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एयरटेल के निवेशकों के लिए बड़ी खबर, मुनाफा 31% बढ़ा

Rajeshwari Nishad
5 Nov 2026 7:43 PM IST
एयरटेल के निवेशकों के लिए बड़ी खबर, मुनाफा 31% बढ़ा
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बिज़नेस : देश की प्रमुख दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने शेयरधारकों के हिस्से के शुद्ध लाभ में करीब 31 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में कंपनी का मुनाफा बढ़कर 8,887.5 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 6,791.6 करोड़ रुपये था। कंपनी की आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। मजबूत ग्राहक आधार, बेहतर मोबाइल सेवाओं और प्रति ग्राहक औसत कमाई में वृद्धि ने एयरटेल के कारोबार को मजबूती दी है।
गुरुवार, 5 नवंबर को जारी वित्तीय नतीजों के अनुसार, भारती एयरटेल का परिचालन राजस्व बढ़कर 60,878 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व लगभग 52,145 करोड़ रुपये था। इस तरह कंपनी की कुल आय में सालाना आधार पर करीब 16.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी भारतीय बाजार के साथ-साथ अफ्रीकी कारोबार में बेहतर प्रदर्शन का संकेत देती है।
कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि मोबाइल सेवाओं से होने वाली कमाई में लगातार सुधार देखने को मिला। भारतीय दूरसंचार बाजार में प्रतिस्पर्धा के बावजूद एयरटेल अपने ग्राहकों को बेहतर सेवाएं और प्रीमियम प्लान उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम कर रही है। इसका सकारात्मक असर कंपनी के औसत राजस्व प्रति ग्राहक यानी एआरपीयू (ARPU) पर दिखाई दिया है।
दूसरी तिमाही में एयरटेल का एआरपीयू बढ़कर 271 रुपये हो गया। पिछले साल की इसी अवधि में यह 256 रुपये था। इस तरह प्रति ग्राहक औसत कमाई में लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। दूरसंचार क्षेत्र में एआरपीयू को कंपनियों की वित्तीय स्थिति और कमाई की क्षमता मापने का महत्वपूर्ण पैमाना माना जाता है। इसमें बढ़ोतरी का मतलब है कि कंपनी अपने ग्राहक आधार से पहले की तुलना में अधिक राजस्व अर्जित कर रही है।
भारती एयरटेल के भारतीय कारोबार ने भी इस तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया। कंपनी के भारत कारोबार का राजस्व सालाना आधार पर 9.4 प्रतिशत बढ़कर लगभग 42,308 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, भारत में मोबाइल सेवाओं से मिलने वाले राजस्व में करीब 10.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बेहतर ग्राहक संख्या, डेटा सेवाओं की बढ़ती मांग और उच्च मूल्य वाले प्लान अपनाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ने से कंपनी को फायदा हुआ है।
एयरटेल के लिए पोस्टपेड ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी भी सकारात्मक संकेत रही। कंपनी ने दूसरी तिमाही के दौरान लगभग 12 लाख नए पोस्टपेड ग्राहक जोड़े। इसे कंपनी का किसी एक तिमाही में अब तक का सबसे मजबूत पोस्टपेड ग्राहक विस्तार बताया गया है। इसके साथ ही कंपनी का कुल पोस्टपेड ग्राहक आधार बढ़कर लगभग 3.12 करोड़ हो गया है।
पोस्टपेड ग्राहकों की बढ़ती संख्या दूरसंचार कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इस श्रेणी के ग्राहक आमतौर पर नियमित मासिक भुगतान करते हैं। इसके अलावा, प्रीमियम डेटा सेवाओं और अतिरिक्त सुविधाओं की मांग भी इस वर्ग में अपेक्षाकृत अधिक रहती है। ऐसे ग्राहकों की संख्या बढ़ने से कंपनी को भविष्य में स्थिर राजस्व बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
कंपनी के 4जी और 5जी ग्राहकों की संख्या में भी सुधार देखने को मिला है। तेज इंटरनेट सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। ऑनलाइन वीडियो, डिजिटल भुगतान, गेमिंग, सोशल मीडिया और घर से काम करने जैसी गतिविधियों के कारण मोबाइल डेटा का इस्तेमाल उपभोक्ताओं की दैनिक जरूरत बन चुका है। एयरटेल इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए अपने नेटवर्क और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
हालांकि, मुनाफे में शानदार वृद्धि के बावजूद कंपनी के नतीजे बाजार विश्लेषकों के अनुमान से कुछ कमजोर रहे। बाजार में एयरटेल के शुद्ध लाभ का अनुमान लगभग 9,293 करोड़ रुपये लगाया गया था, जबकि कंपनी ने करीब 8,888 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया। नेटवर्क संचालन से जुड़ी बढ़ती लागत ने कंपनी की कमाई पर दबाव डाला। इससे स्पष्ट होता है कि राजस्व और ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी के बावजूद परिचालन खर्च दूरसंचार कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
वित्तीय नतीजों में मुनाफे के अलग-अलग आंकड़ों को लेकर भी अंतर देखने को मिलता है। कंपनी का कुल समेकित शुद्ध लाभ, जिसमें गैर-नियंत्रक हिस्सेदारी भी शामिल है, लगभग 10,710 करोड़ रुपये रहा। वहीं, शेयरधारकों के हिस्से का मुनाफा करीब 8,888 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसलिए दोनों आंकड़ों को अलग-अलग वित्तीय आधार पर समझना जरूरी है।
दूरसंचार क्षेत्र में 5जी नेटवर्क विस्तार और नेटवर्क की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कंपनियों को लगातार निवेश करना पड़ता है। नए टावर लगाने, मौजूदा नेटवर्क को अपग्रेड करने और डेटा क्षमता बढ़ाने जैसे कार्यों पर बड़ा खर्च होता है। एयरटेल के सामने भी ग्राहकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ लागत नियंत्रित रखने की चुनौती बनी हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय टेलीकॉम बाजार में अब केवल ग्राहक संख्या बढ़ाना ही कंपनियों का प्रमुख लक्ष्य नहीं रह गया है। कंपनियां प्रति ग्राहक कमाई बढ़ाने, पोस्टपेड सेवाओं का विस्तार करने और अधिक डेटा इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को आकर्षित करने पर भी ध्यान दे रही हैं। एयरटेल के ताजा वित्तीय नतीजों में इस रणनीति का असर दिखाई देता है।
इसके अलावा, अफ्रीकी बाजार में कंपनी की मौजूदगी भी उसके समेकित कारोबार को मजबूती प्रदान कर रही है। भारतीय कारोबार के साथ अंतरराष्ट्रीय परिचालन से मिलने वाला राजस्व कंपनी की कुल आय में योगदान दे रहा है। अलग-अलग बाजारों में सेवाओं का विस्तार होने से एयरटेल के लिए विकास के नए अवसर भी बन रहे हैं।
कुल मिलाकर, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही भारती एयरटेल के लिए राजस्व और मुनाफे के लिहाज से मजबूत रही है। कंपनी ने 31 प्रतिशत की लाभ वृद्धि के साथ यह संकेत दिया है कि उसकी आय बढ़ाने की रणनीति असर दिखा रही है। हालांकि, बढ़ती परिचालन लागत और बाजार की अपेक्षाओं के अनुरूप लाभ बनाए रखना आने वाली तिमाहियों में महत्वपूर्ण रहेगा। अब निवेशकों की नजर कंपनी के अगले वित्तीय नतीजों, एआरपीयू में संभावित सुधार और 5जी सेवाओं से होने वाली कमाई पर रहेगी।
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