इजराइल-लेबनान शांति वार्ता रोम में होगी

Update: 2026-07-28 07:02 GMT
Washington वॉशिंगटन: स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि इज़राइल और लेबनान के बीच अमेरिका की अगुवाई में बातचीत का अगला दौर 4 से 6 अगस्त तक रोम में होगा। इसमें टेक्निकल टीमें भविष्य में शांति और सुरक्षा समझौते के लिए एक रूपरेखा (फ्रेमवर्क) को आगे बढ़ाने पर काम करेंगी।
बातचीत का फोकस दक्षिणी लेबनान में पायलट ज़ोन का दायरा बढ़ाने, सीमा से जुड़े लंबित विवादों को सुलझाने और पिछले महीने दोनों देशों के बीच हुए फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने पर होगा।
स्टेट डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने कहा, "दक्षिणी लेबनान में पहले पायलट ज़ोन की सफल शुरुआत और पिछले हफ़्ते राष्ट्रपति आउन की राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई सार्थक बैठक के बाद हम काफी उत्साह के साथ इन चर्चाओं में शामिल हो रहे हैं।"
रोम में होने वाली बैठक में इज़राइल और लेबनान के टेक्निकल ग्रुप्स शामिल होंगे। अमेरिका इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच बातचीत में मध्यस्थता कर रहा है।
अधिकारी ने कहा, "रोम में, टेक्निकल ग्रुप्स फ्रेमवर्क समझौते को पूरी तरह लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसमें पायलट ज़ोन की प्रक्रिया का विस्तार करना, सीमा से जुड़े सभी लंबित मुद्दों को सुलझाना और शांति और सुरक्षा के एक व्यापक समझौते पर काम करना शामिल है।"
पायलट ज़ोन का मकसद दक्षिणी लेबनान में लेबनानी सरकार का अधिकार बहाल करना है। इसमें उस इलाके में सक्रिय आतंकवादी संगठनों के सत्यापन योग्य निरस्त्रीकरण (हथियार हटाने) की भी बात कही गई है।
अधिकारी ने कहा, "पहला पायलट ज़ोन ज़मीनी स्तर पर वास्तविक प्रगति करने का एक ठोस मौका है। इससे आतंकवादी संगठनों के सत्यापन योग्य निरस्त्रीकरण के ज़रिए लेबनानी सरकार का अधिकार बहाल होगा और अगले कदमों के लिए ज़रूरी भरोसा बनेगा।"
इज़राइली रक्षा बलों ने पिछले हफ़्ते दक्षिणी लेबनान में एक पायलट ज़ोन से अपनी पहली वापसी की थी। इसके बाद बेरूत ने यरूशलेम पर लेबनानी सशस्त्र बलों के कामकाज में बाधा डालने का आरोप लगाया था।
हालांकि, स्टेट डिपार्टमेंट ने कहा कि अधिकार सौंपने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है। प्रशासन पहले ज़ोन को सीमा पर दूसरी जगहों पर इसी तरह की व्यवस्थाओं के लिए एक परीक्षण के तौर पर देख रहा है।
अधिकारी ने कहा, "शुरुआती ज़ोन का अनुभव हमें पायलट-ज़ोन के कार्यान्वयन को बेहतर बनाने में मदद करेगा ताकि इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा सके।"
वॉशिंगटन ने इस फ्रेमवर्क को इज़राइल और लेबनान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने और सुरक्षा की ज़्यादा टिकाऊ व्यवस्था कायम करने के मुख्य रास्ते के तौर पर पेश किया है।
अधिकारी ने कहा, "त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क ही स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है। इसे पूरी तरह लागू करना दोनों देशों के स्पष्ट हित में है, और ट्रंप प्रशासन इसकी सफलता के लिए प्रतिबद्ध है।" यह नया दौर 3 जून को वाशिंगटन में स्टेट डिपार्टमेंट में अमेरिका की मेज़बानी में इज़राइली और लेबनानी प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई पिछली बैठक के बाद हो रहा है। इसमें अमेरिका में इज़राइल के राजदूत येचिएल लीटर, स्टेट डिपार्टमेंट के चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ डैनियल होलर, लेबनान में अमेरिकी राजदूत मिशेल इस्सा और अमेरिका में लेबनान की राजदूत नाडा हमदेह शामिल थे।
रोम में ये बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब इज़राइल अक्टूबर में होने वाले नेसेट (संसद) चुनाव की तैयारी कर रहा है। ऐसी चिंताएं जताई गई हैं कि आने वाले चुनाव से इज़राइल की सेना की वापसी की प्रक्रिया और मुश्किल हो सकती है, जबकि लेबनान दक्षिण में अपनी सेना के लिए ज़्यादा ऑपरेशनल कंट्रोल चाहता है।
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