राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने छोड़ी कुर्सी, संसद स्पीकर ने स्वीकार किया इस्तीफा

Update: 2026-07-24 14:45 GMT

ढाका  :  बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, संसद के स्पीकर ने राष्ट्रपति का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। शहाबुद्दीन का इस्तीफा तय कार्यकाल पूरा होने से करीब दो साल पहले आया है। उन्होंने अपने फैसले के पीछे स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है।

मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में बांग्लादेश के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनका कार्यकाल अप्रैल 2028 तक निर्धारित था, लेकिन उन्होंने समय से पहले ही पद छोड़ने का निर्णय लिया। राष्ट्रपति पद संभालने के बाद से वह देश के संवैधानिक ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।

स्थानीय मीडिया के मुताबिक, जुलाई 2024 में हुए बड़े पैमाने के प्रदर्शनों और राजनीतिक बदलावों के बाद मोहम्मद शहाबुद्दीन देश के उन प्रमुख संवैधानिक पदाधिकारियों में शामिल थे, जो अपने पद पर बने हुए थे। उस दौर में बांग्लादेश की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिली थी। ऐसे समय में राष्ट्रपति पद की भूमिका को लेकर भी लगातार चर्चा होती रही थी।

बांग्लादेश के प्रमुख अखबार ‘द डेली स्टार’ से बातचीत में मोहम्मद शहाबुद्दीन ने कहा कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों की वजह से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। हालांकि उन्होंने अपने स्वास्थ्य से जुड़ी विस्तृत जानकारी साझा नहीं की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय परिस्थितियों को देखते हुए लिया गया है।

राष्ट्रपति पद बांग्लादेश में मुख्य रूप से संवैधानिक जिम्मेदारियों वाला पद माना जाता है। देश की शासन व्यवस्था में राष्ट्रपति की भूमिका सीमित लेकिन महत्वपूर्ण होती है। राष्ट्रपति संसद, सरकार और अन्य संवैधानिक संस्थाओं के बीच औपचारिक संतुलन बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं।

मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद अब देश में नए राष्ट्रपति के चयन की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। संवैधानिक नियमों के अनुसार, रिक्त हुए राष्ट्रपति पद को भरने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस संबंध में सरकार और संसद की ओर से जल्द कदम उठाए जाने की संभावना है।

शहाबुद्दीन इससे पहले बांग्लादेश के एक अनुभवी राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं। राष्ट्रपति बनने से पहले उन्होंने न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्र में भी जिम्मेदारियां निभाई थीं। वह देश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।

उनके इस्तीफे को बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक माहौल के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। जुलाई 2024 के आंदोलनों के बाद देश में कई संवैधानिक और राजनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं। ऐसे में राष्ट्रपति पद में बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल बांग्लादेश में नए राष्ट्रपति के चयन को लेकर प्रक्रिया का इंतजार है। सरकार और संसद की ओर से आगे की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा। वहीं मोहम्मद शहाबुद्दीन के इस्तीफे के बाद उनके कार्यकाल और फैसलों को लेकर भी राजनीतिक विश्लेषक समीक्षा कर रहे हैं।

Tags:    

Similar News