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ChatGPT समेत मॉडल्स की होगी जांच
ब्रुसेल्स: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के बीच यूरोपीय संघ (EU) ने ChatGPT जैसे बड़े AI मॉडल पर निगरानी और नियमों को और सख्त कर दिया है। अब AI कंपनियों को पारदर्शिता, सुरक्षा और उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा से जुड़े कड़े मानकों का पालन करना होगा।
EU ने AI Act और डिजिटल सेवाओं से जुड़े नियमों के तहत AI सिस्टम की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह दुनिया के पहले व्यापक AI कानूनों में से एक है, जिसका उद्देश्य AI के जोखिमों को नियंत्रित करना और सुरक्षित इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।
क्यों बढ़ाई गई AI पर निगरानी?
ChatGPT जैसे जनरेटिव AI मॉडल तेजी से लोकप्रिय हुए हैं। इनका इस्तेमाल शिक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, शोध और रोजमर्रा के कामों में बढ़ा है। लेकिन इनके साथ गलत जानकारी फैलने, गोपनीयता, कॉपीराइट और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा जैसी चिंताएं भी सामने आई हैं।
EU का मानना है कि बड़े AI प्लेटफॉर्म का समाज पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, इसलिए इनके लिए ज्यादा जवाबदेही जरूरी है।
AI कंपनियों को किन नियमों का करना होगा पालन?
नए नियमों के तहत AI सेवा देने वाली कंपनियों को कई अहम जिम्मेदारियां निभानी होंगी—
AI मॉडल की क्षमताओं और सीमाओं के बारे में पारदर्शिता रखना
सुरक्षा जोखिमों की पहचान और निगरानी करना
अवैध या हानिकारक कंटेंट को रोकने के उपाय करना
कॉपीराइट नियमों का पालन करना
उपयोगकर्ताओं को AI से तैयार सामग्री की जानकारी देना
EU AI Act में सामान्य उद्देश्य वाले AI मॉडल (General Purpose AI) के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं।
ChatGPT पर क्या असर पड़ेगा?
ChatGPT को अब यूरोप में ज्यादा सख्त निगरानी वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जा रहा है। इसके तहत OpenAI को सुरक्षा, पारदर्शिता और जोखिम प्रबंधन से जुड़े अतिरिक्त नियमों का पालन करना होगा।
इसका मतलब यह नहीं है कि ChatGPT पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है, बल्कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि AI का इस्तेमाल सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ हो।
कंपनियों पर लग सकता है जुर्माना
EU के नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। यूरोपीय संघ का कहना है कि AI तकनीक का विकास जरूरी है, लेकिन इसके साथ नागरिकों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
दुनिया के लिए बन सकता है मॉडल
यूरोप का AI कानून दुनिया भर के लिए एक उदाहरण बन सकता है। कई देश अब AI को नियंत्रित करने के लिए अपने-अपने नियम तैयार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI कंपनियों को तकनीकी विकास के साथ कानूनी जिम्मेदारियों पर भी ध्यान देना होगा।
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