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भारतीय बैंक की कमाई में बड़ा उछाल, NII 1600 करोड़ पार

Saba Naaz
17 July 2026 6:29 PM IST
भारतीय बैंक की कमाई में बड़ा उछाल, NII 1600 करोड़ पार
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BUSINESS: भारत के 83 साल पुराने निजी क्षेत्र के बैंक RBL Bank ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे घोषित किए हैं। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर ₹254 करोड़ पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में बैंक का मुनाफा ₹200 करोड़ था। दुबई के Emirates NBD Bank द्वारा बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बाद RBL Bank के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है। निवेश के बाद बैंक की संपत्ति गुणवत्ता, क्रेडिट रेटिंग और बाजार में भरोसा मजबूत हुआ है।

RBL Bank में Emirates NBD Bank ने 60 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदकर नियंत्रण हासिल किया है और अब वह बैंक का प्रमोटर बन गया है। यह सौदा करीब 2.75 अरब डॉलर का बताया जा रहा है। निवेश के बाद बैंक की रणनीति, पूंजी स्थिति और भविष्य के विस्तार को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं।

बैंक द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 को समाप्त पहली तिमाही में RBL Bank की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। बैंक की NII सालाना आधार पर 12 प्रतिशत बढ़कर ₹1,654 करोड़ हो गई है। वहीं, ऑपरेटिंग प्रॉफिट में 31 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी हुई है और यह ₹923 करोड़ तक पहुंच गया है।

बैंक की अन्य आय में हालांकि कुछ गिरावट दर्ज की गई है। अन्य आय सालाना आधार पर 10 प्रतिशत कम होकर ₹959 करोड़ रही है। इसके बावजूद कोर शुल्क आय में मजबूती देखने को मिली है। कोर शुल्क आय 16 प्रतिशत बढ़कर ₹923 करोड़ हो गई है, जिससे बैंक की मुख्य कमाई क्षमता में सुधार का संकेत मिलता है।

RBL Bank ने अपने परिचालन खर्चों को भी नियंत्रित किया है। बैंक का ऑपरेटिंग खर्च सालाना आधार पर 8 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत घटकर ₹1,691 करोड़ रहा। बैंक का कॉस्ट टू इनकम रेशियो भी पहले के मुकाबले बेहतर हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह 72.4 प्रतिशत था, जो अब घटकर 64.7 प्रतिशत रह गया है।

बैंक के कारोबार में जमा राशि में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। कुल जमा राशि सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर ₹1,24,829 करोड़ हो गई है। वहीं, औसत कुल जमा राशि में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह ₹1,29,362 करोड़ तक पहुंच गई है। छोटे जमाकर्ताओं यानी 3 करोड़ रुपये से कम की ग्रैन्युलर डिपॉजिट में भी 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह ₹65,365 करोड़ हो गई है।

RBL Bank की एसेट क्वालिटी में सुधार इस तिमाही की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। बैंक का ग्रॉस एनपीए यानी सकल गैर निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात पिछले साल के 2.78 प्रतिशत से घटकर 1.30 प्रतिशत पर आ गया है। वहीं, नेट एनपीए भी 0.45 प्रतिशत से घटकर 0.37 प्रतिशत रह गया है। इससे बैंक की वित्तीय स्थिति मजबूत होने का संकेत मिलता है।

बैंक की लंबी अवधि की क्रेडिट रेटिंग को भी अपग्रेड कर 'AAA' कर दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेटिंग में सुधार से बैंक की बाजार में विश्वसनीयता बढ़ेगी और भविष्य में पूंजी जुटाने में भी मदद मिलेगी।

Emirates NBD के निवेश को बैंक के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। दुबई स्थित इस बैंक के साथ साझेदारी से RBL Bank को अंतरराष्ट्रीय अनुभव, बेहतर तकनीक और विस्तार के नए अवसर मिलने की उम्मीद है। बैंक का कहना है कि नई पूंजी का इस्तेमाल कारोबार बढ़ाने, ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने और डिजिटल बैंकिंग को मजबूत करने में किया जाएगा।

RBL Bank के एमडी और सीईओ आर. सुब्रमण्यकुमार ने कहा कि Emirates NBD के साथ पूंजी जुटाने की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह निवेश बैंक के भविष्य के विकास और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कुल मिलाकर, Emirates NBD के निवेश के बाद RBL Bank के पहली तिमाही के नतीजे मजबूत रहे हैं। बढ़ता मुनाफा, बेहतर एसेट क्वालिटी और मजबूत रेटिंग बैंक के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं। आने वाले समय में बैंक अपने विस्तार और नई योजनाओं के जरिए भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करने की तैयारी में है।

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