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केंद्र ने 10,000 करोड़ के एविएशन फ्यूल स्टेबिलाइज़ेशन फंड की मंजूरी दी

Kavita2
3 Jun 2026 5:37 PM IST
केंद्र ने 10,000 करोड़ के एविएशन फ्यूल स्टेबिलाइज़ेशन फंड की मंजूरी दी
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New Delhi नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को घोषणा की कि सरकार ने एविएशन फ्यूल प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन के लिए 10,000 करोड़ रुपये का फंड मंज़ूर किया है। यह कदम घरेलू एविएशन सेक्टर में ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की बढ़ती कीमतों के दबाव को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मंत्री ने बताया कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में असाधारण वृद्धि देखी गई है। मार्च 2026 में ATF की कीमत 60.5 रुपये प्रति लीटर थी, जो मई 2026 में 2.5 गुना बढ़कर 142 रुपये प्रति लीटर तक पहुँच गई। इस वृद्धि ने एयरलाइंस और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों दोनों के लिए गंभीर आर्थिक दबाव पैदा कर दिया।

केंद्रीय सरकार ने घरेलू एयरलाइन ऑपरेशन के लिए ATF की कीमत 75.6 रुपये प्रति लीटर तय की है। यह कदम एयरलाइंस के संचालन में लागत बढ़ोतरी को नियंत्रित करने और टिकट दरों पर असामान्य दबाव पड़ने से रोकने के लिए लिया गया है। ATF की कीमतें एयरलाइंस की कुल ऑपरेटिंग लागत का लगभग 40 प्रतिशत होती हैं, इसलिए कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर पूरी इंडस्ट्री पर सीधे पड़ता है।

फ्यूल स्टेबिलाइज़ेशन फंड के तहत, सरकार एयरलाइंस और अन्य स्टेकहोल्डर्स को राहत प्रदान करेगी, जिससे घरेलू हवाई यात्रा की लागत को स्थिर रखा जा सके। यह फंड एयरलाइंस को बाजार में होने वाले अस्थिरता के समय में आर्थिक दबाव से बचाने का काम करेगा।

वैष्णव ने यह भी बताया कि यह कदम न केवल एयरलाइंस के लिए बल्कि आम यात्रियों के लिए भी फायदेमंद होगा, क्योंकि फ्यूल की बढ़ती कीमतों का असर सीधे एयरलाइन टिकटों पर पड़ता है। फंड की उपलब्धता से एयरलाइंस के वित्तीय दबाव में कमी आएगी और यात्रा की दरों में अस्थिरता कम होगी।

साथ ही, मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार इस फंड के माध्यम से मार्केट में स्थिरता बनाए रखने और एविएशन सेक्टर की विकास दर को निरंतर बनाए रखने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार लगातार एयरलाइन उद्योग की चुनौतियों पर नज़र रखे हुए है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कदम उठाएगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, ATF की बढ़ती कीमतों का प्रभाव एयरलाइंस के परिचालन पर तुरंत दिखाई देता है। फ्यूल की लागत में यह वृद्धि टिकट कीमतों, एयरलाइन मुनाफे और निवेश योजनाओं को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में सरकार का यह स्टेबिलाइज़ेशन फंड इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा राहत पैकेज साबित हो सकता है।

इस योजना से एयरलाइंस को न केवल वित्तीय दबाव कम करने में मदद मिलेगी बल्कि एयरलाइन ऑपरेशंस की लागत स्थिर रहेगी, जिससे यात्रियों को अपेक्षित सेवाएं नियमित रूप से मिल सकेंगी। केंद्रीय मंत्री ने आशा जताई कि इस कदम से एविएशन सेक्टर की सतत वृद्धि और स्थिरता सुनिश्चित होगी।

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