यूक्रेन पर रूस का भीषण ड्रोन हमला, निप्रो रेलवे स्टेशन पर 13 लोगों की मौत
कीव : 29 अक्टूबर 2026। रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर भीषण हमला सामने आया है। यूक्रेन के निप्रो शहर में गुरुवार सुबह एक रेलवे स्टेशन पर हुए रूसी ड्रोन हमले में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे भयावह बताया है। उन्होंने अमेरिका, यूरोपीय संघ और जी-7 देशों से रूस के खिलाफ और अधिक सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की अपील की है। राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक रूस का युद्ध जारी है, तब तक मॉस्को और उसकी युद्ध मशीनरी पर अंतरराष्ट्रीय दबाव कम नहीं किया जाना चाहिए। इस बीच समाचार एजेंसी रॉयटर्स की बाद की रिपोर्ट में निप्रो में मृतकों की संख्या बढ़कर कम से कम 14 बताई गई है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, रूसी सेना ने गुरुवार सुबह निप्रो रेलवे स्टेशन को निशाना बनाते हुए जेट इंजन से संचालित ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमला उस समय हुआ, जब रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे। वहां एक नियमित यात्री ट्रेन और एक उपनगरीय इलेक्ट्रिक ट्रेन खड़ी थी। अचानक हुए विस्फोट से स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और यात्रियों में दहशत फैल गई।यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी उक्रज़ालिज़्नित्सिया ने बताया कि हमला उस प्लेटफॉर्म पर हुआ, जहां ट्रेन संख्या 866 निप्रो से जापोरिज्जिया जाने के लिए खड़ी थी। रेलवे प्रशासन के मुताबिक, हमले से पहले खतरे के बढ़े हुए स्तर को लेकर चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इसके बावजूद प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की मौजूदगी बनी हुई थी। ड्रोन के टकराने के बाद वहां भीषण विस्फोट हुआ, जिससे रेलवे परिसर और यात्री डिब्बों को नुकसान पहुंचा।
हमले के तुरंत बाद यूक्रेन की आपातकालीन सेवाएं घटनास्थल पर पहुंचीं। राहत और बचाव दल ने घायल लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा प्रभावित क्षेत्र में बचाव कार्य शुरू किया। घटनास्थल से सामने आई तस्वीरों में रेलवे प्लेटफॉर्म पर क्षतिग्रस्त यात्री डिब्बे और टूटे हुए शीशे दिखाई दिए। कुछ डिब्बों में आग लगने से भी नुकसान हुआ। आपातकालीन कर्मचारियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर घटना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार 13 लोगों की मौत हुई थी और 10 अन्य घायल हुए थे। बाद में स्थानीय अधिकारियों ने घायलों की संख्या 13 बताई। इनमें 11 वर्षीय एक बच्चा, 40 और 53 वर्षीय दो पुरुष तथा 26 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल बताए गए। घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है।
ज़ेलेंस्की ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले हमलों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि रूसी हमलों में लगातार नागरिकों की जान जा रही है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ऐसी घटनाओं पर निर्णायक प्रतिक्रिया देनी चाहिए।यूक्रेनी राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों की प्रतिबंध नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि रूस के कुछ उद्योगपतियों और ऊर्जा क्षेत्र पर लगाए गए प्रतिबंधों में राहत दिए जाने के बावजूद हमलों में कमी नहीं आई है। ज़ेलेंस्की ने सवाल किया कि प्रतिबंधों में ढील मिलने के बाद भी रूस ने यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ कितने हमले किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि रूस पर आर्थिक और राजनीतिक दबाव बनाए रखना जरूरी है।
ज़ेलेंस्की ने अमेरिका, यूरोपीय संघ और जी-7 देशों से नए तथा अधिक कठोर प्रतिबंध लागू करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि रूस की सैन्य गतिविधियों को सीमित करने के लिए उसकी आर्थिक क्षमता और युद्ध से संबंधित संसाधनों पर दबाव बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने पश्चिमी सहयोगियों से अपील की कि वे युद्ध समाप्त होने तक मौजूदा प्रतिबंधों को कमजोर न करें।इस बीच यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि गुरुवार के हमले के दौरान चार जेट संचालित ड्रोन का पता चला था। इनमें से तीन को हवाई रक्षा प्रणाली ने नष्ट कर दिया, जबकि एक ड्रोन सुरक्षा व्यवस्था को पार करते हुए निप्रो रेलवे स्टेशन पर जा गिरा। इस घटना ने रूस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे नए प्रकार के तेज गति वाले ड्रोन और यूक्रेन की हवाई सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों को फिर चर्चा में ला दिया है।
यूक्रेन में रेलवे नेटवर्क आम नागरिकों के आवागमन के साथ-साथ आवश्यक सामान की आपूर्ति के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। युद्ध शुरू होने के बाद से रेलवे स्टेशनों, रेल पटरियों, इंजनों और यात्री डिब्बों को कई बार निशाना बनाया गया है। यूक्रेन की सरकारी रेलवे कंपनी के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक रेलवे से संबंधित 1,700 से अधिक परिसंपत्तियों पर हमले किए जा चुके हैं। इनमें रेलवे स्टेशन, इंजन और यात्री डिब्बे शामिल हैं।रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सितंबर में ही रूसी ड्रोन हमलों के खतरे के कारण यूक्रेन की 5,800 से अधिक रेल सेवाओं से यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा था। लगातार हमलों से रेल संचालन प्रभावित हुआ है। इसके चलते नागरिकों को लंबी दूरी की यात्राओं और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
निप्रो में हुए हमले के साथ ही गुरुवार को यूक्रेन के अन्य हिस्सों में भी रूसी हमलों की खबरें सामने आईं। रॉयटर्स के अनुसार, चेर्निहीव में एक ड्रोन हमले में दो किशोरों की मौत हुई और 23 लोग घायल हुए। वहीं क्रेमेनचुक में एक आवासीय इमारत पर हमले में तीन लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की जानकारी मिली। इन घटनाओं के कारण यूक्रेन में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से बड़े पैमाने पर युद्ध जारी है। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई बार बातचीत और युद्धविराम के प्रयास हुए, लेकिन व्यापक शांति समझौता नहीं हो सका है। युद्ध के कारण यूक्रेन के अनेक शहरों में आवासीय भवनों, बिजली संयंत्रों, परिवहन सुविधाओं और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
निप्रो रेलवे स्टेशन पर हमला ऐसे समय हुआ है, जब रूस और यूक्रेन के बीच अमेरिका की मध्यस्थता में शांति वार्ता दोबारा शुरू करने की तैयारियों की खबरें हैं। दोनों पक्षों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद बरकरार हैं। दक्षिणी खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की शहर में मानवीय सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से सीमित युद्धविराम की व्यवस्था भी की गई है। हालांकि देश के अन्य हिस्सों में हमले जारी रहने से व्यापक शांति की संभावनाओं पर अनिश्चितता बनी हुई है।निप्रो में हुए ताजा हमले ने एक बार फिर युद्ध के दौरान आम नागरिकों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग दोहराई है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अमेरिका, यूरोपीय संघ और जी-7 देश इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या रूस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाते हैं।