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तेल की कीमतों ने बिगाड़ा बाजार का मूड, महंगाई के डर से निवेशकों में बढ़ी चिंता

Ratna Netam
25 July 2026 8:12 PM IST
तेल की कीमतों ने बिगाड़ा बाजार का मूड, महंगाई के डर से निवेशकों में बढ़ी चिंता
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मुंबई : वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितताओं, महंगाई की आशंकाओं और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते जोखिमों के चलते घरेलू बाजार पूरे सप्ताह दबाव में रहा। कारोबारी सप्ताह के दौरान प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट दर्ज की गई।

सप्ताह के अंत में निफ्टी50 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,767 अंक के स्तर पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 331 अंक यानी 0.43 प्रतिशत फिसलकर 76,059 अंक पर पहुंच गया। पूरे सप्ताह की बात करें तो निफ्टी में 2.33 प्रतिशत और सेंसेक्स में 2.68 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और रेड सी क्षेत्र में बढ़ती बाधाओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला। कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने की आशंकाएं तेज हो गई हैं।

कच्चा तेल महंगाई का एक प्रमुख कारण माना जाता है, क्योंकि इसकी कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन लागत, उत्पादन खर्च और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है। यही वजह है कि निवेशकों ने इस सप्ताह बाजार में सतर्क रुख अपनाया।

ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के चलते अमेरिका और भारत दोनों में बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी देखने को मिली है। बाजार में अब सितंबर में ब्याज दरों में संभावित बदलाव को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना से शेयर बाजार में निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है, क्योंकि इससे कंपनियों की उधारी लागत बढ़ सकती है और आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ सकता है।

आईटी और अन्य सेक्टरों पर भी दबाव

वैश्विक परिस्थितियों के कारण कई प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में बिकवाली की और सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया। विदेशी बाजारों के संकेतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का असर घरेलू बाजार की दिशा पर बना रहा।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक मुद्रास्फीति के आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर निवेशकों की नजर रहेगी।

निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के दौर में जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें और कंपनियों के मूलभूत प्रदर्शन को ध्यान में रखकर निवेश रणनीति तैयार करें।

हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मजबूत कंपनियों में अवसर बने रह सकते हैं। आने वाले सप्ताह में वैश्विक घटनाक्रम और आर्थिक संकेतक शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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