
x
अंडों का अरब देशों तक बज रहा डंका
नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में अंडों की कीमतों में तेजी के बीच तमिलनाडु का नमक्कल एक बार फिर चर्चा में है। पोल्ट्री उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में पहचान बना चुका नमक्कल अक्सर ‘एग सिटी ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है। यहां बड़े पैमाने पर अंडों का उत्पादन होता है और स्थानीय बाजार से लेकर विदेशों तक इनकी आपूर्ति की जाती है। खाड़ी और पश्चिम एशिया के कई देश नमक्कल के अंडों के महत्वपूर्ण बाजारों में शामिल रहे हैं।
तमिलनाडु का नमक्कल जिला लंबे समय से पोल्ट्री उद्योग का प्रमुख केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में लेयर पोल्ट्री फार्म संचालित होते हैं, जहां व्यावसायिक स्तर पर अंडों का उत्पादन किया जाता है। पोल्ट्री फार्मिंग से हजारों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। अंडा उत्पादन के अलावा परिवहन, पैकेजिंग, पशु आहार और दूसरे सहायक कारोबारों को भी इस उद्योग से रोजगार मिलता है।
नमक्कल की खासियत केवल बड़े पैमाने पर उत्पादन तक सीमित नहीं है। यहां से अंडे भारत के विभिन्न राज्यों में भेजे जाने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी निर्यात किए जाते हैं। विशेष रूप से ओमान, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों में भारतीय अंडों की मांग नमक्कल के उत्पादकों के लिए महत्वपूर्ण रही है। विदेश भेजे जाने वाले अंडों के मामले में गुणवत्ता, वजन, पैकेजिंग और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। निर्यात के लिए तैयार अंडों की जांच और ग्रेडिंग के बाद उन्हें निर्धारित तरीके से पैक किया जाता है। इसके बाद तापमान और परिवहन संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें बंदरगाहों तक पहुंचाया जाता है।
नमक्कल में पोल्ट्री उद्योग विकसित होने के पीछे यहां वर्षों में तैयार हुआ मजबूत कारोबारी नेटवर्क भी महत्वपूर्ण है। मुर्गियों के लिए फीड उपलब्ध कराने वाली इकाइयों से लेकर अंडों की छंटाई, पैकिंग और परिवहन तक पूरी सप्लाई चेन विकसित हुई है। यही वजह है कि नमक्कल देश के प्रमुख अंडा उत्पादन केंद्रों में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। हालांकि पोल्ट्री कारोबार के सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। मक्का और सोयाबीन जैसे पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कीमत बढ़ने पर उत्पादन लागत सीधे प्रभावित होती है। इसके अलावा मौसम, परिवहन खर्च, बीमारियों का खतरा और घरेलू तथा विदेशी बाजार में मांग के उतार-चढ़ाव का असर भी कारोबार पर पड़ता है।
अंडों की कीमतों में बढ़ोतरी के समय नमक्कल जैसे बड़े उत्पादन केंद्रों पर विशेष नजर रहती है क्योंकि यहां से होने वाली आपूर्ति कई बाजारों को प्रभावित करती है। उत्पादकों के लिए कीमत और उत्पादन लागत के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है। आज नमक्कल की पहचान केवल तमिलनाडु के एक जिले के रूप में नहीं बल्कि भारत के मजबूत पोल्ट्री हब के रूप में बन चुकी है। बड़े पैमाने पर उत्पादन और खाड़ी देशों तक पहुंच ने इसे ‘एग सिटी ऑफ इंडिया’ की पहचान दिलाई है।
Next Story





