
New Delhi नई दिल्ली : भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (IRCTC) ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नया कदम उठाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक देशभर में करीब 1400 ट्रेनों में IRCTC द्वारा कैटरिंग सेवाएं संचालित की जाती हैं, जिनके जरिए रोजाना लगभग 17 लाख यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। लेकिन हाल के समय में LPG सिलेंडरों की आपूर्ति में आई समस्याओं के चलते कैटरिंग व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी।
इसी स्थिति को देखते हुए IRCTC ने एक नया प्लान तैयार किया है, जिसके तहत एक बार फिर चलती ट्रेनों में खाना पकाने की व्यवस्था को शुरू किया गया है। यह फैसला उन परिस्थितियों में लिया गया है जब गैस की उपलब्धता और सप्लाई चेन को लेकर चुनौतियां सामने आ रही थीं। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को बिना किसी बाधा के समय पर और गर्म भोजन उपलब्ध कराना है।
सूत्रों के अनुसार, IRCTC ने अपनी कैटरिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए वैकल्पिक तकनीकों और संसाधनों पर भी ध्यान देना शुरू कर दिया है। चलती ट्रेनों में खाना पकाने की व्यवस्था को फिर से लागू करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लंबी दूरी की यात्राओं में यात्रियों को ताजा और गर्म भोजन मिल सके।
भारतीय रेलवे की कैटरिंग सेवा देश की सबसे बड़ी फूड सर्विस नेटवर्क में से एक मानी जाती है। हर दिन लाखों यात्री इस सेवा का लाभ उठाते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की आपूर्ति समस्या का सीधा असर यात्रियों की सुविधा पर पड़ सकता है। इसी को देखते हुए IRCTC ने यह वैकल्पिक व्यवस्था अपनाने का निर्णय लिया है।
बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। ट्रेनों में खाना पकाने के दौरान सभी जरूरी नियमों और गाइडलाइंस का पालन किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना या जोखिम से बचा जा सके। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उसी के अनुसार कैटरिंग सेवाओं को संचालित किया जा रहा है।
इस कदम को लेकर यात्रियों के बीच भी मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ यात्रियों का मानना है कि चलती ट्रेन में खाना पकाने से ताजा भोजन मिलेगा, जबकि कुछ लोग सुरक्षा और सुविधा को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं। हालांकि IRCTC का दावा है कि यह व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से लागू की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम केवल अस्थायी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि किसी भी तरह की आपूर्ति बाधा का असर यात्रियों पर न पड़े। आने वाले समय में स्थिति सामान्य होने पर कैटरिंग सिस्टम को और आधुनिक तकनीकों से जोड़ा जा सकता है।
कुल मिलाकर, LPG आपूर्ति संकट के बीच IRCTC का यह नया कदम रेलवे कैटरिंग व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे जहां एक ओर यात्रियों को समय पर भोजन मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर यह कदम रेलवे की तैयारी और प्रबंधन क्षमता को भी दर्शाता है।





