नई दिल्ली। भारत और पोलैंड ने तकनीक, नवाचार और युवाओं के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बातचीत के बाद घोषणा की कि दोनों देश 'इंडिया-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज' स्थापित करेंगे। इसके साथ ही भारत और पोलैंड के युवाओं के लिए संयुक्त टेक्नोलॉजी हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रों में नई साझेदारियां विकसित करना है।नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में हुई बैठक के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों को भी शामिल किया गया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डोनाल्ड टस्क के साथ हुई बातचीत को सकारात्मक बताया।उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने अपनी रणनीतिक साझेदारी में हुई प्रगति की समीक्षा की और व्यापार, निवेश, रक्षा, अंतरिक्ष तथा परमाणु ऊर्जा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और पोलैंड प्रौद्योगिकी, नवाचार और लोगों के बीच आपसी संपर्क को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे।उन्होंने कहा कि स्टार्टअप ब्रिज और टेक्नोलॉजी हैकाथॉन के जरिए दोनों देशों के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने तथा नवीन विचारों पर काम करने के अवसर मिलेंगे।
इंडिया-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज से बढ़ेंगे अवसर
प्रस्तावित इंडिया-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज दोनों देशों के उद्यमियों और नवाचार से जुड़े संस्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने की पहल है।इससे भारतीय स्टार्टअप को पोलैंड के तकनीकी और कारोबारी क्षेत्र से जुड़ने तथा पोलैंड के उद्यमियों को भारतीय नवाचार व्यवस्था को समझने के अवसर मिल सकते हैं।दोनों देशों की कंपनियां प्रौद्योगिकी आधारित उत्पादों, डिजिटल सेवाओं और अन्य नवाचारों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाश सकेंगी।हालांकि, स्टार्टअप ब्रिज के संचालन, वित्तीय सहायता और प्रतिभागियों के चयन संबंधी विस्तृत नियम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
युवाओं के लिए आयोजित होंगे टेक्नोलॉजी हैकाथॉन
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि दोनों देशों के युवाओं के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने के लिए विशेष हैकाथॉन आयोजित किए जाएंगेइन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, युवा इंजीनियरों, सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और स्टार्टअप संस्थापकों को तकनीकी समस्याओं के समाधान विकसित करने का अवसर मिल सकता है।हैकाथॉन का उद्देश्य नई सोच, रचनात्मकता और तकनीकी कौशल को प्रोत्साहित करना होता है।प्रधानमंत्री के अनुसार, इन पहलों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, वित्तीय प्रौद्योगिकी और अन्य उभरती तकनीकों में सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
AI और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
भारत और पोलैंड ने सूचना प्रौद्योगिकी तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में पहले से मौजूद सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पोलैंड में कई भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियां काम कर रही हैं। दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को मजबूत करने के लिए यह एक महत्वपूर्ण आधार है।बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और डिजिटल नवाचार के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।दोनों देशों ने उभरती तकनीकों में अनुसंधान और नवाचार से संबंधित सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन में भी बढ़ेगा सहयोग
तकनीकी साझेदारी के अलावा प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने शिक्षा, संस्कृति, खेल और पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई।प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड में संस्कृत अध्ययन और भारतीय संस्कृति के प्रति रुचि का उल्लेख किया।उन्होंने कहा कि दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध आपसी मित्रता को मजबूत बनाते हैं।पोलैंड के क्राकोव शहर में भारतीय अध्ययन से जुड़ी शैक्षणिक पहल का भी उल्लेख किया गया। दोनों नेताओं ने विद्यार्थियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया।
रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी हुई बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड टस्क ने रक्षा, अंतरिक्ष तथा परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।प्रधानमंत्री मोदी ने पोलैंड की कंपनियों को भारत के साथ संयुक्त विकास और उत्पादन की संभावनाएं तलाशने के लिए आमंत्रित किया।इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिज और कोयला गैसीकरण जैसे क्षेत्रों में पोलैंड की विशेषज्ञता का उपयोग करके नई साझेदारियां विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा
भारत और पोलैंड ने अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था।डोनाल्ड टस्क 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनके साथ एक बड़ा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आया है।इस यात्रा के दौरान भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का आयोजन किया जा रहा है। टस्क 23 अक्टूबर को बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।भारत-पोलैंड स्टार्टअप ब्रिज और संयुक्त हैकाथॉन की घोषणा को दोनों देशों के तकनीकी संबंधों के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इन पहलों के क्रियान्वयन से स्पष्ट होगा कि युवा उद्यमियों, विद्यार्थियों और तकनीकी कंपनियों को कितने नए अवसर प्राप्त होते हैं।