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MSE पर ट्रेड होंगे NSE के शेयर
मुंबई: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO के बाद अब इसके शेयरों की ट्रेडिंग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। NSE के शेयर 24 सितंबर 2026 से BSE के साथ Metropolitan Stock Exchange of India (MSEI) पर भी ट्रेड किए जा सकेंगे। MSEI ने NSE के इक्विटी शेयरों को अपने कैपिटल मार्केट सेगमेंट में “Permitted to Trade” कैटेगरी के तहत शामिल करने की जानकारी दी है।
NSE की शेयर बाजार में एंट्री लंबे समय से निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई थी। कंपनी का IPO 17 सितंबर को खुला था और 21 सितंबर को बंद हुआ। अब 24 सितंबर को शेयरों की बाजार में शुरुआत निर्धारित है।
IPO को मिला 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन
NSE के IPO को निवेशकों से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। अंतिम दिन यह इश्यू कुल 5.71 गुना सब्सक्राइब हुआ। करीब 8.86 करोड़ शेयरों के मुकाबले 50.58 करोड़ से ज्यादा शेयरों के लिए बोलियां मिलीं।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB कैटेगरी में सबसे ज्यादा मांग देखने को मिली और यह हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। NSE के IPO में शेयरों का प्राइस बैंड 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। एक लॉट में 8 शेयर रखे गए थे।
करीब 22,569 करोड़ रुपये का IPO
ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर NSE के सार्वजनिक निर्गम का आकार करीब 22,569 करोड़ रुपये रहा। यह पूरा इश्यू ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसमें मौजूदा शेयरधारकों की ओर से करीब 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री के लिए रखे गए। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाली रकम सीधे NSE को नहीं मिलेगी।
MSEI पर कैसे होगी ट्रेडिंग?
Metropolitan Stock Exchange ने 23 सितंबर को जारी सूचना में कहा कि NSE के इक्विटी शेयरों को 24 सितंबर से कैपिटल मार्केट सेगमेंट में Permitted to Trade श्रेणी में ट्रेडिंग की अनुमति दी जाएगी। इस तरह NSE के शेयर BSE पर लिस्टिंग के साथ MSEI प्लेटफॉर्म पर भी ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे।
“Permitted to Trade” व्यवस्था में किसी अन्य मान्यता प्राप्त एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सिक्योरिटी को एक्सचेंज अपने प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग की अनुमति दे सकता है। यह सीधे उस एक्सचेंज पर सामान्य लिस्टिंग के समान व्यवस्था नहीं होती।
ग्रे मार्केट पर भी निवेशकों की नजर
लिस्टिंग से पहले NSE के शेयरों के ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP पर भी बाजार की नजर बनी हुई है। 23 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक GMP करीब 43 रुपये प्रति शेयर था। 1,785 रुपये के ऊपरी इश्यू प्राइस के आधार पर यह लगभग 2.4 प्रतिशत प्रीमियम का संकेत था। हालांकि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है और इसमें तेजी से बदलाव हो सकता है, इसलिए इसे वास्तविक लिस्टिंग मूल्य की गारंटी नहीं माना जा सकता।
अब निवेशकों का ध्यान 24 सितंबर पर है, जब NSE के शेयर शेयर बाजार में अपना डेब्यू करेंगे।
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