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passbooks. में ब्याज क्रेडिट को लेकर कर्मचारी परेशान

Ratna Netam
15 Jun 2026 8:22 PM IST
passbooks. में ब्याज क्रेडिट को लेकर कर्मचारी परेशान
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ईपीएफ पासबुक और खाते की जांच कर रहे हैं

New Delhi नई दिल्ली : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर की घोषणा के बाद देशभर के ईपीएफ खाताधारकों में उत्सुकता बढ़ गई है। जून का पहला सप्ताह बीतने के बावजूद कई सदस्य लगातार अपनी ईपीएफ पासबुक और खाते की जांच कर रहे हैं कि उनके खाते में सालाना ब्याज जमा हुआ है या नहीं।

हर साल की तरह इस बार भी ब्याज क्रेडिट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आमतौर पर ईपीएफ पर ब्याज दर की घोषणा पहले कर दी जाती है, लेकिन खातों में इसका वास्तविक क्रेडिट कई हफ्तों या महीनों बाद दिखाई देता है। इसी वजह से कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रहती है।

खाताधारकों का कहना है कि ब्याज क्रेडिट में देरी के कारण उन्हें यह समझ नहीं आता कि इसका आगे के ब्याज कैलकुलेशन पर कोई असर पड़ेगा या नहीं। कई लोग यह भी जानना चाहते हैं कि क्या यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित है या इसमें समय लगने का कोई तकनीकी कारण है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ईपीएफ में ब्याज की गणना वार्षिक आधार पर की जाती है और इसे खातों में एक साथ क्रेडिट किया जाता है। प्रक्रिया में समय लगना सामान्य माना जाता है और इसका लंबे समय के रिटर्न पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

ईपीएफओ के तहत करोड़ों कर्मचारी अपनी बचत को सुरक्षित निवेश मानते हैं, इसलिए ब्याज अपडेट को लेकर हर साल इसी तरह की चर्चा देखने को मिलती है। खाताधारकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक अपडेट का इंतजार करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।

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