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AI ने 88 घंटे में हल किया मिलियन डॉलर का सवाल
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने गणित और टेक्नोलॉजी जगत में हलचल मचा दी है। OpenAI का कहना है कि उसके एक अगली पीढ़ी के इंटरनल AI मॉडल ने प्रसिद्ध Navier–Stokes existence and smoothness problem का समाधान तैयार किया है। यह गणित की सात प्रतिष्ठित Millennium Prize Problems में शामिल है और सही समाधान पर Clay Mathematics Institute की ओर से 10 लाख डॉलर का पुरस्कार निर्धारित है।
हालांकि इसे अभी अंतिम रूप से स्थापित उपलब्धि मानना जल्दबाजी होगी। OpenAI ने अपना तकनीकी समाधान सार्वजनिक किया है और अब दुनिया भर के गणितज्ञ इसकी बारीकी से जांच करेंगे।
88 घंटे में 10 हजार AI एजेंट लगाए
OpenAI के मुताबिक इस कठिन समस्या पर उसके नए मॉडल के साथ बड़े पैमाने पर कंप्यूटिंग शक्ति लगाई गई। करीब 10,000 समन्वित AI एजेंटों ने काम किया और लगभग 88 घंटे में समाधान तैयार हुआ। कंपनी का कहना है कि मॉडल ने एक विश्लेषणात्मक प्रमाण के साथ Lean में उसका औपचारिक रूप भी तैयार किया।
कंपनी का दावा है कि प्रमाण दिखाता है कि तीन आयामों में Navier-Stokes equations के तहत कुछ परिस्थितियों में एक सामान्य स्थिति से शुरू हुआ द्रव सीमित समय में singularity विकसित कर सकता है। सरल शब्दों में कहें तो समीकरण ऐसी स्थिति तक पहुंच सकते हैं जहां गणितीय समाधान अनियंत्रित हो जाता है।
आखिर क्या है Navier-Stokes की गुत्थी?
Navier-Stokes equations पानी और हवा जैसे द्रवों की गति को समझाने के लिए इस्तेमाल होती हैं। इनके जरिए वैज्ञानिक विमान के आसपास हवा के प्रवाह से लेकर मौसम और समुद्री धाराओं जैसे कई जटिल सिस्टम का अध्ययन करते हैं।
दशकों से गणितज्ञ यह साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि तीन आयामों में इन समीकरणों के समाधान हमेशा सुचारु बने रहते हैं या कुछ परिस्थितियों में उनमें singularity पैदा हो सकती है। इसी सवाल को Millennium Prize Problem बनाया गया था।
उपलब्धि के साथ शुरू हुआ विवाद
इस घोषणा का सबसे विवादास्पद हिस्सा समाधान से ज्यादा शोध का श्रेय और डेटा के इस्तेमाल को लेकर है। न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के गणितज्ञ Tristan Buckmaster और गणितज्ञ Levent Alpöge भी इसी क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम कर रहे थे। उन्होंने अपने शोध में OpenAI के Codex सहित AI टूल्स का इस्तेमाल किया था।
Buckmaster ने चिंता जताई है कि OpenAI को उनके और Alpöge के शोध की प्रगति की जानकारी मिलने के बाद कंपनी ने इसी समस्या पर भारी कंप्यूटिंग संसाधन लगा दिए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या उनके द्वारा AI टूल्स में डाली गई जानकारी ने किसी तरह OpenAI के मॉडल को प्रभावित किया हो सकता है।
OpenAI ने आरोपों से किया इनकार
OpenAI ने शोधकर्ताओं के निजी prompts या अप्रकाशित proof को अपने समाधान के लिए देखने या इस्तेमाल करने से इनकार किया है। कंपनी के शोधकर्ताओं का कहना है कि उसका प्रमाण स्वतंत्र रूप से तैयार हुआ और दूसरे शोधकर्ताओं के काम से महत्वपूर्ण रूप से अलग है।
हालांकि कंपनी ने यह भी कहा है कि वह इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं कर सकती कि उसके उत्पादों के इस्तेमाल से निकला de-identified data किसी स्तर पर मॉडल को बेहतर बनाने में शामिल हुआ हो। इसी बयान ने AI कंपनियों के पास मौजूद शोध संबंधी डेटा और वैज्ञानिक गोपनीयता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अभी नहीं मिलेगा 1 मिलियन डॉलर
OpenAI ने कहा है कि वह फिलहाल इस समाधान के लिए 10 लाख डॉलर का पुरस्कार लेने का दावा नहीं कर रही है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी Millennium Prize Problem के समाधान को स्वीकार किए जाने के लिए स्वतंत्र गणितीय जांच और Clay Mathematics Institute की निर्धारित प्रक्रिया महत्वपूर्ण होती है।
इसलिए फिलहाल सही शब्द यही है कि OpenAI ने Navier-Stokes समस्या हल करने का दावा किया है, न कि यह कि समस्या आधिकारिक तौर पर हमेशा के लिए हल घोषित हो चुकी है।
अगर यह प्रमाण स्वतंत्र जांच में सही साबित होता है, तो यह सिर्फ गणित की बड़ी उपलब्धि नहीं होगी बल्कि यह भी दिखाएगा कि AI अब ज्ञात समस्याओं के उत्तर देने से आगे बढ़कर मानव ज्ञान की सीमाओं पर मौजूद नई खोजों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
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