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जेफरीज का बड़ा अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था रहेगी मजबूत

Ratna Netam
20 Sept 2026 7:13 PM IST
जेफरीज का बड़ा अनुमान भारत की अर्थव्यवस्था रहेगी मजबूत
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नई दिल्ली। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म **जेफरीज** ने भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान जताया है। अपनी ताजा रिपोर्ट में जेफरीज ने कहा है कि भारत चालू वित्त वर्ष में **6.5 प्रतिशत से 7 प्रतिशत तक वास्तविक GDP ग्रोथ** दर्ज करने की राह पर है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश की आर्थिक मजबूती और संरचनात्मक विकास की कहानी आगे भी जारी रहने की उम्मीद है।ब्रोकरेज ने यह भी अनुमान लगाया है कि भारत की **नॉमिनल GDP ग्रोथ करीब 11-12 प्रतिशत** रह सकती है। इसके साथ ही कॉर्पोरेट कंपनियों की कमाई में भी सुधार की संभावना जताई गई है।
कॉर्पोरेट कमाई में तेजी की उम्मीद
जेफरीज के अनुसार, भारत में आर्थिक गतिविधियों में मजबूती का असर कंपनियों के प्रदर्शन पर दिखाई दे सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि कॉर्पोरेट कमाई की ग्रोथ चालू वित्त वर्ष में करीब **14 प्रतिशत** से बढ़कर अप्रैल 2027 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष में **17 प्रतिशत** तक पहुंच सकती है।रिपोर्ट में कहा गया है कि नॉमिनल GDP में सुधार कंपनियों की आय बढ़ाने में मदद कर सकता है। आर्थिक विस्तार और मांग में सुधार से कई सेक्टर की कंपनियों को फायदा मिलने की संभावना जताई गई है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत मजबूत
जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जियोपॉलिटिकल तनाव और ऊर्जा से जुड़े जोखिमों के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत बनी हुई है।ब्रोकरेज के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं के बीच भी भारत की घरेलू मांग, निवेश गतिविधियां और आर्थिक सुधार विकास को सहारा दे रहे हैं।
स्ट्रक्चरल ग्रोथ की कहानी जारी
रिपोर्ट में भारत की आर्थिक वृद्धि को लंबे समय की संरचनात्मक विकास कहानी से जोड़कर देखा गया है। जेफरीज का कहना है कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, डिजिटलीकरण, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियां आर्थिक गति को बनाए रखने में मदद कर रही हैं।भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से आगे बढ़ रहा है और घरेलू बाजार की मजबूती इसकी बड़ी ताकत मानी जा रही है।
GDP ग्रोथ का क्या मतलब?
GDP यानी सकल घरेलू उत्पाद किसी देश में एक निश्चित अवधि के दौरान उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाता है। वास्तविक GDP ग्रोथ में महंगाई के प्रभाव को हटाकर आर्थिक वृद्धि को मापा जाता है।वहीं, नॉमिनल GDP में मौजूदा कीमतों के आधार पर आर्थिक गतिविधियों का आकलन किया जाता है। दोनों आंकड़े अर्थव्यवस्था की स्थिति समझने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत
ब्रोकरेज रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक विकास और कंपनियों की कमाई में सुधार शेयर बाजार के लिए भी सकारात्मक संकेत हो सकता है।अगर कंपनियों की आय में लगातार बढ़ोतरी होती है तो निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में निवेश कई अन्य कारकों जैसे वैश्विक बाजार, ब्याज दरों, महंगाई और कंपनियों के प्रदर्शन पर भी निर्भर करता है।
ऊर्जा और वैश्विक जोखिमों की चुनौती
जेफरीज ने भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर सकारात्मक रुख रखा है, लेकिन साथ ही कुछ जोखिमों का भी जिक्र किया है।ब्रोकरेज के अनुसार, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां और ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव का असर भारत जैसे बड़े आयातक देश पर पड़ सकता है।
घरेलू मांग बनी ताकत
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की घरेलू खपत और बढ़ती आर्थिक गतिविधियां विकास के प्रमुख आधार बने हुए हैं।मध्यम वर्ग का विस्तार, डिजिटल अर्थव्यवस्था का विकास और निवेश में बढ़ोतरी जैसे कारक आर्थिक विकास को गति दे सकते हैं।
आगे की संभावनाएं
जेफरीज का अनुमान है कि आने वाले समय में भारत की आर्थिक रफ्तार बनी रह सकती है। कॉर्पोरेट सेक्टर की बेहतर कमाई, निवेश में वृद्धि और मजबूत घरेलू मांग विकास को समर्थन दे सकती है।हालांकि, वैश्विक परिस्थितियों और नीतिगत बदलावों पर भी नजर रखना जरूरी होगा।
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