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EPFO का बड़ा ऐलान, खाते में सीधे आएंगे पैसे

Rajeshwari Nishad
1 Nov 2026 4:43 PM IST
EPFO का बड़ा ऐलान, खाते में सीधे आएंगे पैसे
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बिज़नेस : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों और खाताधारकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री ने ईपीएफओ सदस्यों की सुविधा के लिए नई WhatsApp आधारित सेवाओं की शुरुआत की है। इसके माध्यम से कर्मचारी अपने भविष्य निधि खाते का बैलेंस, पिछली पांच ट्रांजैक्शन और पासबुक से संबंधित जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इसके साथ ही संगठन ने लंबे समय से निष्क्रिय पड़े लगभग एक लाख पीएफ खातों में जमा करीब पांच करोड़ रुपये की राशि का स्वतः निपटान करने की पहल भी की है। इस फैसले का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी जमा पूंजी तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना और छोटी रकम के भुगतान में होने वाली परेशानी को कम करना है।

ईपीएफओ देश के संगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों कर्मचारियों की भविष्य निधि और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी सेवाओं का संचालन करता है। अब तक पीएफ बैलेंस और पासबुक की जानकारी प्राप्त करने के लिए सदस्यों को ईपीएफओ की वेबसाइट, उमंग ऐप या अन्य निर्धारित माध्यमों का इस्तेमाल करना पड़ता था। नई WhatsApp सुविधा से सदस्य अपने मोबाइल फोन के जरिए ही खाते से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
ईपीएफओ की नई पहल की घोषणा संगठन के 74वें स्थापना दिवस के अवसर पर की गई है। रविवार, 1 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने भाग लिया। इस अवसर पर ईपीएफओ की डिजिटल सेवाओं का विस्तार करने और निष्क्रिय खातों में जमा छोटी राशि का निपटान आसान बनाने की पहल को प्रमुखता दी गई।
WhatsApp सेवा के माध्यम से सदस्यों को पीएफ बैलेंस देखने, पिछली पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी प्राप्त करने, क्लेम की स्थिति जानने और ईपीएफ पासबुक से संबंधित सहायता मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आधार प्रमाणीकरण और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराई जा सकती है। हालांकि, इन सभी सुविधाओं के सक्रिय होने की तारीख और इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
ईपीएफओ ने सितंबर 2026 में अपना आधिकारिक WhatsApp चैनल शुरू किया था। इस चैनल के माध्यम से सदस्यों को संगठन की योजनाओं, घोषणाओं और महत्वपूर्ण सूचनाओं की जानकारी दी जाती है। नई पहल के तहत WhatsApp पर इंटरैक्टिव सेवाओं का विस्तार करने की योजना है। इससे सदस्यों को केवल सूचना प्राप्त करने के बजाय अपने खाते से संबंधित सवालों के जवाब भी मिल सकेंगे।
ईपीएफओ की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन कर्मचारियों को हो सकता है, जिन्हें वेबसाइट या मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी होती है। WhatsApp देश में व्यापक रूप से इस्तेमाल किया जाने वाला मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। ऐसे में पीएफ से जुड़ी सामान्य जानकारी इसी माध्यम से उपलब्ध होने पर कर्मचारियों का समय बच सकता है। खासकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है।
नई डिजिटल सेवाओं के साथ ईपीएफओ ने निष्क्रिय खातों में जमा छोटी रकम के स्वतः निपटान की भी पहल की है। केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने मार्च 2026 में इस संबंध में पायलट परियोजना को मंजूरी दी थी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पहले चरण में लगभग 1.33 लाख निष्क्रिय खातों को शामिल करने की योजना है। इन खातों में करीब 5.68 करोड़ रुपये जमा हैं। योजना के तहत एक हजार रुपये या उससे कम शेष राशि वाले पात्र खातों का स्वतः निपटान किया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य उन कर्मचारियों को राहत देना है, जिनके पुराने पीएफ खातों में छोटी रकम लंबे समय से जमा है। कई बार नौकरी बदलने, सेवानिवृत्ति या अन्य कारणों से कर्मचारी अपने पुराने खाते में जमा राशि निकालने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। कुछ मामलों में खाते में इतनी कम राशि बची होती है कि सदस्य उसके लिए अलग से दावा करने में रुचि नहीं लेते।
ऐसी परिस्थितियों में स्वतः निपटान की सुविधा कर्मचारियों के लिए मददगार हो सकती है। पायलट योजना के अनुसार, पात्र सदस्यों के आधार से जुड़े और ईपीएफओ रिकॉर्ड में दर्ज बैंक खातों में राशि सीधे भेजी जाएगी। इसके लिए अलग से नया दावा या अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी, बशर्ते सदस्य निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करते हों।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी निष्क्रिय खातों में जमा पैसा एक साथ निकालकर भेज दिया जाएगा। पहले चरण में केवल निर्धारित पात्रता वाले खातों को शामिल किया जाएगा। एक हजार रुपये से अधिक शेष राशि वाले खातों के लिए इस सुविधा का विस्तार पायलट परियोजना के परिणामों के आधार पर किया जा सकता है।
ईपीएफओ के नियमों के अनुसार, किसी खाते को निष्क्रिय मानने की निर्धारित शर्तें होती हैं। केवल कुछ महीनों तक नौकरी नहीं करने या पीएफ योगदान बंद होने से हर खाता स्वतः निष्क्रिय श्रेणी में नहीं आ जाता। इसलिए सदस्यों को अपने खाते की वास्तविक स्थिति की जानकारी आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त करनी चाहिए।
ईपीएफओ पिछले कुछ वर्षों से दावा निपटान की प्रक्रिया को डिजिटल और तेज बनाने पर काम कर रहा है। जून 2025 में संगठन ने पात्र अग्रिम दावों के ऑटो-सेटलमेंट की सीमा एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी थी। इस व्यवस्था का उद्देश्य बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास जैसी जरूरतों के लिए पात्र सदस्यों को जल्दी धन उपलब्ध कराना था।
WhatsApp आधारित सेवाओं के विस्तार के साथ साइबर सुरक्षा भी महत्वपूर्ण विषय है। ईपीएफओ सदस्यों को किसी अनजान WhatsApp नंबर या संदिग्ध लिंक पर अपना यूएएन पासवर्ड, ओटीपी, आधार विवरण अथवा बैंक खाते की गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। संगठन पहले भी अनधिकृत एजेंटों और फर्जी सेवाओं से सावधान रहने की अपील कर चुका है।
सदस्य अपने पीएफ खाते से संबंधित जानकारी के लिए ईपीएफओ की आधिकारिक वेबसाइट और उमंग ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। नई WhatsApp सेवा के लिए अधिकृत नंबर और विस्तृत प्रक्रिया घोषित होने के बाद ही उसका उपयोग करना सुरक्षित रहेगा।
कुल मिलाकर, ईपीएफओ की WhatsApp सेवा और निष्क्रिय खातों के स्वतः निपटान की पहल से कर्मचारियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। एक ओर डिजिटल माध्यम से पीएफ खाते की जानकारी प्राप्त करना आसान होगा, वहीं दूसरी ओर पुराने खातों में फंसी छोटी राशि पात्र सदस्यों तक पहुंचाने की प्रक्रिया सरल हो सकेगी। अब इन सुविधाओं के विस्तृत दिशा-निर्देश और चरणबद्ध क्रियान्वयन पर सदस्यों की नजर रहेगी।
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