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कॉपर के बढ़ते भाव का मिला फायदा कंपनी का मुनाफा ढाई गुना

Ratna Netam
10 Aug 2026 4:00 PM IST
कॉपर के बढ़ते भाव का मिला फायदा कंपनी का मुनाफा ढाई गुना
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नई दिल्ली : सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयरों में सोमवार, 10 अगस्त को तेजी देखने को मिली। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के तिमाही प्रदर्शन में मुनाफे, रेवेन्यू और EBITDA समेत कई प्रमुख वित्तीय आंकड़ों में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खास बात यह रही कि जून तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले ढाई गुने से भी ज्यादा रहा। मजबूत तिमाही नतीजों के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की ऊंची कीमतों का भी कंपनी के शेयर पर सकारात्मक असर दिखाई दिया।
नतीजों के सामने आने के बाद सोमवार को हिंदुस्तान कॉपर के शेयर में करीब 1.2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और शेयर लगभग 542.75 रुपये के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। हालांकि, किसी एक तिमाही में बेहतर प्रदर्शन का मतलब यह नहीं है कि शेयर की कीमत आगे भी लगातार बढ़ती रहेगी। कमोडिटी सेक्टर की कंपनियों के प्रदर्शन पर वैश्विक मांग, कॉपर की कीमत, उत्पादन और लागत जैसे कई कारकों का असर पड़ता है।
जून तिमाही में हिंदुस्तान कॉपर ने 353 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 134 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के मुनाफे में सालाना आधार पर करीब 163 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। यानी एक साल पहले की तुलना में कंपनी का मुनाफा ढाई गुने से अधिक हो गया। कंपनी के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मेटल सेक्टर में वैश्विक बाजार की परिस्थितियां सीधे कमाई को प्रभावित करती हैं।
कंपनी के रेवेन्यू में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। जून तिमाही में हिंदुस्तान कॉपर का रेवेन्यू बढ़कर 936.5 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह 516.4 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी के रेवेन्यू में करीब 81.4 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई। रेवेन्यू में यह उछाल कंपनी के कारोबार में मजबूत मांग और बेहतर परिचालन प्रदर्शन की ओर संकेत करता है।
ऑपरेटिंग स्तर पर भी कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। जून तिमाही में हिंदुस्तान कॉपर का EBITDA 507.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 212.3 करोड़ रुपये था। यानी EBITDA में भी दोगुने से अधिक की वृद्धि दर्ज हुई। कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर करीब 54 फीसदी हो गया, जबकि पिछले साल यह लगभग 41 फीसदी था। मार्जिन में सुधार बताता है कि कंपनी ने अपने परिचालन से बेहतर कमाई हासिल की है।
कंपनी के मजबूत नतीजों के पीछे अंतरराष्ट्रीय कॉपर बाजार की तेजी भी एक महत्वपूर्ण वजह मानी जा रही है। हाल के सप्ताहों में वैश्विक बाजार में कॉपर की कीमतों में लगातार मजबूती देखी गई है। कॉपर की कीमतों में लगातार छह सप्ताह तक तेजी रहने से मेटल कंपनियों को फायदा मिला है। सप्लाई को लेकर चिंता और वैश्विक ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों का असर भी कॉपर की कीमतों पर पड़ा है।
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की कीमत 14,000 डॉलर प्रति टन के स्तर को पार कर गई थी। यह जनवरी के अंत के बाद का ऊंचा इंट्राडे स्तर बताया गया। अगर कॉपर की कीमतें आगे भी ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं तो इससे कॉपर उत्पादक कंपनियों की कमाई को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव काफी तेज होता है। इसलिए मौजूदा तेजी को भविष्य की गारंटी नहीं माना जा सकता।
शेयर बाजार में हिंदुस्तान कॉपर के प्रदर्शन की बात करें तो सोमवार को नतीजों के बाद शेयर में करीब 1.2 फीसदी की तेजी रही। शेयर लगभग 542.75 रुपये के आसपास पहुंच गया। इस साल अब तक स्टॉक में करीब 4 फीसदी की बढ़त बताई गई है। आने वाले समय में कंपनी के शेयर की दिशा कॉपर की वैश्विक कीमतों, उत्पादन क्षमता, लागत, मांग और बाजार की धारणा जैसे कारकों पर निर्भर करेगी।
हिंदुस्तान कॉपर के जून तिमाही के आंकड़े कंपनी के लिए मजबूत रहे हैं। मुनाफे में 163 फीसदी की वृद्धि, रेवेन्यू में 81 फीसदी से अधिक उछाल और EBITDA मार्जिन का 54 फीसदी तक पहुंचना कंपनी के ऑपरेशनल प्रदर्शन की मजबूती को दर्शाता है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉपर की ऊंची कीमतें भी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हैं। फिर भी निवेशकों को केवल एक तिमाही के नतीजों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कॉपर की कीमत, वैश्विक मांग, उत्पादन, लागत और कंपनी की आगामी तिमाहियों की कमाई को ध्यान में रखना जरूरी होगा।
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