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सावन के पहले सोमवार बाजार में हरियाली, आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा

Ratna Netam
3 Aug 2026 5:03 PM IST
सावन के पहले सोमवार बाजार में हरियाली, आईटी शेयरों ने संभाला मोर्चा
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नई दिल्ली : घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय बाजारों में खरीदारी का माहौल रहा और प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स तथा निफ्टी बड़ी बढ़त के साथ बंद हुए। मजबूत ग्लोबल संकेतों, चुनिंदा बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी और निवेशकों के सकारात्मक रुख से बाजार में रौनक लौटती दिखाई दी।

बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 0.70 प्रतिशत यानी 544.39 अंक की बढ़त के साथ 78,639.03 अंक के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 390.70 अंक यानी 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,774.30 अंक पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा देखने को मिला।

सोमवार सुबह बाजार की शुरुआत भी शानदार रही थी। सेंसेक्स करीब 788 अंकों की छलांग लगाकर 78,883 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी ने 189 अंकों की बढ़त के साथ 24,572 के स्तर से कारोबार शुरू किया। बाजार खुलते ही बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के निवेशकों को करीब 4 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ।

कारोबार के दौरान कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। इंडिगो के शेयर में करीब 4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों टीसीएस और इंफोसिस के शेयरों में लगभग 3-3 प्रतिशत की बढ़त रही। फूड डिलीवरी कंपनी इटरनल के शेयरों में भी 2.53 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।

इसके अलावा आईटीसी, एक्सिस बैंक, बजाज फिनसर्व और एलएंडटी जैसे बड़े शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 21 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। वहीं, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों में भी निवेशकों की अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

सुबह के कारोबार में बाजार का रुख काफी मजबूत रहा। सुबह 10:40 बजे सेंसेक्स 609 अंक चढ़कर 78,704 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 197 अंक की बढ़त के साथ 24,581 के स्तर पर था। इस दौरान एनएसई पर 101 शेयरों में अपर सर्किट लगा, जबकि 116 शेयर अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। कुल मिलाकर 2507 शेयरों में तेजी और केवल 599 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

बाजार की तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय संकेत भी अहम रहे। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता की खबरों से निवेशकों की धारणा मजबूत हुई। इसके अलावा अमेरिकी शेयर बाजार में शुक्रवार को तेजी का असर भी भारतीय बाजार पर देखने को मिला। वॉल स्ट्रीट में डाउ जोंस, एसएंडपी 500 और नैस्डैक सभी बढ़त के साथ बंद हुए थे।

हालांकि एशियाई बाजारों में सोमवार को कमजोरी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 दबाव में रहे। इसके बावजूद भारतीय बाजारों ने घरेलू कारणों के चलते मजबूती बनाए रखी।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार को राहत दी। ब्रेंट क्रूड में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट दर्ज की गई और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड भी 81 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया। कच्चे तेल की कीमतों में कमी भारत के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है क्योंकि इससे आयात खर्च और महंगाई पर दबाव कम हो सकता है।

इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक भी बाजार की नजरों में है। तीन दिवसीय बैठक सोमवार से शुरू हुई है और 5 अगस्त को आरबीआई गवर्नर नीतिगत फैसलों की घोषणा करेंगे। बाजार विशेषज्ञों को उम्मीद है कि आरबीआई रेपो रेट में बड़ा बदलाव नहीं करेगा।

इससे पहले शुक्रवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे। सेंसेक्स 166 अंक बढ़कर 78,094 और निफ्टी 66 अंक चढ़कर 24,383.60 के स्तर पर बंद हुआ था।

फिलहाल बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है, लेकिन निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम, आरबीआई की नीति और कंपनियों के तिमाही नतीजों पर बनी रहेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों को बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच सोच-समझकर निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।

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