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NSE IPO की कीमत तय रिटेल निवेशक ₹14,280 से लगा सकेंगे दांव

nidhi
11 Sept 2026 2:26 PM IST
NSE IPO की कीमत तय रिटेल निवेशक ₹14,280 से लगा सकेंगे दांव
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NSE IPO की तारीख और प्राइस बैंड घोषित एक लॉट में मिलेंगे 8 शेयर
बिजनेस डेस्क: लंबे इंतजार के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर बड़ी जानकारी सामने आ गई है। NSE ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग के लिए 1,700 रुपये से 1,785 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। IPO में एक लॉट में 8 शेयर होंगे। ऐसे में ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन करने वाले रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए कम से कम 14,280 रुपये का निवेश करना होगा।
NSE का IPO लंबे समय से भारतीय शेयर बाजार के सबसे ज्यादा इंतजार किए जाने वाले पब्लिक इश्यू में शामिल था। यह इश्यू 17 सितंबर 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 21 सितंबर को बंद होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक शेयरों की लिस्टिंग 24 सितंबर के आसपास हो सकती है।
एक लॉट के लिए कितने रुपये चाहिए?
रिटेल निवेशकों के लिए सबसे अहम सवाल न्यूनतम निवेश का है। IPO का एक लॉट 8 शेयरों का रखा गया है। अगर निवेशक ऊपरी प्राइस बैंड 1,785 रुपये पर आवेदन करता है तो उसे—
₹1,785 × 8 शेयर = ₹14,280
का भुगतान करना होगा। यानी NSE IPO में एक लॉट के लिए न्यूनतम आवेदन राशि 14,280 रुपये होगी।
कितना बड़ा है NSE का IPO?
ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर NSE का IPO करीब 22,561 करोड़ रुपये का हो सकता है। यह भारतीय प्राइमरी मार्केट के सबसे बड़े IPO में शामिल होगा।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह IPO मुख्य रूप से Offer for Sale (OFS) है। यानी कंपनी नए शेयर जारी करके अपने लिए पूंजी नहीं जुटा रही है, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। Reuters के मुताबिक मौजूदा निवेशक करीब 12.64 करोड़ शेयर बेचने की तैयारी में हैं।
क्यों खास है NSE IPO?
NSE भारत के सबसे महत्वपूर्ण स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल है और ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से इसकी बाजार में मजबूत स्थिति है। इसके IPO की चर्चा करीब एक दशक से चल रही थी।
NSE ने दिसंबर 2016 में पहली बार IPO से जुड़े दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन को-लोकेशन और डार्क-फाइबर सहित विभिन्न नियामकीय मामलों के कारण प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही। सितंबर 2026 में SEBI की अंतिम मंजूरी के बाद IPO का रास्ता साफ हुआ।
रिटेल निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा
उपलब्ध विवरण के अनुसार IPO का 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित है, जबकि 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रखा गया है। बाकी हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए होगा।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
किसी बड़े और चर्चित IPO में निवेश करने से पहले केवल कंपनी के नाम या ग्रे मार्केट प्रीमियम को आधार बनाना उचित नहीं है। निवेशकों को कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूएशन, जोखिम और IPO दस्तावेजों को ध्यान से देखना चाहिए।
NSE IPO में अब निवेशकों की नजर 17 सितंबर को खुलने वाले सब्सक्रिप्शन और उसके बाद मिलने वाली प्रतिक्रिया पर रहेगी। ₹1,700-₹1,785 के प्राइस बैंड और 8 शेयरों के लॉट के साथ रिटेल निवेशक ऊपरी भाव पर ₹14,280 से आवेदन शुरू कर सकेंगे।
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