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एप्पल इंडिया के कारोबार में नया रिकॉर्ड, राजस्व पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार

nidhi
20 Oct 2026 6:57 PM IST
एप्पल इंडिया के कारोबार में नया रिकॉर्ड, राजस्व पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार
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एप्पल इंडिया का बड़ा कीर्तिमान
भारत में Apple का कारोबार पहली बार 1 लाख करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू के आंकड़े को पार कर गया है। FY2026 में कंपनी के ऑपरेशंस से 1,03,853 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हुआ, जो FY2025 के 79,060 करोड़ रुपये के मुकाबले 31 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी है। बिजनेस इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म 'AltInfo' के जरिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में जमा किए गए दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी का नेट प्रॉफिट और भी तेजी से बढ़ा है - यह एक साल पहले के 3,196 करोड़ रुपये से 66 प्रतिशत बढ़कर 5,311 करोड़ रुपये हो गया है।
यह प्रदर्शन भारत में Apple की तेज ग्रोथ को दर्शाता है। पिछले वित्त वर्ष में रेवेन्यू ग्रोथ 18 प्रतिशत थी, जबकि वॉल्यूम ग्रोथ FY2025 के 11 प्रतिशत से दोगुनी से भी ज्यादा होकर FY2026 में 24 प्रतिशत पर पहुंच गई।
iPhone की मांग से मिली ग्रोथ
यह उपलब्धि मुख्य रूप से प्रीमियम सेगमेंट में iPhone की मजबूत मांग के कारण हासिल हुई, जबकि भारत के व्यापक स्मार्टफोन बाजार में सुस्ती देखी गई। भारत में Apple की बढ़ती रिटेल मौजूदगी, फाइनेंसिंग के विकल्प और भारतीय स्मार्टफोन बाजार के लगातार प्रीमियम होने (यानी महंगे फोन की ओर झुकाव) ने कंपनी को पूरे बाजार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की।
Apple ने अपने दस्तावेजों में इस तेजी के कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है। हालांकि, साल की शुरुआत में इंडस्ट्री के अनुमानों में कहा गया था कि FY2026 में iPhone की शिपमेंट में सालाना आधार पर लगभग 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी और भारत से होने वाला रेवेन्यू 10 अरब डॉलर को पार कर जाएगा।
Samsung के मोबाइल कारोबार में गिरावट
इन नतीजों से Apple के सबसे बड़े स्थानीय प्रतिद्वंद्वी, Samsung के साथ अंतर और भी साफ हो गया है। FY2026 में Samsung India के मोबाइल फोन रेवेन्यू में 1.4 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 82,595 करोड़ रुपये से घटकर 81,472 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, Samsung Electronics India का कुल रेवेन्यू मामूली रूप से 1.2 प्रतिशत बढ़कर 1.12 लाख करोड़ रुपये हो गया।
Samsung के व्यापक पोर्टफोलियो में टेलीविजन, घरेलू उपकरण (होम एप्लायंसेज), टेलीकॉम नेटवर्क उपकरण और निर्यात शामिल हैं, इसलिए इसका कुल रेवेन्यू Apple India के मुकाबले अभी भी ज्यादा है। लेकिन इसके स्मार्टफोन बिज़नेस को प्रीमियम कैटेगरी में एप्पल से, और मास मार्केट में वीवो, शाओमी, ओप्पो और रियलमी जैसे चीनी ब्रांडों से दबाव का सामना करना पड़ा।
आंकड़े क्या बताते हैं और क्या नहीं
एप्पल इंडिया के रिपोर्ट किए गए रेवेन्यू में देश से होने वाली आईफोन की मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट का पूरा पैमाना शामिल नहीं है। इन एक्सपोर्ट का काम एप्पल के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर संभालते हैं, और इनकी बिक्री एप्पल इंडिया के अकाउंट्स के बजाय विदेशों में मौजूद एप्पल ग्रुप की कई अन्य इकाइयों के ज़रिए दर्ज की जाती है।
इसके बावजूद, ये फाइलिंग बताती हैं कि एप्पल के लिए भारत का महत्व लगातार बढ़ रहा है। भारत में कंपनी का बिज़नेस अब केवल स्थिर विस्तार से आगे बढ़कर एक काफी बड़े रेवेन्यू बेस तक पहुँच गया है। यहाँ मुनाफ़े की ग्रोथ, बिक्री की ग्रोथ से भी तेज़ है, जो यह संकेत देती है कि बाज़ार में कंपनी का ऑपरेटिंग लेवरेज बेहतर हो रहा है।
'प्रीमियम-फर्स्ट' रणनीति
भारत में एप्पल की रणनीति मुख्य रूप से प्रीमियम डिमांड, फिजिकल रिटेल के विस्तार, ट्रेड-इन और फाइनेंसिंग प्रोग्राम, और एक व्यापक प्रोडक्ट इकोसिस्टम पर केंद्रित रही है। FY2026 के नतीजे बताते हैं कि इस रणनीति से न केवल औसत बिक्री मूल्य (average selling price) में बढ़ोतरी हुई है, बल्कि वॉल्यूम और मुनाफ़े में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है।
जहाँ एक तरफ सैमसंग के मोबाइल रेवेन्यू में गिरावट आ रही है, वहीं दूसरी तरफ एप्पल का रेवेन्यू बढ़ रहा है। ताज़ा फाइलिंग से पता चलता है कि भारत में प्रीमियम स्मार्टफोन की जंग में पलड़ा एप्पल की तरफ झुक रहा है, हालाँकि पूरे देश में कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में सैमसंग की पहुँच अभी भी ज़्यादा व्यापक है।
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