तेहरान। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने देश की सैन्य क्षमताओं को लेकर बड़ा दावा किया है। प्रवक्ता के अनुसार, ईरानी सुरक्षा बलों ने संघर्ष के दौरान दुश्मन के 260 विमानों को मार गिराया और सात ड्रोन को सही-सलामत जब्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपनी रक्षा और सैन्य तकनीक में ऐसी नई क्षमताएं विकसित की हैं, जो भविष्य में उसके विरोधियों को हैरान कर सकती हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।IRGC प्रवक्ता का यह बयान ईरान की सैन्य तैयारियों और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर जारी चर्चाओं के बीच सामने आया है। प्रवक्ता ने कहा कि ईरान अपनी रक्षा क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है और किसी भी संभावित खतरे का सामना करने के लिए तैयार है। उन्होंने संकेत दिया कि देश की सैन्य तकनीक और रक्षा प्रणालियों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं।
260 विमानों को मार गिराने का दावा
आईआरजीसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहब्बी ने शनिवार, 7 नवंबर को तेहरान में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरानी एयरोस्पेस फोर्स ने अमेरिका और इजरायल के साथ हुए संघर्ष के दौरान 260 से अधिक शत्रु विमानों और अन्य हवाई वाहनों को नष्ट किया। उनके मुताबिक, इनमें एफ-35, एफ-16 और एफ-18 जैसे लड़ाकू विमानों के साथ विभिन्न प्रकार के ड्रोन भी शामिल थे।मोहब्बी ने कहा कि यह आंकड़ा केवल आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स की उपलब्धियों से संबंधित है। इसमें ईरान की नियमित सेना की कार्रवाई शामिल नहीं है। हालांकि, इतने बड़े पैमाने पर विमानों को मार गिराने के ईरानी दावे की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
सात जासूसी ड्रोन सही-सलामत कब्जे में लेने का दावा
प्रवक्ता ने बताया कि पिछले एक से दो सप्ताह के दौरान ईरानी बलों ने सात एमक्यूएम-170 टोही ड्रोन को सुरक्षित अवस्था में अपने कब्जे में लिया है। उन्होंने इसे ईरान की तकनीकी और वायु रक्षा क्षमताओं का प्रमाण बताया।सैन्य विशेषज्ञों के लिए किसी ड्रोन का सुरक्षित बरामद होना महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इससे उसकी तकनीकी संरचना, संचार प्रणाली और निगरानी उपकरणों का अध्ययन किया जा सकता है। हालांकि, इन सात ड्रोन की बरामदगी और उनकी तकनीकी स्थिति का स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
जमीन के नीचे मिसाइल उत्पादन केंद्र तैयार
आईआरजीसी प्रवक्ता ने ईरान की भूमिगत सैन्य सुविधाओं को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश ने मिसाइल और ड्रोन निर्माण की उत्पादन इकाइयों को जमीन के नीचे स्थानांतरित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है।उनके अनुसार, पहले भूमिगत ठिकानों का इस्तेमाल मुख्य रूप से मिसाइलों के भंडारण के लिए किया जाता था, लेकिन अब वहां हथियारों के उत्पादन की सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य संभावित हवाई हमलों के दौरान सैन्य उत्पादन को जारी रखना है।मोहब्बी ने दावा किया कि ईरान ने ऐसी उत्पादन व्यवस्था तैयार की है, जिसे भारी बमबारी के बावजूद पूरी तरह बाधित करना कठिन होगा। उन्होंने नई भूमिगत मिसाइल सुविधाओं और सैन्य उपलब्धियों को सार्वजनिक करने की योजना का भी उल्लेख किया।
स्वदेशी तकनीक और हथियार निर्माण पर जोर
प्रवक्ता ने कहा कि ईरान ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए घरेलू वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग मजबूत किया है। उनके मुताबिक, देश अब केवल विदेशी हथियारों पर निर्भर रहने के बजाय अपने सैन्य उपकरणों का निर्माण और निर्यात भी कर रहा है।उन्होंने शाहेद-136 ड्रोन, अरमान मिसाइल, 358 ड्रोन और खोरदाद-3 वायु रक्षा प्रणाली का उल्लेख किया। मोहब्बी ने कहा कि इन उपलब्धियों के पीछे ईरानी वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि ईरान अपनी मिसाइलों और ड्रोन की रडार पर पहचान कम करने वाली तकनीक विकसित कर रहा है। उनके अनुसार, इसका उद्देश्य विरोधी देशों की उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों को पार करने की क्षमता बढ़ाना है।आईआरजीसी प्रवक्ता ने भविष्य में संभावित सैन्य संघर्ष को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि ईरान के खिलाफ एक और युद्ध शुरू होता है, तो दुनिया उसकी एयरोस्पेस फोर्स की नई क्षमताओं को देखेगी।मोहब्बी ने दावा किया कि ईरान ने कई ऐसी सैन्य तकनीकें विकसित की हैं, जिन्हें अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं का प्रदर्शन विरोधियों के लिए अप्रत्याशित साबित हो सकता है।उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। ईरान लगातार अपनी रक्षा तैयारियों और स्वदेशी हथियार निर्माण को राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताता रहा है।
अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चर्चा
आईआरजीसी के ताजा दावों ने ईरान की सैन्य क्षमता और संभावित क्षेत्रीय संघर्ष को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। विशेष रूप से 260 से अधिक विमानों को नष्ट करने और सात ड्रोन सुरक्षित कब्जे में लेने के दावे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इनकी पुष्टि के लिए स्वतंत्र प्रमाण आवश्यक हैं।फिलहाल ये आंकड़े ईरानी सैन्य प्रवक्ता के बयानों पर आधारित हैं। ईरान का कहना है कि वह अपनी सैन्य क्षमताओं को और मजबूत कर रहा है, जबकि क्षेत्र में किसी नए संघर्ष की आशंका अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।