अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में रेलवे पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) सुखचैन सिंह पर हुई गोलीबारी के मामले में बड़ा खुलासा सामने आया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि इस हमले के तार पाकिस्तान में मौजूद इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के एक कथित एजेंट की साजिश से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। बॉर्डर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पत्रकारों से बातचीत में मामले की जांच से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 4 अक्टूबर की शाम तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने एएसआई सुखचैन सिंह को निशाना बनाकर गोली चलाई थी। गोली उनके बाएं हाथ में लगी थी।पुलिस के अनुसार, घटना के समय सुखचैन सिंह सादे कपड़ों में अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने उन पर गोलीबारी की। पुलिस ने इस वारदात को जान से मारने की नीयत से किया गया हमला बताया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से आगे बढ़ाई गई। अधिकारियों ने घटनास्थल पर वारदात का री-क्रिएशन भी किया, ताकि हमले की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से समझा जा सके।
4 अक्टूबर की शाम ASI पर हुई थी गोलीबारी
इंस्पेक्टर जनरल गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 4 अक्टूबर की शाम अमृतसर में तैनात जीआरपी के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर सुखचैन सिंह अपने घर लौट रहे थे।उस समय वह पुलिस की वर्दी में नहीं, बल्कि सादे कपड़ों में थे।इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया।हमलावरों ने सुखचैन सिंह पर गोली चलाई, जो उनके बाएं हाथ में लगी।पुलिस के मुताबिक, हमले का उद्देश्य उनकी हत्या करना था।हालांकि, गोली लगने के बावजूद सुखचैन सिंह की जान बच गई। उपलब्ध जानकारी में उनके उपचार और वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।
पाकिस्तान में बैठे कथित ISI एजेंट से जुड़े तार
इस मामले में पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े एक कथित षड्यंत्र की जानकारी दी है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में ऐसे संकेत सामने आए हैं, जिनके आधार पर हमले का संबंध पाकिस्तान में मौजूद आईएसआई के एक कथित एजेंट से जोड़ा जा रहा है।यह खुलासा मामले को सामान्य आपराधिक वारदात से अलग बनाता है।हालांकि, पुलिस की ओर से साझा किए गए उपलब्ध विवरण में कथित एजेंट का नाम या उसकी भूमिका से संबंधित सभी साक्ष्यों की जानकारी नहीं दी गई है।इसलिए पाकिस्तान स्थित किसी व्यक्ति की संलिप्तता को फिलहाल पुलिस के जांच संबंधी दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
IG गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने दी जानकारी
बॉर्डर रेंज के इंस्पेक्टर जनरल गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने सोमवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए मामले की जांच के बारे में जानकारी दी।उन्होंने बताया कि पुलिस ने वारदात के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ाई।भुल्लर ने घटना के समय, हमलावरों की संख्या और गोली लगने से संबंधित विवरण भी साझा किया।उन्होंने कहा कि तीन अज्ञात हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए थे और उन्होंने सुखचैन सिंह पर जानलेवा हमला किया।अधिकारी ने घटनास्थल पर वारदात का री-क्रिएशन किए जाने की भी जानकारी दी।इस प्रक्रिया के माध्यम से जांच टीम ने हमले के घटनाक्रम को समझने का प्रयास किया।
घटनास्थल पर दोहराया गया वारदात का घटनाक्रम
पुलिस ने जांच के दौरान 4 अक्टूबर की घटना का री-क्रिएशन किया।क्राइम सीन री-क्रिएशन जांच की ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें उपलब्ध तथ्यों के आधार पर यह समझने का प्रयास किया जाता है कि घटना किस तरह हुई होगी।इससे जांच अधिकारियों को हमलावरों की संभावित गतिविधियों, घटनास्थल की परिस्थितियों और वारदात के क्रम को समझने में मदद मिल सकती है।आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने पत्रकारों को बताया कि जांच के दौरान यह प्रक्रिया अपनाई गई।हालांकि, री-क्रिएशन के दौरान सामने आए विशिष्ट तकनीकी निष्कर्षों का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
सादे कपड़ों में घर लौट रहे थे पुलिस अधिकारी
इस हमले का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि वारदात के समय एएसआई सुखचैन सिंह ड्यूटी की वर्दी में नहीं थे।वह सादे कपड़ों में अपने घर जा रहे थे।ऐसे में पुलिस इस बात की जांच कर सकती है कि हमलावरों को उनकी पहचान और आवाजाही के बारे में पहले से जानकारी थी या नहीं।हालांकि, उपलब्ध पुलिस बयान में हमलावरों द्वारा पहले से निगरानी किए जाने की पुष्टि नहीं की गई है।इसलिए हमले की पूर्व तैयारी या किसी विशेष निगरानी व्यवस्था के बारे में निश्चित निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल पर सवार तीन व्यक्तियों ने अधिकारी को निशाना बनाया था।
बाएं हाथ में लगी थी गोली
आईजी भुल्लर ने बताया कि हमलावरों की ओर से चलाई गई गोली सुखचैन सिंह के बाएं हाथ में लगी।पुलिस ने इसे हत्या के इरादे से की गई गोलीबारी बताया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि हमलावरों ने कुल कितनी गोलियां चलाई थीं।इसी तरह घटनास्थल से बरामद हथियारों, कारतूसों या अन्य भौतिक साक्ष्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।पुलिस के अनुसार, हमले के बाद मामले की जांच तेजी से शुरू की गई।
तीन हमलावरों की भूमिका जांच के केंद्र में
पुलिस के प्रारंभिक विवरण में तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावरों का उल्लेख किया गया है।अधिकारियों के अनुसार, इन्हीं तीन व्यक्तियों ने सुखचैन सिंह पर गोलीबारी की थी।वारदात के समय उनकी पहचान अज्ञात बताई गई थी।हालांकि, सोमवार को पुलिस द्वारा साझा किए गए उपलब्ध विवरण में आरोपियों की गिरफ्तारी, पहचान या उनके खिलाफ की गई अन्य कार्रवाई की पूरी जानकारी नहीं है।इसलिए इस मामले में किसी गिरफ्तारी या आरोपी की पहचान की पुष्टि किए बिना उसका उल्लेख करना उचित नहीं होगा।
सीमा पार साजिश के आरोप से मामला गंभीर
पंजाब की अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से लगती है। ऐसे में राज्य में किसी पुलिस अधिकारी पर हुए हमले को पाकिस्तान स्थित कथित एजेंट से जोड़ने का दावा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण है।हालांकि, सीमा पार साजिश के आरोपों की पुष्टि जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकती है।इस मामले में पुलिस ने आईएसआई के एक कथित एजेंट से संबंध होने की जानकारी दी है, लेकिन उपलब्ध विवरण में इस संबंध को स्थापित करने वाले सभी साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्य ही यह स्पष्ट करेंगे कि कथित साजिश की योजना किसने बनाई और हमलावरों की वास्तविक भूमिका क्या थी।
पुलिस जांच से जुड़े अगले खुलासों पर नजर
अमृतसर में जीआरपी के एएसआई सुखचैन सिंह पर 4 अक्टूबर को हुई गोलीबारी का मामला अब पाकिस्तान से जुड़े कथित षड्यंत्र के आरोपों के कारण चर्चा में है।आईजी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि तीन मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने सादे कपड़ों में घर जा रहे पुलिस अधिकारी को निशाना बनाया था।
गोली उनके बाएं हाथ में लगी थी।
पुलिस ने मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाने और घटनास्थल पर वारदात का री-क्रिएशन करने की जानकारी दी है।फिलहाल इस मामले में कथित आईएसआई एजेंट की भूमिका, हमलावरों की पहचान और हमले के पीछे के उद्देश्य से संबंधित विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
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