभीर सवाल
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग की अध्यक्ष शेख हसीना ने शारदीय दुर्गोत्सव के अवसर पर देश में धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 में उनकी सरकार के सत्ता से हटने के बाद से हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा, मंदिरों में तोड़फोड़, संपत्तियों पर कब्जे और डराने-धमकाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हसीना ने कहा कि इस वर्ष दुर्गा पूजा ऐसे माहौल में मनाई जा रही है, जब अल्पसंख्यक समुदायों के बीच असुरक्षा की गहरी भावना बनी हुई है।
दुर्गा पूजा पर शेख हसीना ने जारी किया संदेश
शेख हसीना ने दुर्गा पूजा के अवसर पर हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए देश की मौजूदा परिस्थितियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दुर्गोत्सव धार्मिक आस्था, शक्ति और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय इस बार सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच त्योहार मना रहे हैं।हसीना ने अपने संदेश में कहा कि उन्हें अत्यंत दुख और पीड़ा के साथ यह कहना पड़ रहा है कि इस वर्ष दुर्गोत्सव ऐसे समय में आया है, जब सनातन धर्म के अनुयायियों सहित बांग्लादेश के धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों के बीच गहरी असुरक्षा की भावना व्याप्त है।उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों को लगातार हिंसा और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
मंदिरों और घरों पर हमलों का लगाया आरोप
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने बयान में कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि 5 अगस्त 2024 को छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद उनकी सरकार के सत्ता से हटने के पश्चात अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।हसीना ने हत्याओं, धार्मिक मूर्तियों की तोड़फोड़, मंदिरों और आवासीय परिसरों पर हमलों, संपत्ति पर अवैध कब्जे तथा जबरन वसूली जैसी घटनाओं का उल्लेख किया।उन्होंने महिलाओं के खिलाफ हिंसा और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को डराने-धमकाने की कथित घटनाओं पर भी चिंता व्यक्त की। हालांकि, उनके बयान में लगाए गए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अगस्त 2024 के घटनाक्रम का किया जिक्र
शेख हसीना ने बांग्लादेश में अगस्त 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम को भी अपने बयान से जोड़ा। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन के बाद उनकी सरकार के सत्ता से हटने के समय से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।उनका आरोप है कि धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। हसीना ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना अत्यंत आवश्यक है।उन्होंने इन परिस्थितियों को केवल बांग्लादेश का आंतरिक मुद्दा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय भी बताया।
बांग्लादेश सरकार ने सुरक्षा का दिया आश्वासन
दूसरी ओर, बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने धार्मिक पहचान से परे सभी नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई है।12 अक्टूबर को हिंदू समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा था कि हर नागरिक को समान अधिकार और सुरक्षा मिलनी चाहिए। सरकार ने दुर्गा पूजा के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सतर्क रहने के निर्देश भी दिए हैं।
सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की अपील
शेख हसीना ने अपने संदेश में धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक सद्भाव और सभी समुदायों के अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया। उन्होंने हिंदू समुदाय को दुर्गोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए शांति और एकता बनाए रखने का संदेश दिया।पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। वहीं, सरकार ने सभी धार्मिक समुदायों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।