इस्लामाबाद: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी PTI ने 27 सितंबर को देशभर में विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद की ओर मार्च का ऐलान किया है। पार्टी की प्रमुख मांग इमरान खान की जेल से रिहाई है। PTI नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को भी उठाएगा।
इधर सरकार ने राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इस्लामाबाद में प्रमुख रास्तों और संवेदनशील इलाकों में कंटेनर लगाए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक पंजाब और सिंध से भी हजारों पुलिसकर्मियों को राजधानी में भेजा गया है।
इस्लामाबाद में धारा 144 लागू
PTI के प्रस्तावित मार्च से पहले इस्लामाबाद प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। यह आदेश दो महीने तक प्रभावी रहने वाला है। इसके तहत सार्वजनिक जगहों पर निर्धारित तरीके से लोगों के जमावड़े और विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदियां लागू की गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों को प्रतिबंधित गतिविधियों में शामिल नहीं होने की चेतावनी भी दी है।
राजधानी में कई प्रमुख सड़कों को बंद करने के लिए कंटेनर लगाए जा रहे हैं। इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे समेत कुछ अहम मार्गों पर यातायात को प्रभावित करने वाले इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और प्रशासन का मकसद प्रदर्शनकारियों को राजधानी के संवेदनशील हिस्सों तक पहुंचने से रोकना बताया जा रहा है।
सरकार ने मार्च रोकने की बात कही
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने PTI से अपना कार्यक्रम बदलने की अपील की है। सरकार का कहना है कि इस्लामाबाद में ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिनसे सार्वजनिक व्यवस्था या शहर का सामान्य कामकाज प्रभावित हो। नकवी ने यह भी कहा है कि सरकार अदालत के निर्देशों को लागू करेगी।
इससे पहले इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने 14 सितंबर को कहा था कि कोई राजनीतिक दल या नेता सार्वजनिक सड़कों, हाईवे, इंटरचेंज, टोल प्लाजा अथवा सरकारी इमारतों पर कब्जा नहीं कर सकता। अदालत के निर्देशों को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा तैयारियां और तेज कर दी हैं।
PTI भी बना रही अपनी रणनीति
सरकारी तैयारियों के बीच PTI ने भी मार्च को लेकर संगठनात्मक तैयारी शुरू कर दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि 27 सितंबर का कार्यक्रम तय योजना के अनुसार होगा। PTI समर्थक अलग-अलग इलाकों से राजधानी की ओर बढ़ने की तैयारी कर रहे हैं।
पार्टी की ओर से मार्च को बड़े स्तर पर आयोजित करने की बात कही गई है। वहीं सरकार की ओर से लगातार चेतावनी दी जा रही है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए 27 सितंबर से पहले राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से जारी राजनीतिक टकराव
इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उनकी पार्टी लगातार उनकी रिहाई की मांग करती रही है। PTI का आरोप है कि इमरान खान और पार्टी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई राजनीतिक परिस्थितियों से जुड़ी है, जबकि सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए मामलों को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती है।
अब 27 सितंबर का मार्च इसी लंबे राजनीतिक टकराव का अगला बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। राजधानी में पहले से लागू प्रतिबंधों और सुरक्षा इंतजामों के बीच PTI का प्रदर्शन किस रूप में आगे बढ़ता है, इस पर पाकिस्तान के राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है।