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LPG और PNG यूजर्स के लिए बड़ी खबर! क्या जल्द बढ़ेंगे गैस के दाम?

Ratna Netam
5 Aug 2026 9:39 PM IST
LPG और PNG यूजर्स के लिए बड़ी खबर! क्या जल्द बढ़ेंगे गैस के दाम?
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नई दिल्ली : आने वाले समय में घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इसकी वजह केंद्र सरकार की एक प्रस्तावित योजना है, जिसके तहत कुकिंग गैस और प्राकृतिक गैस के उपभोक्ताओं पर एक विशेष शुल्क (लेवी) लगाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से अभी इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं दी गई है और इस पर विभिन्न मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श जारी है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो घरेलू गैस सिलेंडर और PNG दोनों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से लगभग 42 अरब डॉलर (करीब 3.6 लाख करोड़ रुपये) का रणनीतिक ईंधन भंडार तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य भविष्य में वैश्विक संकट, युद्ध, आपूर्ति बाधित होने या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अचानक उछाल जैसी परिस्थितियों में देश को ऊर्जा उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित योजना के तहत भारत पहली बार केवल कच्चे तेल तक सीमित रहने के बजाय एलएनजी (Liquefied Natural Gas) और एलपीजी (Liquefied Petroleum Gas) का भी रणनीतिक भंडार तैयार करेगा। योजना के मुताबिक लगभग दो महीने की कच्चे तेल और एलएनजी की जरूरत तथा करीब छह सप्ताह की एलपीजी खपत के बराबर भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए आवश्यक धन जुटाने के उद्देश्य से सरकार कुकिंग गैस और प्राकृतिक गैस उपभोक्ताओं पर एक विशेष लेवी लगाने पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि इस शुल्क के माध्यम से हर वर्ष लगभग 1.5 अरब डॉलर (करीब 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक) जुटाए जा सकते हैं। इस राशि का उपयोग मुख्य रूप से गैस भंडारण अवसंरचना विकसित करने और रणनीतिक स्टोरेज क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार एलपीजी पर लगभग 1.29 रुपये प्रति किलोग्राम का अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में लगभग 18 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। दूसरी ओर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पर 1.43 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर के हिसाब से शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी चर्चा में है। इससे सरकार को हर वर्ष लगभग एक अरब डॉलर की अतिरिक्त आय होने का अनुमान लगाया गया है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रस्तावित शुल्क किस प्रकार वसूला जाएगा। इस संबंध में अंतिम निर्णय अभी होना बाकी है। सूत्रों का कहना है कि कच्चे तेल के रणनीतिक भंडार के लिए वित्तीय व्यवस्था केंद्र सरकार करती रहेगी, जबकि प्राकृतिक गैस और कुकिंग गैस के भंडारण ढांचे के विकास के लिए प्रस्तावित लेवी से प्राप्त धन का उपयोग किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत जैसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था वाले देश के लिए रणनीतिक ऊर्जा भंडार बेहद महत्वपूर्ण हैं। वर्तमान में भारत का आपातकालीन ईंधन भंडार कई विकसित एशियाई देशों की तुलना में काफी कम है। सरकारी नियंत्रण वाले मौजूदा रणनीतिक भंडार से देश की जरूरतें 10 दिनों से भी कम समय तक पूरी की जा सकती हैं, जबकि जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के पास 100 दिनों से अधिक की ऊर्जा आवश्यकता पूरी करने लायक रणनीतिक भंडारण क्षमता मौजूद है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भविष्य में वैश्विक स्तर पर किसी प्रकार का भू-राजनीतिक संकट, युद्ध या तेल एवं गैस की आपूर्ति में व्यवधान आता है तो मजबूत रणनीतिक भंडार भारत की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत दे सकते हैं। ऐसे भंडार घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने और आवश्यक सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने में भी मददगार साबित हो सकते हैं।
दूसरी ओर, उपभोक्ता संगठनों का मानना है कि यदि एलपीजी और PNG पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। पहले से बढ़ती महंगाई के बीच घरेलू गैस सिलेंडर और पाइप्ड गैस महंगी होने से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो सकता है। कई विशेषज्ञों का सुझाव है कि यदि सरकार इस दिशा में आगे बढ़ती है तो गरीब और उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को राहत देने के लिए अलग व्यवस्था पर भी विचार किया जाना चाहिए।
फिलहाल यह ध्यान रखना जरूरी है कि सरकार ने अभी किसी भी प्रकार का नया शुल्क लागू नहीं किया है। यह केवल एक प्रस्तावित योजना है, जिस पर संबंधित मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श जारी है। अंतिम निर्णय, शुल्क की दर, इसे लागू करने का तरीका और प्रभावी होने की तारीख जैसी सभी बातें सरकार द्वारा औपचारिक मंजूरी के बाद ही स्पष्ट की जाएंगी। तब तक एलपीजी और PNG की मौजूदा कीमतों में किसी प्रकार का परिवर्तन नहीं हुआ है।
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