व्यापार
AI ML वालों पर भी मंडराया Layoff का खतरा 66% कर्मचारियों ने जताई चिंता
Ratna Netam
9 Aug 2026 2:56 PM IST

x
नई दिल्ली : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को दुनिया भर में नौकरी और कामकाज के तरीके में सबसे बड़ा बदलाव लाने वाली तकनीकों में से एक माना जा रहा है। कंपनियां तेजी से AI, मशीन लर्निंग और ऑटोमेशन को अपने कारोबार में शामिल कर रही हैं। इससे जहां काम की गति और उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है, वहीं कर्मचारियों के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि AI और मशीन लर्निंग के क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारी भी खुद को पूरी तरह सुरक्षित नहीं मान रहे हैं।
भारत में किए गए एक नए सर्वे के मुताबिक, AI और मशीन लर्निंग से जुड़े 66 फीसदी कर्मचारियों को आशंका है कि अगले तीन से छह महीनों में उनकी टीम में छंटनी या कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कटौती हो सकती है। यह आंकड़ा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AI और ML प्रोफेशनल्स को आमतौर पर उन कर्मचारियों में गिना जाता है, जिनकी तकनीकी विशेषज्ञता के कारण आने वाले समय में मांग बढ़ने की उम्मीद की जाती है।
यह सर्वे प्रोफेशनल कम्युनिटी प्लेटफॉर्म Blind की ओर से किया गया। जुलाई 2026 में भारत में काम करने वाले 1,552 प्रोफेशनल्स से नौकरी की सुरक्षा को लेकर उनकी राय पूछी गई। सर्वे के परिणाम बताते हैं कि AI का असर केवल पारंपरिक नौकरियों तक सीमित नहीं है। AI बनाने, विकसित करने और लागू करने वाले कर्मचारियों के बीच भी यह चिंता मौजूद है कि कंपनियां तकनीक और ऑटोमेशन की मदद से कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम कर सकती हैं।
सर्वे में सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े कर्मचारियों में सबसे ज्यादा 68 फीसदी लोगों ने अगले तीन से छह महीनों में छंटनी या बड़े स्तर पर हेडकाउंट कम होने की आशंका जताई। इसके बाद AI और मशीन लर्निंग क्षेत्र का नंबर रहा, जहां 66 फीसदी कर्मचारियों ने नौकरी में कटौती की आशंका व्यक्त की। प्रोडक्ट और डिजाइन क्षेत्र में भी 65 फीसदी कर्मचारियों ने ऐसी चिंता जताई।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि नौकरी की सुरक्षा केवल इस बात पर निर्भर नहीं करती कि कर्मचारी तकनीकी क्षेत्र में काम करता है या नहीं। कंपनियों की लागत घटाने की रणनीति, कारोबार की स्थिति, ऑटोमेशन की रफ्तार और भविष्य की योजनाएं भी कर्मचारियों की नौकरी को प्रभावित कर सकती हैं।
इंजीनियरिंग में डर अपेक्षाकृत कम
सर्वे का एक दिलचस्प पहलू इंजीनियरिंग से जुड़ा है। आमतौर पर यह माना जाता है कि AI और ऑटोमेशन का असर सबसे पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों पर पड़ सकता है। लेकिन सर्वे में इंजीनियरों के बीच तत्काल छंटनी को लेकर चिंता अन्य कई विभागों की तुलना में कम दिखाई दी।
सिर्फ 24 फीसदी इंजीनियरों ने कहा कि उनकी टीम में कर्मचारियों की संख्या घटने की संभावना बहुत ज्यादा है। हालांकि, इंजीनियरिंग क्षेत्र में कुल मिलाकर जोखिम की भावना करीब 58 फीसदी रही। इसका मतलब यह है कि इंजीनियरिंग में काम करने वाले कर्मचारी भी पूरी तरह निश्चिंत नहीं हैं, लेकिन उनका डर कुछ अन्य विभागों की तुलना में कम है।
डेटा और एनालिटिक्स से जुड़े कर्मचारियों में भी स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। इस क्षेत्र में जोखिम वाली भावना करीब 51 फीसदी रही। करीब 10 में से चार कर्मचारियों ने छंटनी की संभावना कम होने की बात कही।
कुछ कंपनियों में ज्यादा चिंता
सर्वे में अलग-अलग कंपनियों के कर्मचारियों की राय में भी बड़ा अंतर देखने को मिला। Salesforce में 81 फीसदी और Oracle में 80 फीसदी कर्मचारियों ने नौकरी में कटौती की आशंका जताई। Uber में यह आंकड़ा 77 फीसदी और PayPal में 75 फीसदी रहा।
वहीं भारतीय SaaS कंपनियों में स्थिति अलग दिखाई दी। Zoho में सिर्फ 9 फीसदी कर्मचारियों ने छंटनी को लेकर चिंता जताई, जबकि Freshworks में यह आंकड़ा 44 फीसदी रहा। इससे पता चलता है कि नौकरी की सुरक्षा किसी विशेष तकनीकी विभाग के साथ-साथ कंपनी के बिजनेस मॉडल और आर्थिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
छंटनी से पहले मिलते हैं ये संकेत
सर्वे में कर्मचारियों ने यह भी बताया कि उन्हें छंटनी की आशंका के संकेत आधिकारिक घोषणा से पहले ही मिलने लगते हैं। 27 फीसदी कर्मचारियों ने हायरिंग फ्रीज को सबसे बड़ा संकेत माना। वहीं 24 फीसदी लोगों ने बजट या हेडकाउंट लक्ष्य में कटौती को महत्वपूर्ण संकेत बताया। केवल 9 फीसदी कर्मचारियों ने औपचारिक छंटनी की घोषणा को प्रमुख संकेत माना।
इससे पता चलता है कि कंपनियों में लागत कम करने की प्रक्रिया कई बार आधिकारिक छंटनी से पहले शुरू हो जाती है। नई भर्तियां रोकना, टीम का बजट घटाना और नए प्रोजेक्ट्स पर खर्च कम करना कर्मचारियों के लिए शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
AI के दौर में स्किल अपग्रेड जरूरी
सर्वे का व्यापक संदेश यह है कि केवल AI या मशीन लर्निंग क्षेत्र में काम करना नौकरी की स्थायी सुरक्षा की गारंटी नहीं है। बदलते तकनीकी माहौल में कर्मचारियों के लिए अपनी मौजूदा विशेषज्ञता के साथ नई AI तकनीकों, ऑटोमेशन और AI आधारित टूल्स की समझ विकसित करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
हालांकि, इस सर्वे के आंकड़ों को नौकरी जाने की निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जा सकता। यह मुख्य रूप से कर्मचारियों की धारणा और उनकी नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंता को दर्शाता है। AI का दौर संभवतः कई नौकरियों को खत्म करने के बजाय उनके स्वरूप और काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है। ऐसे में लगातार नई स्किल सीखने और AI को अपने काम का हिस्सा बनाने वाले प्रोफेशनल्स बदलते रोजगार बाजार में खुद को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाए रख सकते हैं।
TagsLayoff risk66%employeesworryLayoffखतराकर्मचारियोंचिंताजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताजनता से रिश्ता.कॉमआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





