
Business बिजनेस : सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और प्याज के बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए बफर स्टॉक प्रोग्राम के तहत प्याज का खरीद मूल्य बढ़ा दिया है। अब केंद्र सरकार प्याज के लिए 16.50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद करेगी। इससे पहले यह दर 15.80 रुपये प्रति किलो थी। प्याज की कीमत में यह बढ़ोतरी शनिवार से प्रभावी होगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और बाजार में दामों को संतुलित रखने में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार ने पिछले कुछ महीनों में प्याज की खरीद मूल्य को लगातार बढ़ाया है। सबसे पहले कीमत 12.70 रुपये प्रति किलो थी, जिसे बाद में 15.80 रुपये प्रति किलो किया गया था। सरकार का यह कदम खासकर उन किसानों के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक में बेचना चाहते हैं। प्याज के दामों में तेजी आने पर आम लोगों की पहुंच प्रभावित हो सकती है, लेकिन बफर स्टॉक प्रोग्राम के तहत खरीद मूल्य बढ़ाकर सरकार ने दोनों पक्षों का संतुलन बनाने की कोशिश की है।
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार की यह नीति किसानों को बेहतर लाभ दिलाने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद करेगी। प्याज एक ऐसा प्रमुख सब्जी उत्पाद है, जिसकी खपत पूरे देश में व्यापक रूप से होती है। इसके उत्पादन में उतार-चढ़ाव का असर न केवल किसानों की आय पर पड़ता है, बल्कि उपभोक्ताओं की जेब पर भी असर डालता है। इस नई दर के साथ प्याज की खरीद से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के अलावा कुछ अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि बफर स्टॉक प्रोग्राम की नियमित निगरानी और समय पर क्रियान्वयन से प्याज के दामों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सकता है। इससे न केवल किसानों की आमदनी में स्थिरता आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी उचित कीमतों पर प्याज उपलब्ध होगी। सरकार का यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और खाद्य वस्तुओं के दामों में संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।





