
Business बिजनेस : सरकार ने एलपीजी और पीएनजी कनेक्शन से जुड़े नियमों में सख्ती करते हुए पिछले महीने एक बड़ा बदलाव लागू किया है। नए नियमों के अनुसार अब एक ही पते पर दो गैस कनेक्शन—एलपीजी और पीएनजी—एक साथ रखना संभव नहीं होगा। इस फैसले का सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है।
नए प्रावधानों के तहत यदि किसी क्षेत्र में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG (Piped Natural Gas) की सप्लाई उपलब्ध हो चुकी है और किसी उपभोक्ता ने उसी पते पर कनेक्शन ले लिया है, तो उसे अपने मौजूदा एलपीजी कनेक्शन को निर्धारित समय सीमा के भीतर सरेंडर करना अनिवार्य होगा।
सरकारी नियमों के अनुसार ऐसे सभी उपभोक्ताओं को 30 दिनों के भीतर अपना एलपीजी कनेक्शन बंद करना होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी व्यक्ति ने 6 जून 2026 को PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन लिया है, तो उसे 6 जुलाई 2026 तक अपना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
इस कदम का उद्देश्य घरेलू गैस आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और एकीकृत बनाना बताया जा रहा है। सरकार का मानना है कि एक ही घर में दो अलग-अलग गैस कनेक्शन होने से संसाधनों का दुरुपयोग होता है और वितरण व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
नए नियमों के तहत जिन क्षेत्रों में PNG (Piped Natural Gas) की सुविधा उपलब्ध है, वहां उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर इसी गैस कनेक्शन का उपयोग करना होगा। वहीं एलपीजी कनेक्शन को वैकल्पिक रूप से बंद कर दिया जाएगा।
हालांकि इस फैसले के बाद उपभोक्ताओं के बीच कुछ असमंजस भी देखने को मिल रहा है। कई लोगों का कहना है कि एलपीजी कनेक्शन आपात स्थिति में उपयोगी होता है, इसलिए इसे पूरी तरह हटाना उनके लिए असुविधाजनक हो सकता है।
उपभोक्ता मामलों के जानकारों का मानना है कि यह कदम लंबे समय में गैस वितरण प्रणाली को अधिक कुशल और व्यवस्थित बना सकता है, लेकिन शुरुआती दौर में लोगों को इसके साथ तालमेल बैठाने में समय लग सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार इस नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए गैस एजेंसियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और उल्लंघन की स्थिति में कनेक्शन रद्द भी किया जा सकता है।
कुल मिलाकर, नए नियमों के तहत अब घरेलू गैस उपयोग प्रणाली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां एक ही पते पर एलपीजी और PNG (Piped Natural Gas) दोनों कनेक्शन रखना संभव नहीं होगा और उपभोक्ताओं को तय समय सीमा के भीतर निर्णय लेना होगा।





