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China-India व्यापार में नया अपडेट, चावल निर्यात के लिए नए नियम जारी

Kanchan Paikara
16 Jun 2026 6:42 PM IST
China-India व्यापार में नया अपडेट, चावल निर्यात के लिए नए नियम जारी
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इस फैसले के बाद भारतीय चावल निर्यातकों में चिंता बढ़ गई थी

New Delhi नई दिल्ली : नई दिल्ली में भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर एक बार फिर नया अपडेट सामने आया है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से व्यापारिक रिश्ते रहे हैं, हालांकि कई बार विभिन्न मुद्दों पर तनाव की स्थिति भी देखने को मिली है। इसी बीच चावल निर्यात को लेकर एक नया विवाद और उसके बाद समाधान की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च महीने में चीन ने भारत से भेजे गए चावल के कुछ शिपमेंट को वापस लौटा दिया था। चीन का कहना था कि इन चावल की खेप में GMO (Genetically Modified Organism) के अंश पाए गए हैं। इस कारण चीन ने भारतीय चावल के आयात पर अस्थायी रोक जैसी स्थिति बना दी थी।

इस फैसले के बाद भारतीय चावल निर्यातकों में चिंता बढ़ गई थी। निर्यातकों ने सरकार और Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority (APEDA) से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की थी। उनका कहना था कि चीन जैसे बड़े बाजार में बाधा आने से भारतीय चावल उद्योग पर असर पड़ सकता है।

भारत दुनिया के सबसे बड़े चावल निर्यातकों में से एक है, और बासमती सहित कई किस्मों का निर्यात विभिन्न देशों में किया जाता है। ऐसे में किसी भी बड़े बाजार में रुकावट आने से निर्यातकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

अब इस पूरे मामले में APEDA की ओर से एक अहम कदम उठाया गया है। संस्था ने चीन को चावल निर्यात को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निर्यात होने वाले चावल अंतरराष्ट्रीय मानकों और गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी आपत्ति से बचा जा सके।

जानकारों के मुताबिक, इन नए नियमों से भारतीय चावल निर्यात प्रणाली और मजबूत होगी। इससे न केवल गुणवत्ता नियंत्रण बेहतर होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय चावल की विश्वसनीयता भी बनी रहेगी।

चीन और भारत के बीच व्यापार कई क्षेत्रों में फैला हुआ है, लेकिन कृषि उत्पादों को लेकर मानक और नियम अक्सर चर्चा का विषय बनते रहे हैं। इस नए घटनाक्रम के बाद उम्मीद की जा रही है कि दोनों देशों के बीच चावल व्यापार फिर से सामान्य स्थिति में लौट सकता है।

निर्यात विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत गुणवत्ता मानकों को और मजबूत करता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसकी पकड़ और मजबूत हो सकती है। वहीं चीन जैसे बड़े बाजार में स्थिरता आने से भारतीय किसानों और निर्यातकों दोनों को फायदा मिलेगा।

कुल मिलाकर, APEDA के नए दिशा-निर्देश भारत-चीन चावल व्यापार में संतुलन बनाने और भविष्य में विवादों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।

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