स्पेन-मोरक्को सीमा पर तनाव, सेना तैनात

Update: 2026-07-31 10:56 GMT

मोरक्को, स्पेन: मोरक्को और स्पेन के बीच स्थित सेउटा सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। गुरुवार को हजारों प्रवासियों ने मोरक्को की ओर से स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में प्रवेश करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में प्रवासियों ने सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए स्पेन में घुसपैठ कर ली। इस दौरान मची अफरा-तफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्पेन सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सेना की तैनाती कर दी है।

सेउटा के स्थानीय प्रशासन ने बढ़ते दबाव और बिगड़ते हालात को देखते हुए मैड्रिड सरकार से तत्काल मदद मांगी थी। इसके बाद स्पेन सरकार ने सिविल गार्ड की सहायता के लिए सशस्त्र बलों को क्षेत्र में भेजने का फैसला किया। सेना की तैनाती का उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना, अवैध प्रवेश रोकना और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को मोरक्को की सीमा से बड़ी संख्या में प्रवासी सेउटा पहुंचे। कई लोगों ने सीमा की बाड़ को पार करने की कोशिश की, जबकि कुछ समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। सीमा पर तैनात अधिकारियों के मुताबिक, प्रवासियों की संख्या इतनी अधिक थी कि कई जगह सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।

सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हजारों प्रवासियों ने एक साथ सीमा पार करने की कोशिश की। बॉर्डर गार्ड एसोसिएशन के प्रमुख रचिद सबीही ने कहा कि सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हालात बेहद गंभीर थे और सीमा लगभग टूट गई थी। वीडियो फुटेज में ताराजल बीच पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दी, जिसमें अधिकतर युवा पुरुष थे। हालांकि, कुछ परिवार महिलाएं और छोटे बच्चे भी इस भीड़ में शामिल थे।

इस घटना में कई लोगों की मौत पानी में डूबने और भगदड़ जैसी परिस्थितियों के कारण होने की आशंका जताई जा रही है। सेउटा के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की घटना में कम से कम 18 लोगों की जान चली गई। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, इस साल भी कई लोग सेउटा पहुंचने की कोशिश में अपनी जान गंवा चुके हैं।

इस संकट के बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ सेउटा का दौरा करेंगे। सरकार स्थिति की समीक्षा कर सीमा सुरक्षा को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेगी।

मोरक्को से स्पेन पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। सेउटा यूरोप में प्रवेश का एक प्रमुख रास्ता माना जाता है। कई प्रवासी बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्तों से यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग मोरक्को के फनीडेक क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर तक तैरकर सेउटा पहुंचने का प्रयास करते हैं।

इस मामले पर इटली ने भी चिंता जताई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को निलंबित करने की चेतावनी तक दी है। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

सेउटा की क्षेत्रीय सरकार के प्रमुख जुआन जीसस विवास ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर प्रवासियों की आमद से स्थानीय संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।

फिलहाल स्पेन ने सीमा को सील करने, सुरक्षा बढ़ाने और पकड़े गए प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि वह मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी, लेकिन देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।मोरक्को और स्पेन के बीच स्थित सेउटा सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। गुरुवार को हजारों प्रवासियों ने मोरक्को की ओर से स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में प्रवेश करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में प्रवासियों ने सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए स्पेन में घुसपैठ कर ली। इस दौरान मची अफरा-तफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्पेन सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सेना की तैनाती कर दी है।

सेउटा के स्थानीय प्रशासन ने बढ़ते दबाव और बिगड़ते हालात को देखते हुए मैड्रिड सरकार से तत्काल मदद मांगी थी। इसके बाद स्पेन सरकार ने सिविल गार्ड की सहायता के लिए सशस्त्र बलों को क्षेत्र में भेजने का फैसला किया। सेना की तैनाती का उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना, अवैध प्रवेश रोकना और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को मोरक्को की सीमा से बड़ी संख्या में प्रवासी सेउटा पहुंचे। कई लोगों ने सीमा की बाड़ को पार करने की कोशिश की, जबकि कुछ समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। सीमा पर तैनात अधिकारियों के मुताबिक, प्रवासियों की संख्या इतनी अधिक थी कि कई जगह सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।

सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हजारों प्रवासियों ने एक साथ सीमा पार करने की कोशिश की। बॉर्डर गार्ड एसोसिएशन के प्रमुख रचिद सबीही ने कहा कि सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हालात बेहद गंभीर थे और सीमा लगभग टूट गई थी। वीडियो फुटेज में ताराजल बीच पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दी, जिसमें अधिकतर युवा पुरुष थे। हालांकि, कुछ परिवार महिलाएं और छोटे बच्चे भी इस भीड़ में शामिल थे।

इस घटना में कई लोगों की मौत पानी में डूबने और भगदड़ जैसी परिस्थितियों के कारण होने की आशंका जताई जा रही है। सेउटा के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की घटना में कम से कम 18 लोगों की जान चली गई। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, इस साल भी कई लोग सेउटा पहुंचने की कोशिश में अपनी जान गंवा चुके हैं।

इस संकट के बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ सेउटा का दौरा करेंगे। सरकार स्थिति की समीक्षा कर सीमा सुरक्षा को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेगी।

मोरक्को से स्पेन पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। सेउटा यूरोप में प्रवेश का एक प्रमुख रास्ता माना जाता है। कई प्रवासी बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्तों से यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग मोरक्को के फनीडेक क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर तक तैरकर सेउटा पहुंचने का प्रयास करते हैं।

इस मामले पर इटली ने भी चिंता जताई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को निलंबित करने की चेतावनी तक दी है। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

सेउटा की क्षेत्रीय सरकार के प्रमुख जुआन जीसस विवास ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर प्रवासियों की आमद से स्थानीय संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।

फिलहाल स्पेन ने सीमा को सील करने, सुरक्षा बढ़ाने और पकड़े गए प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि वह मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी, लेकिन देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। के बीच स्थित सेउटा सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। गुरुवार को हजारों प्रवासियों ने मोरक्को की ओर से स्पेन के उत्तरी अफ्रीकी क्षेत्र सेउटा में प्रवेश करने की कोशिश की। बड़ी संख्या में प्रवासियों ने सीमा की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ते हुए स्पेन में घुसपैठ कर ली। इस दौरान मची अफरा-तफरी में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद स्पेन सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए सेना की तैनाती कर दी है।

सेउटा के स्थानीय प्रशासन ने बढ़ते दबाव और बिगड़ते हालात को देखते हुए मैड्रिड सरकार से तत्काल मदद मांगी थी। इसके बाद स्पेन सरकार ने सिविल गार्ड की सहायता के लिए सशस्त्र बलों को क्षेत्र में भेजने का फैसला किया। सेना की तैनाती का उद्देश्य सीमा पर शांति बनाए रखना, अवैध प्रवेश रोकना और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को मोरक्को की सीमा से बड़ी संख्या में प्रवासी सेउटा पहुंचे। कई लोगों ने सीमा की बाड़ को पार करने की कोशिश की, जबकि कुछ समुद्र के रास्ते स्पेन पहुंचने का प्रयास कर रहे थे। सीमा पर तैनात अधिकारियों के मुताबिक, प्रवासियों की संख्या इतनी अधिक थी कि कई जगह सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई।

सीमा सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि हजारों प्रवासियों ने एक साथ सीमा पार करने की कोशिश की। बॉर्डर गार्ड एसोसिएशन के प्रमुख रचिद सबीही ने कहा कि सही संख्या बताना मुश्किल है, लेकिन हालात बेहद गंभीर थे और सीमा लगभग टूट गई थी। वीडियो फुटेज में ताराजल बीच पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ दिखाई दी, जिसमें अधिकतर युवा पुरुष थे। हालांकि, कुछ परिवार महिलाएं और छोटे बच्चे भी इस भीड़ में शामिल थे।

इस घटना में कई लोगों की मौत पानी में डूबने और भगदड़ जैसी परिस्थितियों के कारण होने की आशंका जताई जा रही है। सेउटा के अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की घटना में कम से कम 18 लोगों की जान चली गई। हालांकि, प्रशासन ने अभी तक मौतों के सटीक कारणों की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, इस साल भी कई लोग सेउटा पहुंचने की कोशिश में अपनी जान गंवा चुके हैं।

इस संकट के बीच स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज शुक्रवार को गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का के साथ सेउटा का दौरा करेंगे। सरकार स्थिति की समीक्षा कर सीमा सुरक्षा को लेकर आगे की रणनीति तैयार करेगी।

मोरक्को से स्पेन पहुंचने की कोशिश करने वाले प्रवासियों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़ी है। सेउटा यूरोप में प्रवेश का एक प्रमुख रास्ता माना जाता है। कई प्रवासी बेहतर जीवन और रोजगार की तलाश में खतरनाक समुद्री रास्तों से यहां पहुंचने की कोशिश करते हैं। कुछ लोग मोरक्को के फनीडेक क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर तक तैरकर सेउटा पहुंचने का प्रयास करते हैं।

इस मामले पर इटली ने भी चिंता जताई है। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने यूरोपीय सीमा सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए स्पेन के साथ शेंगेन समझौते को निलंबित करने की चेतावनी तक दी है। उनका कहना है कि यूरोपीय देशों को अपनी सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

सेउटा की क्षेत्रीय सरकार के प्रमुख जुआन जीसस विवास ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करने की मांग की है। उनका कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर प्रवासियों की आमद से स्थानीय संसाधनों और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।

फिलहाल स्पेन ने सीमा को सील करने, सुरक्षा बढ़ाने और पकड़े गए प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार का कहना है कि वह मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी, लेकिन देश की सीमाओं और नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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