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8th Pay आयोग से पहले बदला गणित, फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारियों की बढ़ी चिंता

Ratna Netam
20 July 2026 3:28 PM IST
8th Pay  आयोग से पहले बदला गणित, फिटमेंट फैक्टर पर कर्मचारियों की बढ़ी चिंता
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New Delhi नई दिल्ली : 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि नए वेतन आयोग लागू होने के बाद उनकी सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। कर्मचारियों के बीच चर्चा है कि अगर सरकार 2.0 फिटमेंट फैक्टर लागू करती है तो उनकी सैलरी सीधे दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, वेतन गणना का वास्तविक तरीका इससे अलग है।

विशेषज्ञों के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर का सीधा असर केवल कर्मचारी के बेसिक पे यानी मूल वेतन पर पड़ता है। यह पूरी ग्रॉस सैलरी पर लागू नहीं होता। कर्मचारी की कुल आय में बेसिक वेतन के अलावा कई तरह के भत्ते जैसे महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य सुविधाएं शामिल होती हैं। इसलिए बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी होने के बावजूद हाथ में आने वाली कुल सैलरी उतनी नहीं बढ़ती।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी का मौजूदा बेसिक वेतन 25 हजार रुपये है और फिटमेंट फैक्टर 2.0 लागू होता है, तो नया बेसिक वेतन 50 हजार रुपये हो सकता है। लेकिन कर्मचारी की कुल सैलरी में मिलने वाले अन्य भत्तों की गणना अलग नियमों के आधार पर होगी। ऐसे में ग्रॉस सैलरी में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी होना संभव नहीं है।

सातवें वेतन आयोग में भी फिटमेंट फैक्टर को लेकर कर्मचारियों के बीच काफी चर्चा हुई थी। उस समय 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक पे में बड़ा बदलाव आया था। लेकिन कुल वेतन में वृद्धि केवल बेसिक पे के आधार पर नहीं हुई थी, क्योंकि अन्य भत्तों को भी नए नियमों के अनुसार संशोधित किया गया था।

अब 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया गया है। कर्मचारियों के संगठन लंबे समय से बेहतर फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि की मांग कर रहे हैं।

फिटमेंट फैक्टर वेतन आयोग की सबसे अहम सिफारिशों में से एक होता है। इसके जरिए पुराने बेसिक वेतन को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है। सरकार वेतन आयोग की सिफारिशों, आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और सरकारी खर्च को ध्यान में रखते हुए फिटमेंट फैक्टर तय करती है।

पेंशनर्स के लिए भी फिटमेंट फैक्टर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनकी पेंशन भी संशोधित बेसिक पेंशन के आधार पर तय हो सकती है। हालांकि, अंतिम बदलाव वेतन आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से उनकी आय में अच्छी बढ़ोतरी होगी और महंगाई के दबाव से राहत मिलेगी। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि सैलरी सीधे दोगुनी हो जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि कर्मचारियों को केवल फिटमेंट फैक्टर देखकर अनुमान नहीं लगाना चाहिए। वास्तविक वेतन वृद्धि सरकार के अंतिम फैसले, भत्तों में बदलाव और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगी। 8वें वेतन आयोग की घोषणा और इसकी सिफारिशों के बाद ही कर्मचारियों की नई सैलरी का पूरा गणित सामने आएगा।

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