
नई दिल्ली। होटल और ट्रैवल टेक कंपनी Oyo की पैरेंट कंपनी PRISM ने अपने प्रस्तावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी प्राप्त कर ली है। इस मंजूरी के बाद कंपनी अपनी लिस्टिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
सूत्रों के अनुसार, PRISM ने दिसंबर 2025 के अंत में SEBI के पास गोपनीय ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (Confidential DRHP) दाखिल किया था। इस दस्तावेज में कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार का विवरण और IPO से जुटाई जाने वाली राशि के उपयोग का विवरण शामिल था। SEBI द्वारा इस दस्तावेज की समीक्षा के बाद IPO को हरी झंडी दे दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि PRISM के IPO के मंजूरी मिलने से भारतीय शेयर बाजार में होटल और ट्रैवल टेक सेक्टर के लिए उत्साह बढ़ा है। Oyo जैसी बड़ी टेक कंपनी की पैरेंट कंपनी के IPO के जरिए निवेशकों को इस क्षेत्र में निवेश का अवसर मिलेगा।
IPO के जरिए जुटाई जाने वाली राशि का उपयोग कंपनी के विस्तार, टेक्नोलॉजी सुधार और नई मार्केट्स में प्रवेश के लिए किया जाएगा। PRISM के अधिकारी बताते हैं कि यह कदम कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को मजबूत करने और Oyo के वैश्विक विस्तार को गति देने में मदद करेगा।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि Oyo और PRISM की ब्रांड वैल्यू और बाजार में मजबूत उपस्थिति के कारण IPO में निवेशकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, कंपनी का यह कदम भारतीय स्टार्टअप और टेक सेक्टर में नए निवेशकों को आकर्षित करने वाला भी साबित हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी इस IPO में रुचि दिखा सकते हैं, क्योंकि Oyo के होटल और ट्रैवल टेक मॉडल ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। इससे न केवल कंपनी को वित्तीय लाभ मिलेगा, बल्कि भारतीय टेक सेक्टर में निवेशकों का विश्वास भी बढ़ेगा।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि PRISM का यह IPO भारतीय शेयर बाजार में होटल और ट्रैवल टेक सेक्टर के लिए नए अवसर खोलेगा। यह कदम अन्य टेक और स्टार्टअप कंपनियों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकता है।





